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Chandigarh-Haryana News: हाउसिंग बोर्ड ने निवेशकों के 56 करोड़ रुपये लाैटाए
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प्रदेश में रद्द हो चुकी हैं कई आवासीय योजनाएं, संपत्तियों को सरेंडर करने वालों को भी लाैटाई जा रही रकम
रकम वापसी के लिए पोर्टल पर अभी भी किया जा सकता है आवेदन
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा हाउसिंग बोर्ड ने रद्द हो चुकी कई बड़ी आवासीय योजनाओं और संपत्तियों को सरेंडर करवाने वालों की रकम लाैटानी शुरू कर दी है। इसके लिए पोर्टल खोला गया है। अब तक विभिन्न योजनाओं में रकम वापसी के लिए आवेदन करने वालों को करीब 56 करोड़ रुपये लौटाए गए हैं। करीब 8 करोड़ रुपये और लाैटाने के लिए ब्योरा तैयार किया गया है। पोर्टल अभी खुला है और रकम वापसी के लिए अभी भी आवेदन किया जा सकता है।
हरियाणा हाउसिंग बोर्ड ने बहादुरगढ़, झज्जर, फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, हिसार, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, रोहतक, चरखी दादरी व सोनीपत में कई आवासीय योजनाएं चलाईं थीं। झज्जर के सेक्टर 9 में डिफेंस से संबंधित योजना तकनीकी कारणों से रद्द हो गई थी। इसी तरह से फरीदाबाद के सेक्टर 65 और पलवल के सेक्टर 12 में डिफेंस की आवासीय योजना भी रद्द हो गई थी। गुरुग्राम के सेक्टर 102 और सेक्टर 106 में भी डिफेंस से संबंधित योजनाओं के रद्द होने के कारण रकम वापसी के लिए आवेदन मांगे गए हैं। महेंद्रगढ़ के सेक्टर 9-10, रेवाड़ी के सेक्टर 18, रोहतक के सांपला और रोहतक के ही सेक्टर 5-6 में भी डिफेंस से संबंधित आवासीय योजनाएं रद्द हो गई थीं।
हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय के ब्योरे के अनुसार करीब 3000 लोगों ने विभिन्न योजनाओं में रकम वापसी के लिए आवेदन किया था। इनके खातों में रकम ट्रांसफर कर दी गई है। हरियाणा हाउसिंग बोर्ड की सचिव रूचि सिंह का कहना है कि जो योजनाएं रद्द हो गई हैं या फिर प्लाॅट मालिकों ने संपत्तियां सरेंडर करा दी हैं वह रकम वापसी के लिए अभी भी आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल अभी खुला है और संपदा कार्यालयों से भी संबंधित व्यक्ति संपर्क कर सकते हैं।
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ईडब्ल्यूएस व बीपीएल श्रेणी में भी कई आवास हुए सरेंडर
ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर) व बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले) श्रेणी में भी हाउसिंग बोर्ड की कई योजनाओं में आवासीय संपत्तियों को खरीदने के लिए आवेदन आए थे। बाद में किन्हीं कारणों से पूरी रकम जमा कराने के बजाय कई लोगों ने संपत्तियों को सरेंडर करा दिया। आवासीय संपत्तियों को सरेंडर कराने वालों ने भी बड़ी संख्या में रकम वापसी के लिए आवेदन किया है।
एचएसवीपी में शामिल होने की अधिसूचना का इंतजार
हरियाणा हाउसिंग बोर्ड का गठन वर्ष 1971 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चाैधरी बंसीलाल के कार्यकाल में किया गया था। हाउसिंग बोर्ड को एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) में शामिल करने के लिए लंबे समय से प्रक्रिया जारी थी। सरकार विधानसभा में संशोधित बिल लेकर आई थी जिससे अब हाउसिंग बोर्ड के एचएसवीपी में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार की तरफ से अधिसूचना जारी होने के बाद अधिकारियों, कर्मचारियों, संपत्तियों आदि का ब्योरा तैयार होगा।
