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Charkhi Dadri News: ओवरलोड वाहनों पर आरटीए ने की कार्रवाई, जुलाई में 673 चालान काटे
Tue, 18 Aug 2026 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 18 Aug 2026 12:38 AM IST
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शहर के रावलधी चौक से गुजरते भारी वाहन।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। जिले की सड़कों को समय से पहले खराब करने वाले ओवरलोड वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने ओवरलोडिंग और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर शिकंजा कसने के लिए तीन टीमों को 24 घंटे मुस्तैद किया हुआ है।
जुलाई माह के दौरान इन टीमों ने जिलेभर में अभियान चलाकर 673 ओवरलोड और नियमों पर खरा नहीं उतरने वाले वाहनों के चालान किए। कार्रवाई के दौरान वाहन चालकों पर कुल 1.45 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया।
दिन-रात हो रही जांच
ये टीमें दिन के साथ-साथ रात के समय भी वाहनों की जांच करती हैं। विशेष रूप से उन मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जाती है जहां से भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। जांच के दौरान वाहनों के दस्तावेज, भार क्षमता और अन्य जरूरी नियमों की जांच की जाती है।विभागीय टीमों की ओर से नियमों का उल्लंघन मिलने पर मौके पर ही कार्रवाई की जाती है।
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सड़कों के लिए खतरा
ओवरलोड वाहनों का सबसे अधिक असर जिले की सड़कों पर पड़ता है। निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों के कारण सड़क की ऊपरी परत जल्द टूटने लगती है। कई स्थानों पर सड़क धंसने और गड्ढे बनने की समस्या भी सामने आती है। इससे सरकार को सड़कों की मरम्मत पर अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ती है। वहीं ओवरलोड वाहन सड़क पर सामान्य वाहनों की तुलना में अधिक दूरी तय करने में समय लेते हैं और इनके कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। अचानक ब्रेक लगाने या मोड़ पर नियंत्रण बिगड़ने की स्थिति में हादसे की आशंका बढ़ जाती है।
जुर्माने के बावजूद नहीं थम रहा सिलसिला
जुलाई में 673 वाहनों पर कार्रवाई और 1.45 करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने के बावजूद ओवरलोडिंग का सिलसिला पूरी तरह थम नहीं पाया है। इससे साफ है कि केवल चालान करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा। वाहन मालिकों और चालकों को भी निर्धारित क्षमता के अनुसार ही माल परिवहन करना होगा।
आरटीए विभाग की कार्रवाई से जहां नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों में डर पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं आने वाले दिनों में भी अभियान जारी रहने की उम्मीद है। विभाग का उद्देश्य ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और जिले की सड़कों को समय से पहले खराब होने से बचाना है।
हर महीने होते हैं करोड़ों रुपये के चालान
जिला आरटीए विभाग की टीम हर महीने करोड़ों रुपये के चालान कर सरकार के राजस्व को बढ़ाने पर जर दे रही हैं वहीं भारी भरकम जुर्माने के बाद भी ओवरलोड वाहनों में कमी नहीं आ पाई है। जुलाई माह में आरटीए की तीन टीमों ने 673 वाहनों के चालान किए। विभाग की ओर से 24 घंटे निगरानी के बावजूद ओवरलोड वाहनों की लगातार मौजूदगी यह संकेत देती है कि सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
वर्सन:
हमारी तीनों टीमें लगातार ओवरलोड वाहनों पर कड़ी नजर रखे हुए है, सड़क से गुजरने वाले किसी भी वाहन को क्षमता से अधिक भार पाए जाने पर नियमों अनुसार जुर्माना लगाने का प्रावधान है। - विरेंद्र सिंह, एसडीएम एवं आरटीए, दादरी
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जुलाई माह के दौरान इन टीमों ने जिलेभर में अभियान चलाकर 673 ओवरलोड और नियमों पर खरा नहीं उतरने वाले वाहनों के चालान किए। कार्रवाई के दौरान वाहन चालकों पर कुल 1.45 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया।
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दिन-रात हो रही जांच
ये टीमें दिन के साथ-साथ रात के समय भी वाहनों की जांच करती हैं। विशेष रूप से उन मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जाती है जहां से भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। जांच के दौरान वाहनों के दस्तावेज, भार क्षमता और अन्य जरूरी नियमों की जांच की जाती है।विभागीय टीमों की ओर से नियमों का उल्लंघन मिलने पर मौके पर ही कार्रवाई की जाती है।
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सड़कों के लिए खतरा
ओवरलोड वाहनों का सबसे अधिक असर जिले की सड़कों पर पड़ता है। निर्धारित क्षमता से अधिक भार लेकर चलने वाले भारी वाहनों के कारण सड़क की ऊपरी परत जल्द टूटने लगती है। कई स्थानों पर सड़क धंसने और गड्ढे बनने की समस्या भी सामने आती है। इससे सरकार को सड़कों की मरम्मत पर अतिरिक्त राशि खर्च करनी पड़ती है। वहीं ओवरलोड वाहन सड़क पर सामान्य वाहनों की तुलना में अधिक दूरी तय करने में समय लेते हैं और इनके कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है। अचानक ब्रेक लगाने या मोड़ पर नियंत्रण बिगड़ने की स्थिति में हादसे की आशंका बढ़ जाती है।
जुर्माने के बावजूद नहीं थम रहा सिलसिला
जुलाई में 673 वाहनों पर कार्रवाई और 1.45 करोड़ रुपये से अधिक के जुर्माने के बावजूद ओवरलोडिंग का सिलसिला पूरी तरह थम नहीं पाया है। इससे साफ है कि केवल चालान करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा। वाहन मालिकों और चालकों को भी निर्धारित क्षमता के अनुसार ही माल परिवहन करना होगा।
आरटीए विभाग की कार्रवाई से जहां नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों में डर पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं आने वाले दिनों में भी अभियान जारी रहने की उम्मीद है। विभाग का उद्देश्य ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और जिले की सड़कों को समय से पहले खराब होने से बचाना है।
हर महीने होते हैं करोड़ों रुपये के चालान
जिला आरटीए विभाग की टीम हर महीने करोड़ों रुपये के चालान कर सरकार के राजस्व को बढ़ाने पर जर दे रही हैं वहीं भारी भरकम जुर्माने के बाद भी ओवरलोड वाहनों में कमी नहीं आ पाई है। जुलाई माह में आरटीए की तीन टीमों ने 673 वाहनों के चालान किए। विभाग की ओर से 24 घंटे निगरानी के बावजूद ओवरलोड वाहनों की लगातार मौजूदगी यह संकेत देती है कि सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
वर्सन:
हमारी तीनों टीमें लगातार ओवरलोड वाहनों पर कड़ी नजर रखे हुए है, सड़क से गुजरने वाले किसी भी वाहन को क्षमता से अधिक भार पाए जाने पर नियमों अनुसार जुर्माना लगाने का प्रावधान है। - विरेंद्र सिंह, एसडीएम एवं आरटीए, दादरी