{"_id":"6a281b707e00868eae0623f5","slug":"modern-laboratories-for-testing-food-products-will-be-opened-in-eight-districts-chandigarh-haryana-news-c-16-pkl1010-1041247-2026-06-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: आठ जिलों में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए आधुनिक लैब खुलेंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: आठ जिलों में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए आधुनिक लैब खुलेंगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हिसार, जींद, नारनौल, सिरसा और यमुनानगर में स्थापित होंगी समेकित खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं
गुरुग्राम, फरीदाबाद और रोहतक में सौ फीसदी फंडिंग मॉडल के तहत स्थापित होंगी प्रयोगशालाएं
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के सहयोग से हिसार, जींद, नारनौल, सिरसा और यमुनानगर में समेकित खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं (सीआईएफटीएल) स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। करनाल स्थित जिला खाद्य प्रयोगशाला में अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा शत-प्रतिशत फंडिंग मॉडल के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद और रोहतक में प्रयोगशालाएं स्थापित करने का प्रस्ताव राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड को भेजा गया है। विभाग ने रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के 12 अतिरिक्त पद सृजित करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। प्रतिनियुक्ति पर चयनित 8 अधिकारियों के विभाग में शामिल होने से निगरानी एवं प्रवर्तन गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग की एसीएस (अतिरिक्त मुख्य सचिव) डाॅ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि बढ़ते कार्यक्षेत्र को देखते हुए जिला इकाइयों के लिए कार्यालय भवन उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है क्योंकि वर्तमान में अनेक इकाइयां सिविल अस्पतालों में सीमित स्थान से संचालित हो रही हैं। निरीक्षण, छापेमारी और खाद्य नमूनों के परिवहन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त वाहनों और अन्य लॉजिस्टिक सहायता का भी प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि 2025-26 के दौरान विभाग ने 2,211 खाद्य नमूने एकत्रित किए जिनमें से 805 मामलों में मानकों का उल्लंघन पाया गया। इन मामलों में 111 दोष सिद्धियां हुईं और कुल 2.35 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।
गुरुग्राम, फरीदाबाद और रोहतक में सौ फीसदी फंडिंग मॉडल के तहत स्थापित होंगी प्रयोगशालाएं
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के सहयोग से हिसार, जींद, नारनौल, सिरसा और यमुनानगर में समेकित खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाएं (सीआईएफटीएल) स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। करनाल स्थित जिला खाद्य प्रयोगशाला में अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा शत-प्रतिशत फंडिंग मॉडल के तहत गुरुग्राम, फरीदाबाद और रोहतक में प्रयोगशालाएं स्थापित करने का प्रस्ताव राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड को भेजा गया है। विभाग ने रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के 12 अतिरिक्त पद सृजित करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। प्रतिनियुक्ति पर चयनित 8 अधिकारियों के विभाग में शामिल होने से निगरानी एवं प्रवर्तन गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग की एसीएस (अतिरिक्त मुख्य सचिव) डाॅ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि बढ़ते कार्यक्षेत्र को देखते हुए जिला इकाइयों के लिए कार्यालय भवन उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है क्योंकि वर्तमान में अनेक इकाइयां सिविल अस्पतालों में सीमित स्थान से संचालित हो रही हैं। निरीक्षण, छापेमारी और खाद्य नमूनों के परिवहन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त वाहनों और अन्य लॉजिस्टिक सहायता का भी प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि 2025-26 के दौरान विभाग ने 2,211 खाद्य नमूने एकत्रित किए जिनमें से 805 मामलों में मानकों का उल्लंघन पाया गया। इन मामलों में 111 दोष सिद्धियां हुईं और कुल 2.35 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन