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Charkhi Dadri News: गोठड़ा-रानीला सब स्टेशनों पर लगेंगे 12 एमवीए ट्रांसफार्मर
Sat, 11 Jul 2026 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 11 Jul 2026 01:28 AM IST
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पावर सब स्टेशन।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। गांव गोठड़ा व रानीला में नवनिर्मित 33 केवीए पावर सब स्टेशनों में 12-12 एमवीए क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर लगेंगे। करीब तीन साल के इंतजार के बाद दोनों पावर सब स्टेशन तैयार हैं। इन पावर सब स्टेशन से करीब 30 गांवों में बिजली आपूर्ति में व्यापक स्तर पर सुधार आएगा। रानीला पावर सब स्टेशन को दादरी नगर से जोड़ा जाएगा।
गौरतलब है कि सन 2022 में पावर सब स्टेशन निर्माण के लिए प्रक्रिया शुरू हुई थी। इनसे करीब 35 गांवों में बिजली की कम वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी और आपूर्ति में व्यापक स्तर पर सुधार आएगा। गोठड़ा क्षेत्र के गांवों में इस समय मकड़ाना, मकड़ानी पावर सब स्टेशनों से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इस क्षेत्र में बिजली चालित ट्यूबवेल की संख्या ज्यादा है।
दो साल का लग रहा समय
बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए बिजली निगम की ओर से हर वर्ष कार्य योजना तैयार होती है। इस कार्य योजना को पूरा होने में दो साल तक का समय लग रहा है। एक से डेढ़ साल तो प्रोजेक्ट की कागज प्रक्रिया में ही बीत जाता है। एक नए पावर सब स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा करने में भी आठ से 10 माह का समय बीत जाता है। जिला के गांव मोरवाला,पिचौपा कलां, मांढ़ी, काकड़ोली सरदारा, डोहका दीना में पावर स्टेशनों की क्षमता बढ़ी है।
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मकड़ानी व मकड़ाना का लोड होगा कम
निगम ने मकड़ानी व मकड़ाना पावर सब स्टेशनों के लोड को भी कम किया जाना है। इस समय मकड़ाना-मकड़ानी पावर सब स्टेशनों पर लोड ज्यादा बना हुआ है जिससे लाइनें बार-बार ब्रेक डाउन कर रही है। एक बार लाइन ब्रेक डाउन करने पर दिनभर बिजली आपूर्ति ठप बनी रहती है। बिजली कर्मचारियों को खासकर रात के समय पेट्रोलिंग करते समय खेतों से गुजर रही लाइनों के कारण ज्यादा कठिनाई होती है। अब गोठड़ा में पावर सब स्टेशन बनने से इस समस्या का समाधान हो जाएगा। बिजली आपूर्ति का शेड्यूल भी नहीं चरमराएगा। इस समय गांवों में 16, 18 व 24 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है जबकि फॉल्ट ज्यादा आने की वजह से मुश्किल से 14 घंटे ही बिजली मिल पाती है।
12 एमवीए का लगेगा ट्रांसफार्मर
नए पावर सब स्टेशन गोठड़ा का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अब मकड़ानी व मकड़ाना पावर सब स्टेशनों का लोड कम हो जाएगा। इससे दो पावर सब स्टेशनों का लोड कम हो जाएगा। बिजली फॉल्ट कम हो जाएंगे। गोठड़ा पावर सब स्टेशन में 12 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर लगेगा। इसी प्रकार गांव रानीला में भी नया पावर सब स्टेशन बनकर तैयार हो गया है। दोनों का निर्माण कार्य एक साथ हुआ था। रानीला सब स्टेशन को शहर से जोड़ा जाना है।
वर्जन
गोठड़ा व रानीला सब स्टेशनों का निर्माण पूरा होने के बाद आसपास के कई पावर सब स्टेशनों का लोड कम हो जाएगा। बिजली आपूर्ति में व्यापक सुधार आएगा। कम वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी। फॉल्ट भी कम हो जाएंगे। बिजली ट्यूबवेल को पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। जल्द ही दोनों पावर सब स्टेशन में मेन पावर ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।- जलबीर सिंह, कनिष्ठ अभियंता, बिजली निगम।
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गौरतलब है कि सन 2022 में पावर सब स्टेशन निर्माण के लिए प्रक्रिया शुरू हुई थी। इनसे करीब 35 गांवों में बिजली की कम वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी और आपूर्ति में व्यापक स्तर पर सुधार आएगा। गोठड़ा क्षेत्र के गांवों में इस समय मकड़ाना, मकड़ानी पावर सब स्टेशनों से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इस क्षेत्र में बिजली चालित ट्यूबवेल की संख्या ज्यादा है।
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दो साल का लग रहा समय
बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए बिजली निगम की ओर से हर वर्ष कार्य योजना तैयार होती है। इस कार्य योजना को पूरा होने में दो साल तक का समय लग रहा है। एक से डेढ़ साल तो प्रोजेक्ट की कागज प्रक्रिया में ही बीत जाता है। एक नए पावर सब स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा करने में भी आठ से 10 माह का समय बीत जाता है। जिला के गांव मोरवाला,पिचौपा कलां, मांढ़ी, काकड़ोली सरदारा, डोहका दीना में पावर स्टेशनों की क्षमता बढ़ी है।
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मकड़ानी व मकड़ाना का लोड होगा कम
निगम ने मकड़ानी व मकड़ाना पावर सब स्टेशनों के लोड को भी कम किया जाना है। इस समय मकड़ाना-मकड़ानी पावर सब स्टेशनों पर लोड ज्यादा बना हुआ है जिससे लाइनें बार-बार ब्रेक डाउन कर रही है। एक बार लाइन ब्रेक डाउन करने पर दिनभर बिजली आपूर्ति ठप बनी रहती है। बिजली कर्मचारियों को खासकर रात के समय पेट्रोलिंग करते समय खेतों से गुजर रही लाइनों के कारण ज्यादा कठिनाई होती है। अब गोठड़ा में पावर सब स्टेशन बनने से इस समस्या का समाधान हो जाएगा। बिजली आपूर्ति का शेड्यूल भी नहीं चरमराएगा। इस समय गांवों में 16, 18 व 24 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है जबकि फॉल्ट ज्यादा आने की वजह से मुश्किल से 14 घंटे ही बिजली मिल पाती है।
12 एमवीए का लगेगा ट्रांसफार्मर
नए पावर सब स्टेशन गोठड़ा का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अब मकड़ानी व मकड़ाना पावर सब स्टेशनों का लोड कम हो जाएगा। इससे दो पावर सब स्टेशनों का लोड कम हो जाएगा। बिजली फॉल्ट कम हो जाएंगे। गोठड़ा पावर सब स्टेशन में 12 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर लगेगा। इसी प्रकार गांव रानीला में भी नया पावर सब स्टेशन बनकर तैयार हो गया है। दोनों का निर्माण कार्य एक साथ हुआ था। रानीला सब स्टेशन को शहर से जोड़ा जाना है।
वर्जन
गोठड़ा व रानीला सब स्टेशनों का निर्माण पूरा होने के बाद आसपास के कई पावर सब स्टेशनों का लोड कम हो जाएगा। बिजली आपूर्ति में व्यापक सुधार आएगा। कम वोल्टेज की समस्या दूर हो जाएगी। फॉल्ट भी कम हो जाएंगे। बिजली ट्यूबवेल को पर्याप्त बिजली मिल सकेगी। जल्द ही दोनों पावर सब स्टेशन में मेन पावर ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।- जलबीर सिंह, कनिष्ठ अभियंता, बिजली निगम।