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Charkhi Dadri News: रबी फसलों की गिरदावरी पूरी, आंकड़ों के आधार पर तय होगी औसत पैदावार

संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Tue, 10 Mar 2026 12:34 AM IST
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Girdawari of Rabi crops completed, average yield will be decided on the basis of data.
 दादरी जिले के खेत में खड़ी सरसों की फसल। - फोटो : 1
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चरखी दादरी। पांच फरवरी से शुरू हुई रबी की फसलों की सामान्य गिरदावरी पूरी हो गई है। इस बार मोबाइल फोन के जरिए एप पर फसल का फोटो भी अपलोड किया गया है। पांच मार्च को गिरदावरी का काम पूरा हुआ है। इस बार पटवारियों को गिरदावरी कार्य में कड़ी मेहनत करनी पड़ी है। जिला का कृषि योग्य रकबा 2.73 लाख एकड़ है। सरसों की बिजाई का आंकड़ा 1.60 लाख एकड़ है। रबी सीजन की फसलों की सामान्य गिरदावरी के दौरान मौके से पटवारी ने फसल की फोटो पोर्टल पर अपलोड करनी पड़ी है।
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125 पटवारियों की लगाई थी ड्यूटी
राजस्व विभाग ने पहली बार सामान्य गिरदावरी के लिए साॅफ्टवेयर तैयार किया। प्रत्येक पटवारी की अलग से यूनिक आईडी बनाई गई। आईडी के जरिए पटवारियों ने विवरण व फसल फोटो अपलोड किया है। गिरदावरी के कार्य में 125 पटवारियों की ड्यूटी लगाई गई जिनमें 85 नए भर्ती हुए प्रशिक्षु पटवारी भी शामिल रहे। गिरदावरी का काम पांच फरवरी से शुरू किया गया था।
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जिले में 2.73 लाख रकबा
राजस्व विभाग हर साल फरवरी माह में गिरदावरी करवाता है ताकि बिजाई का आंकड़ा तैयार हो जाए। जिला का कुल कृषि योग्य रकबा 2.73 लाख एकड़ है। 2.60 लाख एकड़ क्षेत्र में रबी की फसलों की बिजाई कर रखी है। सरसों व गेहूं का रकबा ज्यादा है। विदित रहे रबी सीजन में किसान सरसों, गेहूं, जौ, चना, मेथी आदि की फसलें उगाते हैं। सरसों की बिजाई 1.60 लाख एकड़ में कर रखी है।

डेढ़ लाख एकड़ में गेहूं की बिजाई
जिले में गेहूं की बिजाई 1.50 लाख एकड़ में है। जौ का दो हजार एकड़ है। क्षेत्र के किसान सब्जी की खेती भी करते हैं। अब तो बागवानी के प्रति भी किसानों का रुझान बढ़ने लगा है। काफी संख्या में किसानों ने बाग लगा रखे हैं। किसानों की पसंदीदा एवं नकदी माने जाने वाली फसल सरसों की बिजाई हर साल ज्यादा एकड़ में होती है।
जिले का 55 प्रतिशत क्षेत्र रेतिला
जिले का 55 प्रतिशत एरिया रेतीला भी है। रेतीले भागों में भी गेहूं, सरसों की फसलें होती हैं। शेष तराई एरिया में खरीफ सीजन में धान व रबी सीजन में गेहूं की बिजाई की जाती है। रेतीले भागों में बिजली नलकूप से सिंचाई की जाती है जबकि तराई भागों में नहरी पानी से सिंचाई हो जाती है। जिला की भूमि काफी उपजाऊ मानी जाती है।

31 दिसंबर तक की गई थी बिजाई
दिसंबर 2025 तक रबी की सभी प्रकार की फसलों की बिजाई हो चुकी थी। 31 दिसंबर तक गेहूं की पछेती बिजाई का कार्य हुआ था। अब राजस्व विभाग ने सभी प्रकार की फसलों की गिरदावरी की है। पटवारियों ने खेतों में जाकर फसल का विवरण दर्ज किया है। इसी विवरण के आधार पर ही सरकार के पास कुल बिजाई का आकड़ा पहुंचता है और अनुमानित औसत पैदावार का आकलन होता है।
वर्सन:
पांच मार्च को गिरदावरी का काम पूरा कर लिया गया है। फसलों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया गया है। इस बार प्रत्येक पटवारी की यूनिक आईडी बनाई गई। -राजेश कुमार, सदर कानूनगो, राजस्व विभाग
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