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रकम वापसी के लिए पोर्टल पर अभी भी किया जा सकता है आवेदन
अरुण शर्मा
चंडीगढ़। हरियाणा हाउसिंग बोर्ड ने रद्द हो चुकी कई बड़ी आवासीय योजनाओं और संपत्तियों को सरेंडर करवाने वालों की रकम लाैटानी शुरू कर दी है। इसके लिए पोर्टल खोला गया है। अब तक विभिन्न योजनाओं में रकम वापसी के लिए आवेदन करने वालों को करीब 56 करोड़ रुपये लौटाए गए हैं। करीब 8 करोड़ रुपये और लाैटाने के लिए ब्योरा तैयार किया गया है। पोर्टल अभी खुला है और रकम वापसी के लिए अभी भी आवेदन किया जा सकता है।
हरियाणा हाउसिंग बोर्ड ने बहादुरगढ़, झज्जर, फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, हिसार, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, रोहतक, चरखी दादरी व सोनीपत में कई आवासीय योजनाएं चलाईं थीं। झज्जर के सेक्टर 9 में डिफेंस से संबंधित योजना तकनीकी कारणों से रद्द हो गई थी। इसी तरह से फरीदाबाद के सेक्टर 65 और पलवल के सेक्टर 12 में डिफेंस की आवासीय योजना भी रद्द हो गई थी। गुरुग्राम के सेक्टर 102 और सेक्टर 106 में भी डिफेंस से संबंधित योजनाओं के रद्द होने के कारण रकम वापसी के लिए आवेदन मांगे गए हैं। महेंद्रगढ़ के सेक्टर 9-10, रेवाड़ी के सेक्टर 18, रोहतक के सांपला और रोहतक के ही सेक्टर 5-6 में भी डिफेंस से संबंधित आवासीय योजनाएं रद्द हो गई थीं।
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हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय के ब्योरे के अनुसार करीब 3000 लोगों ने विभिन्न योजनाओं में रकम वापसी के लिए आवेदन किया था। इनके खातों में रकम ट्रांसफर कर दी गई है। हरियाणा हाउसिंग बोर्ड की सचिव रूचि सिंह का कहना है कि जो योजनाएं रद्द हो गई हैं या फिर प्लाॅट मालिकों ने संपत्तियां सरेंडर करा दी हैं वह रकम वापसी के लिए अभी भी आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल अभी खुला है और संपदा कार्यालयों से भी संबंधित व्यक्ति संपर्क कर सकते हैं।
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ईडब्ल्यूएस व बीपीएल श्रेणी में भी कई आवास हुए सरेंडर
ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर) व बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले) श्रेणी में भी हाउसिंग बोर्ड की कई योजनाओं में आवासीय संपत्तियों को खरीदने के लिए आवेदन आए थे। बाद में किन्हीं कारणों से पूरी रकम जमा कराने के बजाय कई लोगों ने संपत्तियों को सरेंडर करा दिया। आवासीय संपत्तियों को सरेंडर कराने वालों ने भी बड़ी संख्या में रकम वापसी के लिए आवेदन किया है।
एचएसवीपी में शामिल होने की अधिसूचना का इंतजार
हरियाणा हाउसिंग बोर्ड का गठन वर्ष 1971 में तत्कालीन मुख्यमंत्री चाैधरी बंसीलाल के कार्यकाल में किया गया था। हाउसिंग बोर्ड को एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) में शामिल करने के लिए लंबे समय से प्रक्रिया जारी थी। सरकार विधानसभा में संशोधित बिल लेकर आई थी जिससे अब हाउसिंग बोर्ड के एचएसवीपी में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार की तरफ से अधिसूचना जारी होने के बाद अधिकारियों, कर्मचारियों, संपत्तियों आदि का ब्योरा तैयार होगा।