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Chandigarh-Haryana News: पुलिस हिरासत में उत्पीड़न की शिकायत पर मानवाधिकार आयोग ने मांगा जवाब
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गुरुग्राम की महिला का आरोप- पुलिस ने पति को पीटा व खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने पुलिस हिरासत में कथित यातना, शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न और संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े एक मामले का संज्ञान लेते हुए निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने संबंधित पुलिस इकाइयों की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने, हिरासत में सुरक्षा उपायों की जांच करने व पुलिस प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करने के लिए कहा है।
पीड़िता खुशी शर्मा की ओर से दायर शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पति राकेश शर्मा को थाना सिविल लाइंस गुरुग्राम से जुड़े मामले में पुलिस ने हिरासत में रख गंभीर यातनाएं दी। शिकायत के अनुसार एफआईआर में राकेश शर्मा का नाम दर्ज नहीं था फिर भी उन्हें 4 मई से 8 मई तक हिरासत में रखकर कथित रूप से थर्ड डिग्री यातना दी गई। उनके साथ मारपीट की गई, निर्वस्त्र किया गया, धमकियां दी गईं और खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए।
शिकायत में कहा गया है कि कथित उत्पीड़न के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और उपचार के लिए रोहतक पीजीआई ले जाना पड़ा। आयोग ने पुलिस आयुक्त गुरुग्राम को निर्देश दिए हैं कि राज्य अपराध शाखा भोंडसी, सीआईए शाखा सेक्टर-40 और थाना सिविल लाइंस गुरुग्राम की 4 से 9 मई तक की समस्त सीसीटीवी फुटेज तत्काल सुरक्षित रखी जाए और किसी प्रकार की छेड़छाड़ न होने दी जाए। साथ ही आरोपों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जाए। आयोग ने गृह विभाग और पुलिस महानिदेशक से राज्यभर में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आगे की सुनवाई के लिए मामले को पूर्ण आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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चंडीगढ़। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने पुलिस हिरासत में कथित यातना, शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न और संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े एक मामले का संज्ञान लेते हुए निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने संबंधित पुलिस इकाइयों की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने, हिरासत में सुरक्षा उपायों की जांच करने व पुलिस प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करने के लिए कहा है।
पीड़िता खुशी शर्मा की ओर से दायर शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पति राकेश शर्मा को थाना सिविल लाइंस गुरुग्राम से जुड़े मामले में पुलिस ने हिरासत में रख गंभीर यातनाएं दी। शिकायत के अनुसार एफआईआर में राकेश शर्मा का नाम दर्ज नहीं था फिर भी उन्हें 4 मई से 8 मई तक हिरासत में रखकर कथित रूप से थर्ड डिग्री यातना दी गई। उनके साथ मारपीट की गई, निर्वस्त्र किया गया, धमकियां दी गईं और खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए।
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शिकायत में कहा गया है कि कथित उत्पीड़न के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और उपचार के लिए रोहतक पीजीआई ले जाना पड़ा। आयोग ने पुलिस आयुक्त गुरुग्राम को निर्देश दिए हैं कि राज्य अपराध शाखा भोंडसी, सीआईए शाखा सेक्टर-40 और थाना सिविल लाइंस गुरुग्राम की 4 से 9 मई तक की समस्त सीसीटीवी फुटेज तत्काल सुरक्षित रखी जाए और किसी प्रकार की छेड़छाड़ न होने दी जाए। साथ ही आरोपों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत की जाए। आयोग ने गृह विभाग और पुलिस महानिदेशक से राज्यभर में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आगे की सुनवाई के लिए मामले को पूर्ण आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।