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Chandigarh-Haryana News: कम रैम वाले मोबाइल से सेहत की निगरानी, काम हो रहे बाधित
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पोषण ट्रैकर पर गर्भवती महिलाओं की रिपोर्ट, शारीरिक कमजोरी, लिंगानुपात आदि का ब्योरा करना होता है दर्ज
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा में गर्भवती महिलाओं, शिशुओं व दूध पिलाने वाली महिलाओं की सेहत की निगरानी के कार्य में लापरवाही हो रही है। प्रदेश की 25,962 आंगनबाड़ी वर्करों व सुपरवाइजरों को दो वर्ष पहले स्मार्ट फोन दिए गए थे। केंद्र सरकार ने पोषण से जुड़े सभी कार्यों के लिए पोषण ट्रैक एप तैयार किया था। केंद्र सरकार की संबंधित योजनाओं का इन स्मार्ट फोन के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण और ब्योरा दर्ज करना था लेकिन 4-जी वाले इन स्मार्ट फोन की स्टोरेज क्षमता कम होने से यह फोन बार-बार हैंग होने से काम प्रभावित हो रहा है।
राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2024 में सुपरवाइजरों व आंगनबाड़ी वर्करों को 28,484 स्मार्ट फोन दिए गए थे। जो स्मार्ट फोन दिए गए उनकी रैम 3-जीबी की है। 4-जी वाले इन स्मार्ट फोन में डाटा स्टोरेज की क्षमता कम होने से यह फोन आंगनबाड़ी वर्करों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। करनाल की आंगनबाड़ी वर्कर सुनीता के मोबाइल की बैटरी फट गई तो उन्होंने मुख्यालय में पिछले वर्ष शिकायत की थी। सुनीता अब अपने ही मोबाइल से काम कर रही हैं। रोहतक की कृष्णा का कहना है कि नेटवर्क को लेकर दिक्कत बनी रहती है।
प्रतिमाह केवल 166 रुपये का ही रिचार्ज
आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा की राज्य प्रधान रूपा राणा व राज्य सचिव बिजनेश राणा का कहना है कि जो स्मार्ट फोन दिए गए वह बार-बार हैंग होते हैं। बैटरी जल्द ही गर्म हो जाती है। बार-बार हैंग होने से वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भी देरी से आते हैं। आंगनबाड़ी वर्करों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यही है कि उन्हें रिचार्ज के नाम पर केवल 166 रुपये प्रति माह ही मिलते हैं। बार-बार मुख्यालय में चक्कर काटने के बाद कभी 6 माह तो कभी 8-10 माह बाद खातों में राशि आती है। अब मजबूरी में अपने मोबाइल से काम करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से निदेशालय में पहुंचकर समस्या से अवगत कराया जा रहा है मगर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। जो भी पोषण ट्रैकर एप से जुड़े ऑनलाइन कार्य हैं वह प्रभावित हो रहे हैं।
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जो मोबाइल फोन दिए गए थे उन्हें लेकर समस्याएं लगातार बताईं जा रही थीं इसलिए हमने केंद्र सरकार से परामर्श लिया था। जल्द ही इस प्रकरण में विस्तृत निर्देश जारी करके आगामी निर्णय लिया जाएगा।
प्रियंका सोनी, निदेशक, महिला एवं बाल विभाग हरियाणा
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पोषण ट्रैकर पर गर्भवती महिलाओं की रिपोर्ट, शारीरिक कमजोरी, लिंगानुपात आदि का ब्योरा करना होता है दर्ज
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा में गर्भवती महिलाओं, शिशुओं व दूध पिलाने वाली महिलाओं की सेहत की निगरानी के कार्य में लापरवाही हो रही है। प्रदेश की 25,962 आंगनबाड़ी वर्करों व सुपरवाइजरों को दो वर्ष पहले स्मार्ट फोन दिए गए थे। केंद्र सरकार ने पोषण से जुड़े सभी कार्यों के लिए पोषण ट्रैक एप तैयार किया था। केंद्र सरकार की संबंधित योजनाओं का इन स्मार्ट फोन के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण और ब्योरा दर्ज करना था लेकिन 4-जी वाले इन स्मार्ट फोन की स्टोरेज क्षमता कम होने से यह फोन बार-बार हैंग होने से काम प्रभावित हो रहा है।
राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2024 में सुपरवाइजरों व आंगनबाड़ी वर्करों को 28,484 स्मार्ट फोन दिए गए थे। जो स्मार्ट फोन दिए गए उनकी रैम 3-जीबी की है। 4-जी वाले इन स्मार्ट फोन में डाटा स्टोरेज की क्षमता कम होने से यह फोन आंगनबाड़ी वर्करों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। करनाल की आंगनबाड़ी वर्कर सुनीता के मोबाइल की बैटरी फट गई तो उन्होंने मुख्यालय में पिछले वर्ष शिकायत की थी। सुनीता अब अपने ही मोबाइल से काम कर रही हैं। रोहतक की कृष्णा का कहना है कि नेटवर्क को लेकर दिक्कत बनी रहती है।
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प्रतिमाह केवल 166 रुपये का ही रिचार्ज
आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन हरियाणा की राज्य प्रधान रूपा राणा व राज्य सचिव बिजनेश राणा का कहना है कि जो स्मार्ट फोन दिए गए वह बार-बार हैंग होते हैं। बैटरी जल्द ही गर्म हो जाती है। बार-बार हैंग होने से वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भी देरी से आते हैं। आंगनबाड़ी वर्करों के लिए सबसे बड़ी परेशानी यही है कि उन्हें रिचार्ज के नाम पर केवल 166 रुपये प्रति माह ही मिलते हैं। बार-बार मुख्यालय में चक्कर काटने के बाद कभी 6 माह तो कभी 8-10 माह बाद खातों में राशि आती है। अब मजबूरी में अपने मोबाइल से काम करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से निदेशालय में पहुंचकर समस्या से अवगत कराया जा रहा है मगर अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। जो भी पोषण ट्रैकर एप से जुड़े ऑनलाइन कार्य हैं वह प्रभावित हो रहे हैं।
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जो मोबाइल फोन दिए गए थे उन्हें लेकर समस्याएं लगातार बताईं जा रही थीं इसलिए हमने केंद्र सरकार से परामर्श लिया था। जल्द ही इस प्रकरण में विस्तृत निर्देश जारी करके आगामी निर्णय लिया जाएगा।
प्रियंका सोनी, निदेशक, महिला एवं बाल विभाग हरियाणा