पति की आंखों में तेजाब डालने वाली पत्नी को उम्रकैद: गैरमर्द के साथ पकड़ी गई थी महिला, पढ़ें कहकशां की करतूत
मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट पीठासीन अधिकारी गोपाल जी के न्यायालय में चल रही थी। एडीजीसी नरेंद्र कुमार यादव ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। न्यायालय ने 27 मई को महिला कहकशां को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया था और एक जून दिन सोमवार को अंतिम निर्णय सुनाए जाने की तिथि निर्धारित कर दी थी। सोमवार न्यायालय ने दोषी कहकशां को आजीवन कारावास और 1,76000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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यूपी के संभल थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में हुए पति पर तेजाब फेंकने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 10 सुनवाई के बाद ही महिला को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया था। इस मामले में फार्स्ट ट्रैक कोर्ट ने सोमवार को अंतिम निर्णय सुनाते हुए दोषी महिला को आजीवन कारावास और 1,76000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पति का करता था इंवर्टर बैटरी का काम
कथानक इस प्रकार है कि वादिनी नाजुक ने 24 मार्च 2025 को एक प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक को दिया था। जिसमें बताया कि उसके भाई मुजफ्फर अली काफी समय से अपना मकान बना कर मोहल्ला बदायूं दरवाजा निकट बुलबुली वाली मस्जिद थाना संभल में रह रहे थे। जो इंवर्टर बैटरी का काम करता है। जिनके दो बच्चे हैं। भाई की पत्नी कहकशां लड़ाई झगड़ा करती रहती थी और गलत प्रवृत्ति में पड़ गई थी। भाई की पत्नी तलाक मांगती थी। इसमें कहकशां के परिवार के लोग भी साथ देते थे।
पति को खाने में दिया था नशीला पदार्थ
उक्त लोगों ने कई बार मुजफ्फर अली को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इसी रंजिश के चलते छह मार्च 2025 को उक्त लोगों के कहने पर रात के खाने में मुजफ्फर अली को नशीला पदार्थ डाल कर खाना खिला दिया था। अगले दिन सात मार्च को सुबह छह बजे भाई की पत्नी अज्ञात व्यक्ति के साथ घर में थी। इसी दौरान भाई मुजफ्फर की आंख खुल गई। जिससे अज्ञात व्यक्ति भाग गया।
तेजाब की वजह से चली गई पति को दोनों आंखें
कहकशां ने घर में बाल्टी रखा तेजाब मुजफ्फर के चेहरे पर जान से मारने की नीयत से फेंक दिया। मुजफ्फर अली का चेहरा और आधा शरीर बुरी तरह झुलस गया। मुजफ्फर की दोनों आंखें चली गईं। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद न्यायालय में कहकशां के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
उम्रकैद के साथ देना होगा 1,76000 रुपये
मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट पीठासीन अधिकारी गोपाल जी के न्यायालय में चल रही थी। एडीजीसी नरेंद्र कुमार यादव ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। न्यायालय ने 27 मई को महिला कहकशां को दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया था और एक जून दिन सोमवार को अंतिम निर्णय सुनाए जाने की तिथि निर्धारित कर दी थी। सोमवार न्यायालय ने दोषी कहकशां को आजीवन कारावास और 1,76000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़ित मुजफ्फर अली को प्रदान की जाएगी।