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Chandigarh-Haryana News: 40 प्रतिशत कोरम की अनिवार्यता के विरोध में उतरी सरपंच एसोसिएशन
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फोटो संख्या : 09
- हरियाणा विकास एवं पंचायत निदेशक कार्यालय ने भेजा पत्र, 1 फरवरी तक 6205 पंचायतों में होनी हैं ग्रामसभाएं
- 24 जनवरी को 1378 पंचायतों में होनी है ग्रामसभाओं की बैठक, सरंपच बोले- ऐसे तो अटक जाएंगे विकास कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरपंच एसोसिएशन प्रदेश में ग्राम सभाओं के आयोजन के लिए बदले गए नियमों के विरोध में आ गई है। एसोसिएशन ने इन नियमों को वापस लेने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि पहले ग्राम सभा की बैठकों में प्रस्ताव पास करने के लिए 10 प्रतिशत सदस्यों की अनिवार्यता थी जबकि अब यह अनिवार्यता 20 से 40 प्रतिशत सदस्यों तक कर दी है। इससे प्रस्ताव पास न होने से विकास कार्य अटक जाएंगे। जल्द ही उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर इस नियम को वापस लेने की मांग की जाएगी। सुनवाई नहीं हुई तो जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार से एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेगा।
हरियाणा पंचायती अधिनियम-1994 की धारा-11 में सरकार ने संशोधन कर दिया है। ग्राम पंचायत में 18 वर्ष से अधिक उम्र का प्रत्येक नागरिक ग्राम सभा का सदस्य माना जाता है। पहले ग्राम सभा की बैठक में कुल 10 प्रतिशत या 300 सदस्यों की संख्या की शर्त थी, लेकिन अब पहली बैठक में 40 प्रतिशत सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। यदि 40 प्रतिशत का कोरम पूरा नहीं होता है तो अगली बार बैठक के लिए 30 प्रतिशत और फिर भी ग्राम सभा की बैठक नहीं हो पाती है तो 20 प्रतिशत सदस्यों की संख्या किसी भी प्रस्ताव को पास करने के लिए अनिवार्य कर दी गई है।
हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रधान रणबीर समैण के मुताबिक हांसी, नारनाैंद और आदमपुर में आयोजित होने वाली ग्रामसभाएं कोरम पूरा न होने के कारण रद्द करनी पड़ी हैं। इसी तरह से फतेहाबाद जिले के जाखल में 24 ब्लाॅक हैं यहां भी सरपंचों की नाराजगी के कारण बैठक नहीं हो सकीं। राज्य प्रधान ने बताया कि पंचायतीराज के अनुसार जो शेड्यूल जारी किया गया उसके अनुसार मुनादी शुरू करा दी है और वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। नए नियमों की वापसी के लिए प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों के माध्यम से मांगपत्र साैंपे जाएंगे। इसके बाद भी सुनवाई नहीं होती तो सरकार और विभागीय मंत्री के संज्ञान में मामला लाएंगे। पहले 10 प्रतिशत का भी कोरम पूरा नहीं हो पाता था और अब नई शर्तों से विकास कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी मिलने में अड़चनें खड़ी होंगी।
6205 पंचायतों में होंगी विशेष ग्राम सभा
हरियाणा विकास एवं पंचायत निदेशक कार्यालय ने पत्र जारी किया है जिसमें 1 फरवरी तक 6205 पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय ने प्रदेश के सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों व सभी बीडीपीओ (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी) को ग्राम सभाएं आयोजित कराने के लिए शेड्यूल जारी किया है। निदेशालय के पत्र के अनुसार 17 जनवरी को 2076 और 18 जनवरी को 2018 पंचायतों में ग्राम सभाओं के आयोजन का शेड्यूल तय किया था। अब 24 जनवरी को 1378 ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन होना है। 25 जनवरी को 520 और 31 जनवरी को 173 पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन होना है। आगामी 1 फरवरी को 40 पंचायतों में ग्राम सभाएं आयोजित होनी हैं। इस तरह से प्रदेश की कुल 6205 पंचायतों में ग्राम सभाएं होंगी।
