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Chandigarh-Haryana News: अब प्रदेश में भ्रष्ट अफसरों-कर्मचारियों की सूची तैयार करेगा एंटी करप्शन ब्यूरो
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी पर शिकंजा कसने की दिशा में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवीएंडएसीबी) ने बड़ा कदम उठाया है।
जनता से सीधे या परोक्ष रूप से रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की अब बाकायदा पहचान कर उनकी सत्यापित सूची तैयार की जाएगी, जिसे सरकार को सौंपा जाएगा।
एसवीएंडएसीबी न केवल भ्रष्ट छवि वाले अधिकारियों को चिह्नित करेगी बल्कि ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों को संरक्षण व सम्मान देने की भी सिफारिश करेगी। इससे पहले प्रदेश में भ्रष्ट पटवारियों की सूची भी तैयार की जा चुकी है।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में तय हुई सख्त रणनीति
एसवीएंडएसीबी प्रमुख अरशिंदर चावला ने मंगलवार को प्रदेश के सभी रेंज के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में एसीबी की प्राथमिकताओं, कार्यप्रणाली और भविष्य की रणनीति को लेकर स्पष्ट, सख्त और समयबद्ध दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियानों की समीक्षा के साथ-साथ आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तार से मंथन किया गया।
ईमानदार अधिकारियों को मिलेगा संरक्षण और सम्मान
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे अधिकारी और कर्मचारी हैं जो पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। चावला ने निर्देश दिए कि ऐसे अधिकारियों से नियमित संवाद बनाए रखा जाए, उन्हें प्रशासनिक संरक्षण दिया जाए और समय-समय पर उनके अच्छे कार्यों को सार्वजनिक रूप से सराहा व पुरस्कृत किया जाए। उन्होंने कहा कि ईमानदार अधिकारियों को सम्मान और प्रोत्साहन देना ही भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को सबसे मजबूत बनाता है।
तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर
एसीबी प्रमुख ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सभी अधिकारियों का टेक-सेवी होना अनिवार्य है। आधुनिक तकनीकी उपकरण न केवल ट्रैप मामलों को सशक्त और साक्ष्य-समृद्ध बनाते हैं, बल्कि न्यायालय में प्रभावी पैरवी और त्वरित निपटारे में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
हर जिले के भ्रष्ट अफसर रडार पर
अरशिंदर चावला ने कहा कि हर जिले में कुछ ऐसे अधिकारी और कर्मचारी होते हैं, जिनकी छवि सर्वविदित रूप से भ्रष्ट होती है और जो बिना रिश्वत के काम करने से साफ इन्कार करते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सरकारी व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाले तत्वों की विस्तृत, अपडेटेड और सत्यापित सूची तैयार की जाए। चावला ने दो टूक कहा कि भ्रष्टाचारियों को किसी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। आज नहीं तो कल वे कानून के शिकंजे में होंगे।
ऐसा खौफ बने कि ईमानदारी को मिले बढ़ावा
चावला ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को शुद्ध करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि रिश्वतखोरी में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सुनियोजित, गोपनीय और तकनीकी रूप से मजबूत ट्रैप योजनाएं बनाई जाएं, ताकि किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों में कानून का ऐसा खौफ होना चाहिए, जिससे ईमानदार अधिकारी बिना दबाव और भय के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।
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चंडीगढ़। प्रदेश के सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी पर शिकंजा कसने की दिशा में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवीएंडएसीबी) ने बड़ा कदम उठाया है।
जनता से सीधे या परोक्ष रूप से रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की अब बाकायदा पहचान कर उनकी सत्यापित सूची तैयार की जाएगी, जिसे सरकार को सौंपा जाएगा।
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एसवीएंडएसीबी न केवल भ्रष्ट छवि वाले अधिकारियों को चिह्नित करेगी बल्कि ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों को संरक्षण व सम्मान देने की भी सिफारिश करेगी। इससे पहले प्रदेश में भ्रष्ट पटवारियों की सूची भी तैयार की जा चुकी है।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में तय हुई सख्त रणनीति
एसवीएंडएसीबी प्रमुख अरशिंदर चावला ने मंगलवार को प्रदेश के सभी रेंज के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में एसीबी की प्राथमिकताओं, कार्यप्रणाली और भविष्य की रणनीति को लेकर स्पष्ट, सख्त और समयबद्ध दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियानों की समीक्षा के साथ-साथ आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तार से मंथन किया गया।
ईमानदार अधिकारियों को मिलेगा संरक्षण और सम्मान
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे अधिकारी और कर्मचारी हैं जो पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। चावला ने निर्देश दिए कि ऐसे अधिकारियों से नियमित संवाद बनाए रखा जाए, उन्हें प्रशासनिक संरक्षण दिया जाए और समय-समय पर उनके अच्छे कार्यों को सार्वजनिक रूप से सराहा व पुरस्कृत किया जाए। उन्होंने कहा कि ईमानदार अधिकारियों को सम्मान और प्रोत्साहन देना ही भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को सबसे मजबूत बनाता है।
तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर
एसीबी प्रमुख ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सभी अधिकारियों का टेक-सेवी होना अनिवार्य है। आधुनिक तकनीकी उपकरण न केवल ट्रैप मामलों को सशक्त और साक्ष्य-समृद्ध बनाते हैं, बल्कि न्यायालय में प्रभावी पैरवी और त्वरित निपटारे में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
हर जिले के भ्रष्ट अफसर रडार पर
अरशिंदर चावला ने कहा कि हर जिले में कुछ ऐसे अधिकारी और कर्मचारी होते हैं, जिनकी छवि सर्वविदित रूप से भ्रष्ट होती है और जो बिना रिश्वत के काम करने से साफ इन्कार करते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सरकारी व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाले तत्वों की विस्तृत, अपडेटेड और सत्यापित सूची तैयार की जाए। चावला ने दो टूक कहा कि भ्रष्टाचारियों को किसी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। आज नहीं तो कल वे कानून के शिकंजे में होंगे।
ऐसा खौफ बने कि ईमानदारी को मिले बढ़ावा
चावला ने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था को शुद्ध करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि रिश्वतखोरी में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सुनियोजित, गोपनीय और तकनीकी रूप से मजबूत ट्रैप योजनाएं बनाई जाएं, ताकि किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों में कानून का ऐसा खौफ होना चाहिए, जिससे ईमानदार अधिकारी बिना दबाव और भय के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।