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Charkhi Dadri News: चंडीगढ़ से पहुंची टीम ने अस्पताल की नई इमारत की गुणवत्ता परखी
Tue, 18 Aug 2026 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 18 Aug 2026 12:09 AM IST
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नवनिर्मित भवन का सैंपल लेते हुए टीम।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। सिविल अस्पताल परिसर में नवनिर्मित भवन की निर्माण गुणवत्ता की जांच के लिए चंडीगढ़ से 7 सदस्यीय तकनीकी टीम चरखी दादरी पहुंची। टीम ने भवन का निरीक्षण करते हुए निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता और मजबूती की जांच शुरू कर दी है। जांच प्रक्रिया करीब दो दिन तक चलेगी।
टीम विशेष रूप से भवन निर्माण में प्रयोग की गई कंकरीट और स्टील की गुणवत्ता की जांच कर रही है। इसके अलावा निर्माण से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं को भी परखा जा रहा है।
जांच के लिए भवन के अलग-अलग हिस्सों से आवश्यक नमूने और तकनीकी सैंपल लिए जा रहे हैं। गुणवत्ता परीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भवन का निर्माण निर्धारित तकनीकी मापदंडों और तय गुणवत्ता के अनुसार किया गया है या नहीं।
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कंकरीट की मजबूती और स्टील की गुणवत्ता के परीक्षण के आधार पर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा।
एजेंसी के अधिकारी आयुष शर्मा ने बताया कि चंडीगढ़ से आई सात सदस्यीय टीम दो दिनों तक भवन में कंकरीट और स्टील समेत अन्य निर्माण संबंधी पहलुओं की टेस्टिंग करेगी।
मौके से लिए गए नमूनों की जांच के बाद तैयार की जाने वाली रिपोर्ट करीब 10 दिन में संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही भवन की निर्माण गुणवत्ता को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। यदि परीक्षण में निर्माण सामग्री निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है तो निर्माण गुणवत्ता को संतोषजनक माना जाएगा। वहीं किसी प्रकार की कमी या तकनीकी खामी मिलने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
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टीम विशेष रूप से भवन निर्माण में प्रयोग की गई कंकरीट और स्टील की गुणवत्ता की जांच कर रही है। इसके अलावा निर्माण से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं को भी परखा जा रहा है।
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जांच के लिए भवन के अलग-अलग हिस्सों से आवश्यक नमूने और तकनीकी सैंपल लिए जा रहे हैं। गुणवत्ता परीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भवन का निर्माण निर्धारित तकनीकी मापदंडों और तय गुणवत्ता के अनुसार किया गया है या नहीं।
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कंकरीट की मजबूती और स्टील की गुणवत्ता के परीक्षण के आधार पर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा।
एजेंसी के अधिकारी आयुष शर्मा ने बताया कि चंडीगढ़ से आई सात सदस्यीय टीम दो दिनों तक भवन में कंकरीट और स्टील समेत अन्य निर्माण संबंधी पहलुओं की टेस्टिंग करेगी।
मौके से लिए गए नमूनों की जांच के बाद तैयार की जाने वाली रिपोर्ट करीब 10 दिन में संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही भवन की निर्माण गुणवत्ता को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। यदि परीक्षण में निर्माण सामग्री निर्धारित मानकों पर खरी उतरती है तो निर्माण गुणवत्ता को संतोषजनक माना जाएगा। वहीं किसी प्रकार की कमी या तकनीकी खामी मिलने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।