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पंजीकृत मजदूरों के लाभ रोकना गलत, किसी सूरत में नहीं किया जाएगा स्वीकार : रामौतार
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 14 Jan 2026 01:16 AM IST
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बाढड़ा। संयुक्त मजदूर मोर्चा के जिला प्रधान रामौतार खोरड़ा ने मंगलवार को गांवों में श्रमिकों केे समक्ष में कहा कि पंजीकृत मजदूरों के लाभ रोकना गैर कानूनी है। घोटाला सरकार कर रही है और जांच मजदूरों की हो रही है। इसे किसी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीटू जिला संयोजक सुमेर सिंह, ब्लॉक कोषाध्यक्ष रोशनलाल धारणी ने गांव धनासरी, भांडवा, पैतावास कलां, खेड़ी बतर, बिलावल, अटेला खुर्द में मजदूरों की बैठकेें ली।
उन्होंने कहा कि मजदूरों की जांच के बजाय मंत्री को अपने अधिकारियों की जांच करवानी चाहिए। पंजीकृत मजदूरों के लाभ रोकना गलत है। राज्य के श्रम मंत्री का यह बयान कि 90 दिन की वेरिफिकेशन में फर्जीवाड़ा हुआ, ये अज्ञानता भरा है, क्योंकि मजदूरों का पंजीकरण जांच करके किया गया था। 2018 में सरकार ने ऑनलाइन करके मजदूरों को लूटने का अधिकार दे दिया गया। निर्माण का काम करने वाले मजदूर को भी अपनी 90 दिन की वेरिफिकेशन के लिए भटकना पड़ा है।
उन्होंने बताया कि आज राज्य के श्रम मंत्री मजदूरों का लाभ रोके हुए है। मजदूरों को फर्जी बता रहे हैं। मजदूरों को फर्जी कहना उनका अपमान है और ये अपमान मजदूर सहन नहीं करेगा। सीटू नेता सुमेर ने कहा कि मनरेगा को खत्म करके हुए कानून के तहत 125 दिन काम देने का प्रलोभन भी ढकोसला है। सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष करेंगे।
सुमेर ने कहा कि सन 2018 से पहले यूनियनों को श्रमिक की वेरिफिकेशन का अधिकार था जिससे मजदूर आसानी से लाभ प्राप्त कर लेता था। सरकार ने सब कुछ केंद्रीकृत कर दिया है। जनसंपर्क अभियान में रविंद्र, रवि कुमार मांढ़ी केहर, अजीत, हरेंद्र, जयनारायण, किशन कुमार, नरेश आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि मजदूरों की जांच के बजाय मंत्री को अपने अधिकारियों की जांच करवानी चाहिए। पंजीकृत मजदूरों के लाभ रोकना गलत है। राज्य के श्रम मंत्री का यह बयान कि 90 दिन की वेरिफिकेशन में फर्जीवाड़ा हुआ, ये अज्ञानता भरा है, क्योंकि मजदूरों का पंजीकरण जांच करके किया गया था। 2018 में सरकार ने ऑनलाइन करके मजदूरों को लूटने का अधिकार दे दिया गया। निर्माण का काम करने वाले मजदूर को भी अपनी 90 दिन की वेरिफिकेशन के लिए भटकना पड़ा है।
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उन्होंने बताया कि आज राज्य के श्रम मंत्री मजदूरों का लाभ रोके हुए है। मजदूरों को फर्जी बता रहे हैं। मजदूरों को फर्जी कहना उनका अपमान है और ये अपमान मजदूर सहन नहीं करेगा। सीटू नेता सुमेर ने कहा कि मनरेगा को खत्म करके हुए कानून के तहत 125 दिन काम देने का प्रलोभन भी ढकोसला है। सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर संघर्ष करेंगे।
सुमेर ने कहा कि सन 2018 से पहले यूनियनों को श्रमिक की वेरिफिकेशन का अधिकार था जिससे मजदूर आसानी से लाभ प्राप्त कर लेता था। सरकार ने सब कुछ केंद्रीकृत कर दिया है। जनसंपर्क अभियान में रविंद्र, रवि कुमार मांढ़ी केहर, अजीत, हरेंद्र, जयनारायण, किशन कुमार, नरेश आदि मौजूद रहे।