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Chandigarh-Haryana News: कॉलेज शिक्षकों की रिटायरमेंट आयु बढ़ाने का मुद्दा मंत्री के समक्ष उठाया
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग एक बार फिर चर्चा में है। हरियाणा राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से मुलाकात कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष है जबकि हरियाणा के राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षक 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो जाते हैं। राज्य के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में भी सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष है।
शिक्षक संघ ने इसे समान कार्य करने वाले शिक्षकों के बीच असमानता बताते हुए रिटायरमेंट आयु बढ़ाने की मांग की। शिक्षा मंत्री ने इस मांग के औचित्य को स्वीकार करते हुए इस पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया। संघ ने सीनियर स्केल और सलेक्शन ग्रेड के लिए अनिवार्य ग्रामीण सेवा की शर्त को समाप्त करने या इसकी अवधि कम करने का मुद्दा भी उठाया। मंत्री ने इस विषय पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघ के प्रधान डॉ. राजेश रांझा ने किया। उपप्रधान लेफ्टिनेंट डॉ. गुरप्रीत कौर, महासचिव लेफ्टिनेंट डॉ. अनिल बड़गुजर, जॉइंट सेक्रेटरी सोनू गुरेरा व संगठन सचिव मनोज भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारियों भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने की मांग एक बार फिर चर्चा में है। हरियाणा राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से मुलाकात कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की रिटायरमेंट आयु 65 वर्ष है जबकि हरियाणा के राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षक 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त हो जाते हैं। राज्य के सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में भी सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष है।
शिक्षक संघ ने इसे समान कार्य करने वाले शिक्षकों के बीच असमानता बताते हुए रिटायरमेंट आयु बढ़ाने की मांग की। शिक्षा मंत्री ने इस मांग के औचित्य को स्वीकार करते हुए इस पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा दिलाया। संघ ने सीनियर स्केल और सलेक्शन ग्रेड के लिए अनिवार्य ग्रामीण सेवा की शर्त को समाप्त करने या इसकी अवधि कम करने का मुद्दा भी उठाया। मंत्री ने इस विषय पर भी मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संघ के प्रधान डॉ. राजेश रांझा ने किया। उपप्रधान लेफ्टिनेंट डॉ. गुरप्रीत कौर, महासचिव लेफ्टिनेंट डॉ. अनिल बड़गुजर, जॉइंट सेक्रेटरी सोनू गुरेरा व संगठन सचिव मनोज भारद्वाज सहित अन्य पदाधिकारियों भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।
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