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Charkhi Dadri News: अठगामा खाप का मृत्यु भोज में फिजूलखर्ची रोकने का आह्वान
Tue, 04 Aug 2026 01:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 04 Aug 2026 01:49 AM IST
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चरखी दादरी। सर्वजातीय अठगामा खाप घसौला के प्रधान परमानंद और अन्य पदाधिकारियों ने गांव महराणा में ईश्वरी देवी तथा गांव गोठड़ा में दयानंद के निधन पर श्रद्धांजलि दी। खाप पदाधिकारियों ने दोनों परिवारों से मृत्यु भोज पर अनावश्यक खर्च से बचने का आग्रह किया। उन्होंने सादगीपूर्वक संस्कार संपन्न करने को समाज हितकारी परंपरा बताया।
खाप ने कहा कि केवल परिवार और निकट संबंधियों की उपस्थिति में संस्कार करना उचित है। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा। समाज में सादगी और सामाजिक समानता का संदेश जाएगा। प्रधान परमानंद ने बताया कि सामाजिक परंपराओं का उद्देश्य आर्थिक बोझ बढ़ाना नहीं है।
इसका लक्ष्य दुख की घड़ी में एक-दूसरे का संबल बनना है। उन्होंने कहा कि फजूलखर्ची जैसी कुरीतियों को त्यागने से अनेक परिवार आर्थिक परेशानियों से बच सकते हैं। सादगी ही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है और यह समाज सुधार का महत्वपूर्ण कदम है।
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खाप का उद्देश्य : अठगामा खाप प्रधान ने कहा कि भविष्य में भी खाप विभिन्न गांवों में जन जागरण करती रहेगी। इसका उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता फैलाना है। खाप समाज में सादगी, सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना चाहती है।
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खाप ने कहा कि केवल परिवार और निकट संबंधियों की उपस्थिति में संस्कार करना उचित है। इससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा। समाज में सादगी और सामाजिक समानता का संदेश जाएगा। प्रधान परमानंद ने बताया कि सामाजिक परंपराओं का उद्देश्य आर्थिक बोझ बढ़ाना नहीं है।
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इसका लक्ष्य दुख की घड़ी में एक-दूसरे का संबल बनना है। उन्होंने कहा कि फजूलखर्ची जैसी कुरीतियों को त्यागने से अनेक परिवार आर्थिक परेशानियों से बच सकते हैं। सादगी ही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है और यह समाज सुधार का महत्वपूर्ण कदम है।
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खाप का उद्देश्य : अठगामा खाप प्रधान ने कहा कि भविष्य में भी खाप विभिन्न गांवों में जन जागरण करती रहेगी। इसका उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता फैलाना है। खाप समाज में सादगी, सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना चाहती है।