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Charkhi Dadri News: बकाया मुआवजे की मांग के लिए किसानों ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Fri, 24 Apr 2026 01:26 AM IST
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Farmers raised slogans against the government demanding pending compensation
अनाज मंडी के समक्ष धरना पर बैठे किसान। - फोटो : 1
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बाढड़ा। संयुक्त किसान मोर्चा का बकाया मुआवजे को लेकर चल रहा धरना प्रदर्शन पिछले नौ माह से जारी है। धरनारत किसानों को समर्थन देने पहुंचे अनेक सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी पहुंच रहे हैं। किसानों का आराेप है कि वर्ष 2023 के बकाया मुआवजा राशि जारी करवाने में सरकार की तरफ से कोई रुचि नहीं ली जा रही है वहीं प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी, सांसद धर्मबीर सिंह की ओर से भी जिले में आगमन के बाद भी लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई है।
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किसानों ने कहा कि बकाया मुआवजे के मांगपत्र को भी सरकार ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया जो अन्नदाता का अपमान है। इस पर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कस्बे की अनाज मंडी के समक्ष श्योराण खाप पच्चीस अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह बेरला की अध्यक्षता में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए कहा कि किसान नौजवान महिला हितों की हर क्षेत्र में उपेक्षा बरती जा रही है। युवाओं को रोजगार देने में सरकार पूरी तरह नकारात्मक रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि सीएम की दादरी रैली को लेकर जनता में भ्रम फैलाया जा रहा है कि आमजन के लिए अनेक लाभकारी योजनाओं की सौगात मिलेगी लेकिन जिले में बार-बार बेमौसमी बरसात से बर्बाद फसलों की स्पेशल गिरदावरी को लेकर एक शब्द भी नहीं बोला गया।
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आज देश प्रदेश हर क्षेत्र में असुरक्षित बनता जा रहा है। श्योराण खाप अध्यक्ष बिजेंद्र बेरला व मास्टर रघुबीर श्योराण ने कहा कि केंद्र व प्रदेश में पहली बार इतनी गूंगी-बहरी सरकार है कि किसान अपने हितों के लिए सड़कों पर आंदोलन करने को मजबूर हैं। सरकार जनता के पैसे को उत्सवों पर उड़ा रही है। बाढड़ा की भूमि ने पहले भी किसान-मजदूर के हकों के लिए कई कुर्बानियां दी हैं और भविष्य में भी सरकार ने हठधर्मिता नहीं छोड़ी तो किसान किसी भी बड़े बलिदान से पीछे नहीं हटेंगे।
वर्ष 2023 के रबी व खरीफ सीजन की फसलों के बीमा मुआवजे की जांच व भरपाई के लिए किसान किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे। मौजूदा सरकार किसान व कृषि व्यवस्था को कमजोर कर कॉरपोरेट घरानों को बढ़ावा दे रही है, जो हमारी पीढ़ी के लिए न्यायसंगत नहीं है। धरने पर मास्टर रघुबीर श्योराण, किसान नेता राजकुमार हडौदी, किसान सभा खंड अध्यक्ष नसीब मोद, रामपाल मोद, प्रताप सिंह हंसावास, पारस काकड़ोली, धर्मपाल पीटीआई, ब्रह्मपाल बाढड़ा, युद्धवीर सिंह, महावीर सिंह, प्राचार्य हवा सिंह, नरेश कुमार कादयान, जयवीर नाथा, ओमप्रकाश कारी दास, सीटू नेता सुमेर सिंह आदि मौजूद रहे।
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