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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Hybrid hearings for RTI cases; 25,000 officials to undergo training.

Chandigarh-Haryana News: आरटीआई मामलों की हाइब्रिड सुनवाई, 25 हजार अधिकारियों की होगी ट्रेनिंग

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- 6300 सरपंच भी होंगे शामिल, ई-फाइलिंग से लेकर खुद तारीख चुनने तक की सुविधा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में आरटीआई मामलों के जल्द निपटारे और सूचना देने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए राज्य सूचना आयोग 25 हजार राज्य लोक सूचना अधिकारियों (एसपीआईओ) और प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों (एफएए) को प्रशिक्षण देगा। इसमें करीब 6300 सरपंच भी शामिल होंगे। वहीं, 100 फीसदी हाईब्रिड सुनवाई (वीसी-ऑफलाइन), ई-फाइलिंग से साथ खुद तारीख चुनने तक की सुविधा भी मिलेगी। यह जानकारी पंचकूला स्थित दफ्तर में मुख्य सूचना आयुक्त टीवीएसएन प्रसाद ने प्रेसवार्ता में दी।
हाइब्रिड सुनवाई में पक्षकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ सकेंगे और जरूरत होने पर आयोग में मौजूद होकर भी सुनवाई में हिस्सा ले सकेंगे। ऑनलाइन सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारी को रिकॉर्ड के साथ उपलब्ध रहना होगा जिससे दस्तावेज न होने के कारण सुनवाई टालने की स्थिति न आए। किसी पक्ष के पास स्मॉर्ट फोन नहीं होने की स्थिति में एक पक्ष की बातचीत रिकॉर्ड कर दूसरे पक्ष को सुनाई जाएगी।
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सालभर चलने वाला प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 अगस्त से ऑनलाइन और ऑफलाइन शुरू होगा। इसमें अधिकारियों को आरटीआई कानून, सूचना देने की जिम्मेदारी और एफएए की अर्द्ध-न्यायिक भूमिका की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में एएससीआई हैदराबाद और एचआईपीए (हिपा) का सहयोग रहेगा। मुख्य सूचना आयुक्त ने बताया कि लोग कई मामलों में आरटीआई का गलत इस्तेमाल भी कर रहे हैं। सड़क पर कांस्टेबल वाहन चालक से लाइसेंस पूछता है तो उस कांस्टेबल की डिग्री, उसके खिलाफ लंबित कार्रवाई, उसने नौकरी कैसे हासिल की जैसे अन्य जानकारी मांगते हैं। इसी तरह एक कस्बे में एक ही विभाग के खिलाफ 200-250 एप्लीकेशन डाल दे रहे हैं।
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मामलों का केंद्रीय पंजीकरण
आयोग ने केंद्रीय पंजीकरण इकाई बनाई है। यहां मामलों की प्रारंभिक जांच और पंजीकरण के बाद रजिस्ट्रार स्तर पर उनका आवंटन होगा। सूचना आयुक्तों को एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी देने से मामलों के वितरण में भी संतुलन बनेगा।


दूसरी अपील की ई-फाइलिंग
आरटीआई आवेदन और प्रथम अपील के बाद दूसरी अपील और शिकायत भी ऑनलाइन दाखिल की जा सकेगी। प्राथमिकता वाले मामलों के लिए पोर्टल पर लाइव लिंक की सुविधा प्रस्तावित है। आगे पक्षकार उपलब्ध स्लॉट में खुद सुनवाई की तारीख चुन सकेंगे। जरूरी मामलों में प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई के लिए प्रत्येक आयुक्त के पास पांच स्लॉट भी रखे जाएंगे।



रिकॉर्ड पेपरलेस होगा
आयोग के दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। बेंच की कॉज लिस्ट और फैसले वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे। महत्वपूर्ण फैसलों के लिए त्रैमासिक जर्नल और इम्पोर्टेंट केस बुलेटिन शुरू करने की भी तैयारी है।



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