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Haryana: वन्य जीव अधिकारी राजेंद्र परशाद डांगी निलंबित, खैर के पेड़ों की तस्करी मामले में आदेश जारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Sat, 21 Mar 2026 09:57 AM IST
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सार
पंचकुला के आसरेवाली जंगल में खैर के पेड़ों की तस्करी के पीछे डांगी की भूमिका संदिग्ध है, जिसके चलते सख्त कदम उठाया गया हैl विभाग के अनुसार, डांगी के खिलाफ विभागीय स्तर पर गंभीर अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही की शिकायतें सामने आई थीं।
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- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
हरियाणा सरकार के पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव विभाग ने पंचकूला के तत्कालीन डिविजनल वाइल्ड लाइफ ऑफिसर राजेंद्र परशाद डांगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में 20 मार्च 2026 को आधिकारिक आदेश जारी किए गए।
पंचकुला के आसरेवाली जंगल में खैर के पेड़ों की तस्करी के पीछे डांगी की भूमिका संदिग्ध है, जिसके चलते सख्त कदम उठाया गया हैl
विभाग के अनुसार, डांगी के खिलाफ विभागीय स्तर पर गंभीर अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही की शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं कारणों के चलते सरकार ने यह कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है। हालांकि आदेश में विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन इसे अनुशासनात्मक कार्रवाई माना जा रहा है।
निलंबन की अवधि के पहले छह महीनों तक उन्हें हरियाणा सिविल सर्विसेज (जनरल) नियम, 2016 के तहत निर्धारित गुजारा भत्ता (सब्सिस्टेंस अलाउंस) दिया जाएगा। साथ ही, इस दौरान उनका मुख्यालय रोहतक स्थित डिविजनल वाइल्ड लाइफ ऑफिसर कार्यालय रहेगा और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की इजाजत नहीं होगी।
जारी आदेश के अनुसार विभाग में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की कार्रवाई जरूरी है। मामले में आगे जांच के आधार पर अगला निर्णय लिया जाएगा।
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पंचकुला के आसरेवाली जंगल में खैर के पेड़ों की तस्करी के पीछे डांगी की भूमिका संदिग्ध है, जिसके चलते सख्त कदम उठाया गया हैl
विभाग के अनुसार, डांगी के खिलाफ विभागीय स्तर पर गंभीर अनियमितताओं और कार्य में लापरवाही की शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं कारणों के चलते सरकार ने यह कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है। हालांकि आदेश में विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन इसे अनुशासनात्मक कार्रवाई माना जा रहा है।
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निलंबन की अवधि के पहले छह महीनों तक उन्हें हरियाणा सिविल सर्विसेज (जनरल) नियम, 2016 के तहत निर्धारित गुजारा भत्ता (सब्सिस्टेंस अलाउंस) दिया जाएगा। साथ ही, इस दौरान उनका मुख्यालय रोहतक स्थित डिविजनल वाइल्ड लाइफ ऑफिसर कार्यालय रहेगा और बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की इजाजत नहीं होगी।
जारी आदेश के अनुसार विभाग में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की कार्रवाई जरूरी है। मामले में आगे जांच के आधार पर अगला निर्णय लिया जाएगा।