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- 24 जनवरी को 1378 पंचायतों में होनी है ग्रामसभाओं की बैठक, सरंपच बोले- ऐसे तो अटक जाएंगे विकास कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरपंच एसोसिएशन प्रदेश में ग्राम सभाओं के आयोजन के लिए बदले गए नियमों के विरोध में आ गई है। एसोसिएशन ने इन नियमों को वापस लेने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि पहले ग्राम सभा की बैठकों में प्रस्ताव पास करने के लिए 10 प्रतिशत सदस्यों की अनिवार्यता थी जबकि अब यह अनिवार्यता 20 से 40 प्रतिशत सदस्यों तक कर दी है। इससे प्रस्ताव पास न होने से विकास कार्य अटक जाएंगे। जल्द ही उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर इस नियम को वापस लेने की मांग की जाएगी। सुनवाई नहीं हुई तो जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार से एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल मुलाकात करेगा।
हरियाणा पंचायती अधिनियम-1994 की धारा-11 में सरकार ने संशोधन कर दिया है। ग्राम पंचायत में 18 वर्ष से अधिक उम्र का प्रत्येक नागरिक ग्राम सभा का सदस्य माना जाता है। पहले ग्राम सभा की बैठक में कुल 10 प्रतिशत या 300 सदस्यों की संख्या की शर्त थी, लेकिन अब पहली बैठक में 40 प्रतिशत सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। यदि 40 प्रतिशत का कोरम पूरा नहीं होता है तो अगली बार बैठक के लिए 30 प्रतिशत और फिर भी ग्राम सभा की बैठक नहीं हो पाती है तो 20 प्रतिशत सदस्यों की संख्या किसी भी प्रस्ताव को पास करने के लिए अनिवार्य कर दी गई है।
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हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रधान रणबीर समैण के मुताबिक हांसी, नारनाैंद और आदमपुर में आयोजित होने वाली ग्रामसभाएं कोरम पूरा न होने के कारण रद्द करनी पड़ी हैं। इसी तरह से फतेहाबाद जिले के जाखल में 24 ब्लाॅक हैं यहां भी सरपंचों की नाराजगी के कारण बैठक नहीं हो सकीं। राज्य प्रधान ने बताया कि पंचायतीराज के अनुसार जो शेड्यूल जारी किया गया उसके अनुसार मुनादी शुरू करा दी है और वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। नए नियमों की वापसी के लिए प्रदेश के सभी जिलों के उपायुक्तों के माध्यम से मांगपत्र साैंपे जाएंगे। इसके बाद भी सुनवाई नहीं होती तो सरकार और विभागीय मंत्री के संज्ञान में मामला लाएंगे। पहले 10 प्रतिशत का भी कोरम पूरा नहीं हो पाता था और अब नई शर्तों से विकास कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी मिलने में अड़चनें खड़ी होंगी।
6205 पंचायतों में होंगी विशेष ग्राम सभा
हरियाणा विकास एवं पंचायत निदेशक कार्यालय ने पत्र जारी किया है जिसमें 1 फरवरी तक 6205 पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय ने प्रदेश के सभी मुख्य कार्यकारी अधिकारियों व सभी बीडीपीओ (खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी) को ग्राम सभाएं आयोजित कराने के लिए शेड्यूल जारी किया है। निदेशालय के पत्र के अनुसार 17 जनवरी को 2076 और 18 जनवरी को 2018 पंचायतों में ग्राम सभाओं के आयोजन का शेड्यूल तय किया था। अब 24 जनवरी को 1378 ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन होना है। 25 जनवरी को 520 और 31 जनवरी को 173 पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन होना है। आगामी 1 फरवरी को 40 पंचायतों में ग्राम सभाएं आयोजित होनी हैं। इस तरह से प्रदेश की कुल 6205 पंचायतों में ग्राम सभाएं होंगी।
