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Charkhi Dadri News: चार दिन बाद भी नहीं संभल पाया बिजली तंत्र, आंधी-तूफान से बाढड़ा क्षेत्र में भारी नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 13 Jun 2026 11:21 PM IST
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गांव भांडवा में तेज आंधी से टूटा मकान।
- फोटो : 1
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बाढड़ा। चार दिन पहले आए तेज आंधी-तूफान का असर बाढड़ा उपमंडल क्षेत्र में अब भी दिखाई दे रहा है। कृषि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी है और कई स्थानों पर टूटे बिजली खंभे, झुकी हुई लाइनें और गिरे पेड़ लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। किसानों को ट्यूबवेलों के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही जिससे खेती कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
मंगलवार को आई तेज आंधी और बारिश के बाद लगातार चल रही धूलभरी हवाओं ने पूरे क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीण क्षेत्रों के कई बिजली फीडरों पर दर्जनों खंभे टूट गए और आपूर्ति लाइनें जमीन पर आ गिरीं।
जनजीवन हो रहा प्रभावित
ग्रामीण रविंद्र भांडवा, शंकर शर्मा, दीपक श्योराण, सुनील पिलानियां, विकास और बलजीत जांगड़ा ने बताया कि पिछले चार दिनों से लगातार चल रही तेज आंधियों ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कई मकानों की पानी की टंकियां, सोलर प्लांट और इंटरनेट केबल हवा में उड़ गए, जिससे लोगों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। अनेक किसानों और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सोलर पैनल भी क्षतिग्रस्त हो गए।
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पशुशालाओं को हुआ नुकसान
क्षेत्र के कई गांवों में पशुशालाओं, मुर्गा फार्मों और खेतों में बने मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने, खंभे टूटने और तारों के नीचे झुक जाने के कारण कई फीडरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि मौसम खराब होने और अनहोनी की आशंका के चलते विभाग रात के समय कई फीडरों की बिजली बंद रखता है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
खेतों में पड़े पोल
चार दिन बीत जाने के बाद भी कई खेतों में बिजली के पोल गिरे पड़े हैं। सड़कों के किनारे और बीचोंबीच पड़े पेड़ रात के समय दुर्घटना का खतरा पैदा कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त ढांचे को दुरुस्त करने की मांग की है।
वर्सन:
लगभग 90 प्रतिशत बिजली लाइनें दुरुस्त कर दी गई हैं। कुछ ट्यूबवेल कनेक्शनों से संबंधित खंभे शेष हैं, जिन्हें लगाने का कार्य जारी है और जल्द ही आपूर्ति पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी। - रामसिंह, एसडीओ, बिजली निगम।
मंगलवार को आई तेज आंधी और बारिश के बाद लगातार चल रही धूलभरी हवाओं ने पूरे क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीण क्षेत्रों के कई बिजली फीडरों पर दर्जनों खंभे टूट गए और आपूर्ति लाइनें जमीन पर आ गिरीं।
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जनजीवन हो रहा प्रभावित
ग्रामीण रविंद्र भांडवा, शंकर शर्मा, दीपक श्योराण, सुनील पिलानियां, विकास और बलजीत जांगड़ा ने बताया कि पिछले चार दिनों से लगातार चल रही तेज आंधियों ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कई मकानों की पानी की टंकियां, सोलर प्लांट और इंटरनेट केबल हवा में उड़ गए, जिससे लोगों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। अनेक किसानों और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सोलर पैनल भी क्षतिग्रस्त हो गए।
पशुशालाओं को हुआ नुकसान
क्षेत्र के कई गांवों में पशुशालाओं, मुर्गा फार्मों और खेतों में बने मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने, खंभे टूटने और तारों के नीचे झुक जाने के कारण कई फीडरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि मौसम खराब होने और अनहोनी की आशंका के चलते विभाग रात के समय कई फीडरों की बिजली बंद रखता है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
खेतों में पड़े पोल
चार दिन बीत जाने के बाद भी कई खेतों में बिजली के पोल गिरे पड़े हैं। सड़कों के किनारे और बीचोंबीच पड़े पेड़ रात के समय दुर्घटना का खतरा पैदा कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त ढांचे को दुरुस्त करने की मांग की है।
वर्सन:
लगभग 90 प्रतिशत बिजली लाइनें दुरुस्त कर दी गई हैं। कुछ ट्यूबवेल कनेक्शनों से संबंधित खंभे शेष हैं, जिन्हें लगाने का कार्य जारी है और जल्द ही आपूर्ति पूरी तरह सामान्य कर दी जाएगी। - रामसिंह, एसडीओ, बिजली निगम।