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Charkhi Dadri News: 115 करोड़ खर्च, फिर भी हर घर तक नहीं पहुंचा पानी
Mon, 27 Jul 2026 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 27 Jul 2026 11:54 PM IST
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शहर स्थित चंपापुरी जलघर।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। शहर में 115 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना पूरी होने के बावजूद लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति का इंतजार है। मुख्य पाइपलाइनें तो बिछा दी गई हैं लेकिन वार्डों और कॉलोनियों तक पानी पहुंचाने वाली संपर्क लाइनें नहीं बनने से योजना का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। अब जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने संपर्क लाइनें बिछाने के लिए 24 करोड़ रुपये का नया प्रोजेक्ट तैयार कर बजट स्वीकृति के लिए निदेशालय को भेजा है।
दो दशक से शहरवासी प्रतिदिन पेयजल सप्लाई शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इस समय एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। नए प्रोजेक्ट से शहर की पेयजल क्षमता 23 एमएलडी हुई है। शहरवासियों को इस समय 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी नहीं मिल रहा है।
कुल 23 में से 18 एमएलडी की आपूर्ति
विभाग ने शहर में कुल 23 में से 18 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति ही शुरू की है। कुल आपूर्ति 23 एमएलडी है। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि अब शहर में पेयजल संकट नहीं रहेगा। पानी का दबाव भी बढ़ेगा। विभाग के पास 16.50 एमएलडी पानी की उपलब्ध पहले ही थी। नए प्रोजेक्ट से 6.50 एमएलडी पेयजल क्षमता बढ़ी है।
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115 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत ही गांव घिकाड़ा स्थित जलघर की क्षमता 4.50 एमएलडी की गई है। शहर के मेन एवं पुराने जलघर चंपापुरी की क्षमता पहले 5 एमएलडी थी अब 2 और बढ़कर 07 एमएलडी हो गई है। इसी प्रकार शहर के ही तीसरे कपूरी जलघर की क्षमता 11.50 एमएलडी है।
पानी की नहीं हो रही आपूर्ति
फिलहाल नगर में पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शहरवासियों को पेयजल संकट झेलना पड़ रहा है। पिछले एक दशक से शहर में आवासीय बस्ती बढ़ती गई। पानी की खपत भी बढ़ती गई। 115 करोड़ रुपये के पेयजल प्रोजेक्ट के तहत नगर के दोनों जलघरों की स्टोरेज क्षमता बढ़ाई गई है।
शहर में दो जलघर हैं जो गांव रामनगर व चंपापुरी में बने हुए हैं। इन दोनों जलघरों की क्षमता बढ़ाई गई है। चंपापुरी जलघर में चार टैंक हैं जिनकी क्षमता बढ़ा दी गई है। रामनगर जलघर में दो स्टोरेज टैंक बने हुए हैं इनकी क्षमता 11.50 एमएलडी की गई है।
पेयजल की करनी पड़ती है राशनिंग
विभाग ने शहर के लिए तीसरा जलघर तीन किलोमीटर दूर गांव घिकाड़ा में बनाया है। विभाग ने इस जलघर को अपग्रेड किया है। इसकी पेयजल क्षमता 4.50 एमएलडी की गई है। यह जलघर से शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित है। इस समय बीच-बीच में कई बार पेयजल की राशनिंग करनी पड़ रही है।
मानसून की खासी बारिश न होने की वजह से भी पेयजल संकट कम नहीं हो पा रहा है। नहरी पानी की कम मात्रा में उपलब्धता के चलते पेयजल संकट बन रहा है।
वर्सन:
संपर्क लाइनों के लिए बजट की मांग की गई है। फाइल निदेशालय को भेजी जा चुकी है। बजट मिलते ही सभी वार्डों में जरूरत के अनुसार पेयजल लाइनें बिछाई जाएंगी। नई कॉलोनियों में लाइनें बिछेंगी।-- विवेक कुमार, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
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दो दशक से शहरवासी प्रतिदिन पेयजल सप्लाई शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इस समय एक दिन छोड़कर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। नए प्रोजेक्ट से शहर की पेयजल क्षमता 23 एमएलडी हुई है। शहरवासियों को इस समय 135 लीटर प्रति व्यक्ति पानी नहीं मिल रहा है।
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कुल 23 में से 18 एमएलडी की आपूर्ति
विभाग ने शहर में कुल 23 में से 18 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति ही शुरू की है। कुल आपूर्ति 23 एमएलडी है। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि अब शहर में पेयजल संकट नहीं रहेगा। पानी का दबाव भी बढ़ेगा। विभाग के पास 16.50 एमएलडी पानी की उपलब्ध पहले ही थी। नए प्रोजेक्ट से 6.50 एमएलडी पेयजल क्षमता बढ़ी है।
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115 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के तहत ही गांव घिकाड़ा स्थित जलघर की क्षमता 4.50 एमएलडी की गई है। शहर के मेन एवं पुराने जलघर चंपापुरी की क्षमता पहले 5 एमएलडी थी अब 2 और बढ़कर 07 एमएलडी हो गई है। इसी प्रकार शहर के ही तीसरे कपूरी जलघर की क्षमता 11.50 एमएलडी है।
पानी की नहीं हो रही आपूर्ति
फिलहाल नगर में पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। शहरवासियों को पेयजल संकट झेलना पड़ रहा है। पिछले एक दशक से शहर में आवासीय बस्ती बढ़ती गई। पानी की खपत भी बढ़ती गई। 115 करोड़ रुपये के पेयजल प्रोजेक्ट के तहत नगर के दोनों जलघरों की स्टोरेज क्षमता बढ़ाई गई है।
शहर में दो जलघर हैं जो गांव रामनगर व चंपापुरी में बने हुए हैं। इन दोनों जलघरों की क्षमता बढ़ाई गई है। चंपापुरी जलघर में चार टैंक हैं जिनकी क्षमता बढ़ा दी गई है। रामनगर जलघर में दो स्टोरेज टैंक बने हुए हैं इनकी क्षमता 11.50 एमएलडी की गई है।
पेयजल की करनी पड़ती है राशनिंग
विभाग ने शहर के लिए तीसरा जलघर तीन किलोमीटर दूर गांव घिकाड़ा में बनाया है। विभाग ने इस जलघर को अपग्रेड किया है। इसकी पेयजल क्षमता 4.50 एमएलडी की गई है। यह जलघर से शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित है। इस समय बीच-बीच में कई बार पेयजल की राशनिंग करनी पड़ रही है।
मानसून की खासी बारिश न होने की वजह से भी पेयजल संकट कम नहीं हो पा रहा है। नहरी पानी की कम मात्रा में उपलब्धता के चलते पेयजल संकट बन रहा है।
वर्सन:
संपर्क लाइनों के लिए बजट की मांग की गई है। फाइल निदेशालय को भेजी जा चुकी है। बजट मिलते ही सभी वार्डों में जरूरत के अनुसार पेयजल लाइनें बिछाई जाएंगी। नई कॉलोनियों में लाइनें बिछेंगी।