{"_id":"6a7b246963e38be365041bc0","slug":"now-the-public-will-say-where-improvements-are-needed-in-the-administration-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-1094008-2026-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: अब जनता बताएगी प्रशासन में कहां चाहिए सुधार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: अब जनता बताएगी प्रशासन में कहां चाहिए सुधार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- अक्तूबर से दिसंबर तक सुधार उत्सव, सुझावों की छंटनी से लेकर अमल और नतीजों की निगरानी तक होगी पूरी प्रक्रिया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब लोगों से सीधे सुझाव लिए जाएंगे। सरकार अक्तूबर से दिसंबर 2026 तक सुधार उत्सव चलाएगी। अभियान का मकसद केवल शिकायतें जुटाना नहीं बल्कि ऐसी समस्याओं और सुझावों की पहचान करना है जिनके समाधान से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा हो। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह आदेश जारी हुआ।
अभियान की शुरुआत 2 अक्तूबर से गांवों में जन मंथन सभाओं के साथ होगी। ग्राम पंचायतों में अधिकारियों के साथ सांसद, विधायक और स्थानीय प्रतिनिधि लोगों से संवाद करेंगे। कॉमन सर्विस सेंटर और माई भारत स्वयंसेवकों के जरिए भी सुझाव दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। स्कूलों, महिला स्वयं सहायता समूहों, किसान संगठनों, व्यापारियों, उद्योगों और आरडब्ल्यूए को भी जोड़ा जाएगा।
सुझावों को तीन चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा
सुझावों को तीन चरणों जन मंथन, विमर्श और जन समाधान में आगे बढ़ाया जाएगा। 10 अक्तूबर से 30 नवंबर तक विभाग सुझावों की जांच कर उन्हें त्वरित और मध्यम अवधि के सुधारों में बांटेंगे। जो काम तुरंत हो सकते हैं उन्हें लागू किया जाएगा जबकि बड़े बदलावों के लिए कार्ययोजना तैयार होगी। 10 अक्तूबर से 20 दिसंबर तक जन समाधान चरण में अमल पर जोर रहेगा। हर सुझाव को सुधार नहीं माना जाएगा। यह देखा जाएगा कि उसका लाभ व्यापक हो, समस्या के मूल कारण का समाधान हो और उसे दूसरी जगह भी लागू किया जा सके। लागू सुधारों की प्रगति वेबसाइट और डैशबोर्ड पर दिखाई जाएगी।
विज्ञापन
25 से 27 दिसंबर तक संकल्प सिद्धि कार्यक्रम में सफल सुधारों और उनके परिणामों को सामने रखा जाएगा। राज्य और जिला स्तर पर निगरानी के लिए समन्वय व्यवस्था भी बनेगी। राज्य सरकार की योजना है कि लोगों के सुझाव सीधे प्रशासनिक बदलाव और बेहतर सरकारी सेवाओं में दिखाई दें।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब लोगों से सीधे सुझाव लिए जाएंगे। सरकार अक्तूबर से दिसंबर 2026 तक सुधार उत्सव चलाएगी। अभियान का मकसद केवल शिकायतें जुटाना नहीं बल्कि ऐसी समस्याओं और सुझावों की पहचान करना है जिनके समाधान से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा हो। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह आदेश जारी हुआ।
अभियान की शुरुआत 2 अक्तूबर से गांवों में जन मंथन सभाओं के साथ होगी। ग्राम पंचायतों में अधिकारियों के साथ सांसद, विधायक और स्थानीय प्रतिनिधि लोगों से संवाद करेंगे। कॉमन सर्विस सेंटर और माई भारत स्वयंसेवकों के जरिए भी सुझाव दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। स्कूलों, महिला स्वयं सहायता समूहों, किसान संगठनों, व्यापारियों, उद्योगों और आरडब्ल्यूए को भी जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
सुझावों को तीन चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा
सुझावों को तीन चरणों जन मंथन, विमर्श और जन समाधान में आगे बढ़ाया जाएगा। 10 अक्तूबर से 30 नवंबर तक विभाग सुझावों की जांच कर उन्हें त्वरित और मध्यम अवधि के सुधारों में बांटेंगे। जो काम तुरंत हो सकते हैं उन्हें लागू किया जाएगा जबकि बड़े बदलावों के लिए कार्ययोजना तैयार होगी। 10 अक्तूबर से 20 दिसंबर तक जन समाधान चरण में अमल पर जोर रहेगा। हर सुझाव को सुधार नहीं माना जाएगा। यह देखा जाएगा कि उसका लाभ व्यापक हो, समस्या के मूल कारण का समाधान हो और उसे दूसरी जगह भी लागू किया जा सके। लागू सुधारों की प्रगति वेबसाइट और डैशबोर्ड पर दिखाई जाएगी।
विज्ञापन
25 से 27 दिसंबर तक संकल्प सिद्धि कार्यक्रम में सफल सुधारों और उनके परिणामों को सामने रखा जाएगा। राज्य और जिला स्तर पर निगरानी के लिए समन्वय व्यवस्था भी बनेगी। राज्य सरकार की योजना है कि लोगों के सुझाव सीधे प्रशासनिक बदलाव और बेहतर सरकारी सेवाओं में दिखाई दें।