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पढ़ाई के साथ-साथ छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना भी बेहद जरूरी : डॉ. पूजा यादव
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 26 Feb 2026 12:46 AM IST
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कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। शहर के एपीजे सरस्वती कन्या महाविद्यालय में बुधवार को अमर उजाला फाउंडेशन के तहत अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य छात्राओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर आरोग्यम अस्पताल से महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा यादव ने शिरकत की। उनके साथ एएनएम सारिका भी मौजूद रहीं। अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य स्नेहलता और शिक्षिका बबीता रोहिल्ला ने की।
डॉ. पूजा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में पढ़ाई के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों, सावधानियां, दवाई के इस्तेमाल, पोषण की कमी और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर जांच और सही परामर्श से अधिकांश महिला रोगों का उपचार संभव है।
डॉ. यादव ने कहा कि अक्सर लड़कियां संकोच के कारण अपनी समस्याएं साझा नहीं कर पातीं जिससे छोटी समस्या भी गंभीर रूप ले लेती है। उन्होंने छात्राओं को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, स्वच्छता और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान करीब दो दर्जन छात्राओं ने व्यक्तिगत तौर पर डॉ. यादव से अपनी समस्याएं साझा कीं और उनका समाधान प्राप्त किया।
इस दौरान छात्राओं ने खुलकर अपने सवाल पूछे, जिनका डॉ. पूजा ने सरल और स्पष्ट भाषा में जवाब दिया। अंजली, रितू, परी, श्रेया, रिधि, नेहा सहित कई छात्राओं ने मासिक धर्म, हार्मोनल बदलाव, खानपान और तनाव प्रबंधन से जुड़े सवाल रखे।
महाविद्यालय की प्राचार्य स्नेहलता ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन का आभार जताते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षिका बबिता रोहिल्ला ने छात्राओं को संदेश दिया कि वे बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा करें और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
छात्राओं के अनुभव
आज का कार्यक्रम मेरे लिए बेहद उपयोगी रहा। हमें महिला स्वास्थ्य से जुड़ी कई ऐसी जानकारियां मिलीं जिनके बारे में पहले सही जानकारी नहीं थी। डॉ. पूजा यादव ने बहुत ही सरल भाषा में समझाया जिससे हमारी झिझक भी दूर हुई और आत्मविश्वास बढ़ा। - शबनम।
अपराजिता कार्यक्रम ने हमें यह सिखाया कि स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। मैंने अपनी व्यक्तिगत समस्या के बारे में डॉ. से बात की और मुझे संतोषजनक जवाब मिला। ऐसे कार्यक्रम हर कॉलेज में होने चाहिए, ताकि लड़कियां जागरूक बनें।- महक।
मुझे अच्छा लगा कि यहां खुलकर सवाल पूछने का मौका मिला। अक्सर हम कई बातों को लेकर भ्रम में रहते हैं। आज विशेषज्ञ से सीधे बात कर हमारी कई शंकाएं दूर हुईं। इससे हमें अपने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर होने की प्रेरणा मिली।- प्रिया।
कार्यक्रम बहुत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा। डॉ. पूजा ने जिस आत्मीयता से हमारी बातें सुनीं, उससे हमें खुलकर बोलने का साहस मिला। अब मैं अपनी सहेलियों को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित करूंगी।
- प्रियंका।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान कॉलेज शिक्षिका अनीता तक्षक का भी विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम ने छात्राओं को न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपनी समस्याएं रखने की प्रेरणा भी दी।
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डॉ. पूजा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में पढ़ाई के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने मासिक धर्म से जुड़ी भ्रांतियों, सावधानियां, दवाई के इस्तेमाल, पोषण की कमी और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर जांच और सही परामर्श से अधिकांश महिला रोगों का उपचार संभव है।
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डॉ. यादव ने कहा कि अक्सर लड़कियां संकोच के कारण अपनी समस्याएं साझा नहीं कर पातीं जिससे छोटी समस्या भी गंभीर रूप ले लेती है। उन्होंने छात्राओं को नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, स्वच्छता और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान करीब दो दर्जन छात्राओं ने व्यक्तिगत तौर पर डॉ. यादव से अपनी समस्याएं साझा कीं और उनका समाधान प्राप्त किया।
इस दौरान छात्राओं ने खुलकर अपने सवाल पूछे, जिनका डॉ. पूजा ने सरल और स्पष्ट भाषा में जवाब दिया। अंजली, रितू, परी, श्रेया, रिधि, नेहा सहित कई छात्राओं ने मासिक धर्म, हार्मोनल बदलाव, खानपान और तनाव प्रबंधन से जुड़े सवाल रखे।
महाविद्यालय की प्राचार्य स्नेहलता ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अमर उजाला फाउंडेशन का आभार जताते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षिका बबिता रोहिल्ला ने छात्राओं को संदेश दिया कि वे बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा करें और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
छात्राओं के अनुभव
आज का कार्यक्रम मेरे लिए बेहद उपयोगी रहा। हमें महिला स्वास्थ्य से जुड़ी कई ऐसी जानकारियां मिलीं जिनके बारे में पहले सही जानकारी नहीं थी। डॉ. पूजा यादव ने बहुत ही सरल भाषा में समझाया जिससे हमारी झिझक भी दूर हुई और आत्मविश्वास बढ़ा। - शबनम।
अपराजिता कार्यक्रम ने हमें यह सिखाया कि स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही नहीं करनी चाहिए। मैंने अपनी व्यक्तिगत समस्या के बारे में डॉ. से बात की और मुझे संतोषजनक जवाब मिला। ऐसे कार्यक्रम हर कॉलेज में होने चाहिए, ताकि लड़कियां जागरूक बनें।- महक।
मुझे अच्छा लगा कि यहां खुलकर सवाल पूछने का मौका मिला। अक्सर हम कई बातों को लेकर भ्रम में रहते हैं। आज विशेषज्ञ से सीधे बात कर हमारी कई शंकाएं दूर हुईं। इससे हमें अपने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर होने की प्रेरणा मिली।- प्रिया।
कार्यक्रम बहुत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा। डॉ. पूजा ने जिस आत्मीयता से हमारी बातें सुनीं, उससे हमें खुलकर बोलने का साहस मिला। अब मैं अपनी सहेलियों को भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित करूंगी।
- प्रियंका।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस दौरान कॉलेज शिक्षिका अनीता तक्षक का भी विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम ने छात्राओं को न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया, बल्कि उन्हें आत्मविश्वास के साथ अपनी समस्याएं रखने की प्रेरणा भी दी।