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Chandigarh-Haryana News: नाबालिग से दुष्कर्म पर महिला आयोग सख्त, स्वास्थ्य विभाग से मांगी रिपोर्ट
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- कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल का मामला, आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य महिला आयोग ने कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी ) अस्पताल के एक डॉक्टर पर नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और यौन शोषण के आरोपों के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर मामले में तत्काल कार्रवाई करने और एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) भेजने को कहा है।
आयोग का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल एक नाबालिग की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर हमला है बल्कि एक डॉक्टर जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा विश्वास का दुरुपयोग भी है। महिला आयोग ने स्वास्थ्य विभाग से आरोपी डॉक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई के लिए कहा है। साथ ही विभागीय जांच शुरू कर आवश्यक अनुशासनात्मक कदम उठाने के भी निर्देश दिए हैं। पीड़िता की सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। आरोपी डॉक्टर की सेवा समाप्त करने की संभावना पर भी नियमों के अनुसार विचार करने की सिफारिश की गई है। हालांकि एक दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमित मिश्रा के आदेश पर डॉक्टर की सेवाएं तुरंत प्रभाव से रोक दी गई हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। राज्य महिला आयोग ने कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी ) अस्पताल के एक डॉक्टर पर नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और यौन शोषण के आरोपों के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर मामले में तत्काल कार्रवाई करने और एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) भेजने को कहा है।
आयोग का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल एक नाबालिग की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर हमला है बल्कि एक डॉक्टर जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा विश्वास का दुरुपयोग भी है। महिला आयोग ने स्वास्थ्य विभाग से आरोपी डॉक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पॉक्सो एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई के लिए कहा है। साथ ही विभागीय जांच शुरू कर आवश्यक अनुशासनात्मक कदम उठाने के भी निर्देश दिए हैं। पीड़िता की सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। आरोपी डॉक्टर की सेवा समाप्त करने की संभावना पर भी नियमों के अनुसार विचार करने की सिफारिश की गई है। हालांकि एक दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ सुमित मिश्रा के आदेश पर डॉक्टर की सेवाएं तुरंत प्रभाव से रोक दी गई हैं।
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