सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Every drop of water, from waterworks to homes, is under scrutiny; contaminated water reaches homes, with TDS levels exceeding 600

Charkhi Dadri News: जलघरों से लेकर घरों तक पानी की प्रत्येक बूंद सवालों के घेरे में, घरों में पहुंच रहा दूषित पानी, टीडीएस की मात्रा 600 के पार

संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Wed, 14 Jan 2026 01:12 AM IST
विज्ञापन
Every drop of water, from waterworks to homes, is under scrutiny; contaminated water reaches homes, with TDS levels exceeding 600
घरों में हो रही दूषित पानी ही सप्लाई।  - फोटो : 1
विज्ञापन
चरखी दादरी। शहर में जन स्वास्थ्य विभाग भले ही पानी को फिल्टर करने के बाद आपूर्ति करता हो, लेकिन अधिकांश जगहों पर लाइनों में लीकेज के कारण घरों तक दूषित पानी पहुंच रहा है। हालात ऐसे हैं कि नलों से निकलने वाला पानी प्यास बुझाने के बजाय बीमारियां बांट रहा है। विभागीय दावों के उलट शहर में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। जलघरों में क्लोरिनेशन की प्रक्रिया भले ही अपनाई जा रही हो, लेकिन घरों तक पहुंचते-पहुंचते इसका असर खत्म हो जाता है। पीने के पानी में टीडीएस की मात्रा में 600 के ऊपर पहुंच गई है। जो किसी भी काम के लायक पानी नहीं है। इसका सबसे बड़ा कारण जर्जर और लीकेज से भरी पाइपलाइन है। जलघर से निकलते ही पानी रास्ते में गंदगी, सीवर से मिक्स होकर घरों तक पहुंच रहा है।
Trending Videos




पहले 10 मिनट आता है काला पानी

शहर के कई वार्डों में नलों से आने वाला पानी मटमैला है और उसमें तेज दुर्गंध आती है। लोगों का कहना है कि कई बार तो पानी देखने में ही पीने लायक नहीं लगता। मजबूरी में लोग बाजार से आरओ, कैंपर आदि से पानी खरीद रहे हैं। जो लोग आरओ का उपयोग कर रहे हैं, उन्हें भी राहत नहीं मिल रही, क्योंकि गंदे पानी की वजह से आरओ के फिल्टर कुछ ही दिनों में खराब हो रहे हैं। इससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन




अवैध कनेक्शन भी बने मिश्रण के कारण

पेयजल व्यवस्था को सबसे ज्यादा नुकसान अवैध कनेक्शन पहुंचा रहे हैं। शहर में एक वैध कनेक्शन पर तीन-चार अवैध कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं। इसके लिए निम्न क्वालिटी की पाइपों का इस्तेमाल किया जा रहा है जिनमें आए दिन लीकेज हो जाती है। इससे लीकेज के आसपास जमा गंदा पानी दोबारा पाइपों के भीतर चला जाता है। कई स्थानों पर तो सीवर लाइन और पेयजल लाइन इतनी पास हैं कि सीवर का पानी सीधे सप्लाई लाइन में घुस जाता है।
शहर में कई जगह पानी का 600 के ऊपर टीडीएस

शहर में कहीं भी टीडीएस लेवल की नियमित जांच नहीं हो रही। नियमों के अनुसार पानी की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच अनिवार्य है, लेकिन जो भी सैंपल लिए जाते है वो गुणवत्ता पर खरे नहीं उतर रहे हैं। जांच के दौरान मिली जानकारी के अनुसार कई इलाकों में पानी का टीडीएस लेवल 600 से ऊपर है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह 800 से भी अधिक पहुंच चुका है। इतना अधिक टीडीएस वाला पानी लंबे समय तक पीने से किडनी, लीवर और त्वचा संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
क्या कहते हैं नागरिक ...
विभागीय अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह गए हैं। शिकायतें दर्ज होने के बावजूद न पाइपलाइन बदली जा रही है और न ही अवैध कनेक्शन हटाए जा रहे हैं जिससे साफ पानी सप्लाई करने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।- प्रियंका, कबीर नगर निवासी।



जलघरों की सफाई, पाइपलाइन नेटवर्क की मरम्मत, अवैध कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई और टीडीएस जांच की पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो दादरी में पेयजल संकट एक बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है।- सोमबीर सरोहा, रविदास नगर निवासी।



वर्जन :

जलघरों से शुद्ध पानी और जांच होने के बाद ही सप्लाई किया जाता है। कई बार लाइनें टूटने या कनेक्शन लीकेज के कारण पानी में अशुद्धियां मिल जाती हैं। विभाग के कर्मचारी निरंतर पानी की गुणवत्ता का सुधारने के लिए काम कर रहे हैं।

- सोहन लाल, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग, दादरी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed