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Haryana: आरटीई सीटें छिपाने वाले निजी स्कूलों पर होगी सख्त कार्रवाई, लगेगा एक लाख रुपये तक का जुर्माना
Wed, 05 Aug 2026 10:28 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Wed, 05 Aug 2026 10:28 AM IST
सार
जिन निजी विद्यालयों की प्रवेश स्तर की मासिक फीस 6 हजार रुपये तक है, उन पर हरियाणा आरटीई नियमावली-2011 (संशोधित 2022) के तहत जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी स्वयं कारण बताओ नोटिस जारी कर, 15 दिन का अवसर देने के बाद एक लाख रुपये तक जुर्माना लगा सकेंगे।
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हरियाणा शिक्षा विभाग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा के मौलिक शिक्षा निदेशालय ने आरटीई अधिनियम, 2009 के तहत सीटों की घोषणा नहीं करने, दस्तावेज सत्यापन के दौरान आवेदन अस्वीकार करने और वर्ष-दर-वर्ष मान्यता श्रेणी के निजी विद्यालयों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
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सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों की सूची तैयार कर तत्काल निदेशालय भेजने के लिए कहा गया है। साथ ही जिन विद्यालयों का एमआईएस पोर्टल बंद है, उनके मामलों का वर्गीकरण कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
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आदेश के अनुसार, जिन निजी विद्यालयों की प्रवेश स्तर की मासिक फीस 6 हजार रुपये तक है, उन पर हरियाणा आरटीई नियमावली-2011 (संशोधित 2022) के तहत जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी स्वयं कारण बताओ नोटिस जारी कर, 15 दिन का अवसर देने के बाद एक लाख रुपये तक जुर्माना लगा सकेंगे। जुर्माना लगाने के बाद अंतिम अनुमोदन के लिए विद्यालयों की सूची निदेशालय भेजनी होगी।
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वहीं, जिन विद्यालयों की प्रवेश स्तर की फीस 6,001 रुपये या उससे अधिक है, उनके खिलाफ जिला स्तर पर दंड नहीं लगाया जाएगा। ऐसे मामलों की पूरी रिपोर्ट निदेशालय भेजी जाएगी, जहां निदेशक स्तर पर व्यक्तिगत सुनवाई के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
अल्पसंख्यक, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) के विद्यालय, डे-बोर्डिंग तथा जिन स्कूलों में प्रवेश स्तर की कक्षाएं संचालित नहीं होतीं, उन्हें आरटीई के तहत सीट घोषणा से छूट प्राप्त है। ऐसे विद्यालयों को किसी भी दंडात्मक कार्रवाई में शामिल नहीं किया जाएगा। जिला अधिकारियों को इनकी अलग सूची तैयार कर संबंधित दस्तावेजों सहित एमआईएस पोर्टल दोबारा खोलने के लिए निदेशालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं।