फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Vegetable prices surge by up to 50%; kitchen budget disrupted.

Charkhi Dadri News: सब्जियों के दाम में 50 फीसदी तक उछाल, रसोई का बजट बिगड़ा

Tue, 04 Aug 2026 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 04 Aug 2026 01:41 AM IST
विज्ञापन
Vegetable prices surge by up to 50%; kitchen budget disrupted.
सरस्वती पार्क के सामने लगी सब्जी की दुकान।
चरखी दादरी। लगातार हो रही बारिश और खेतों में जलभराव के कारण सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इसका सीधा असर स्थानीय सब्जी मंडियों और बाजारों में देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों में अधिकांश हरी सब्जियों के दामों में 30 से 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महंगी सब्जियों ने आम लोगों, विशेषकर गृहिणियों का रसोई बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
विज्ञापन


शहर की सब्जी मंडी में इन दिनों टमाटर, लौकी, भिंडी, तोरई, बैंगन, शिमला मिर्च, टींडा, खीरा,धनिया और हरी मिर्च सहित कई सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। जिन सब्जियों की कीमत एक सप्ताह पहले तक सामान्य थी, वे अब काफी महंगी बिक रही हैं। ग्राहकों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत की सब्जियां खरीदना भी मुश्किल हो गया है। कई परिवारों ने महंगी सब्जियों के स्थान पर दाल और अन्य विकल्पों का सहारा लेना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन

स्थानीय सब्जी विक्रेता अशोक कुमार, रिंकू, गुलाब सिंह का कहना है कि घरेलू आवक बंद होने के बाद अधिकतर सब्जियां उत्तर प्रदेश, बिहार आदि प्रदेशों से मंगवाई जाती है लेकिन इन क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया। इससे बड़ी मात्रा में सब्जियों की फसल खराब हो गई। फसल खराब होने से मंडियों में सब्जियों की आवक कम हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कम आपूर्ति और बढ़ती मांग के कारण थोक बाजार में ही सब्जियां महंगे दामों पर मिल रही हैं। ऐसे में खुदरा विक्रेताओं को भी बढ़ी हुई कीमतों पर सब्जियां बेचनी पड़ रही हैं। उनका कहना है कि महंगाई बढ़ाने का उद्देश्य नहीं है बल्कि मजबूरी में दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं।


पहले जितनी राशि में सप्ताहभर की सब्जियां आ जाती थीं अब उतने पैसे में दो-तीन दिन का ही सामान मिल पा रहा है। रसोई का पूरा बजट प्रभावित हो गया है और घरेलू खर्च संभालना कठिन होता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम सामान्य नहीं हुआ और फसल की स्थिति में सुधार नहीं आया तो सब्जियों के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

- नीतू देवी, गृहणी


बाजार से कम दामों में सब्जी खरीद कर कुछ पैसे बचत के रूप में जमा कर लिए जाते थे। लेकिन अचानक आसमान छूते सब्जी के भाव ने बचत पर कैंची चलाने का काम किया है। भाव बढ़ने के कारण अब तो केवल एक दिन की ही सब्जी खरीदी जा रही है। अगले दिन के लिए सस्ती होने का इंतजार बना रहता है।
- सुनीता देवी, गृहिणी, जैन मौहल्ला।


एक सप्ताह पहले इन भावों में बिक रही थी सब्जियां

सब्जी का नाम एक सप्ताह पहले के भाव आज इन भाव में बिक रही है
टिंडा 40 80
खीरा 45 80
तोरई 50 80
शिमला मिर्च 80 120
बैंगन 30 50
परवल 60 120
फूलगोभी 100 150
ग्वार फली 60 80
करेला 50 60

नोट: सब्जियों के भाव प्रतिकिलो अनुसार दर्शाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed