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Charkhi Dadri News: रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी का हेड रैक न होने से भी बनी खाद की किल्लत
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 02 Nov 2024 01:03 AM IST
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अब विभाग ने सीधे गांवों में ही खाद पहुंचाना किया शुरू, शनिवार को 16 हजार बैग पहुंचने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। किसानों की सुविधाएं देखते हुए सरकारी एजेंसियों ने अब डीएपी खाद गांवों में पहुंचानी शुरू कर दी है। अब लोगों को शहर में आने की जरूरत नहीं है। इतना ही नहीं, अब अधिकृत प्राइवेट विक्रेताओं के पास भी खाद आएगी। वे भी वितरण का कार्य कर सकेंगे। दो नवंबर को जिले के 16 गांवों में 16 हजार बैग पहुंचने की उम्मीद है।
दरअसल, मालगाड़ी का दादरी रेलवे स्टेशन पर हेड रैक नहीं होने की वजह से खाद की ज्यादा दिक्कत बन रही है। इस समय सरसों की बिजाई का कार्य पूरा हो चुका है। अब किसान गेहूं की बिजाई शुरू करेंगे। जिले का कुल कृषि योग्य रकबा 1,22,358 हेक्टेयर क्षेत्र है। अब तक 50 हजार से ज्यादा क्षेत्र में बिजाई हो चुकी है।
डीएपी खाद की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार ने अब गांवों में ज्यादा मात्रा में खाद भेजनी शुरू कर दी है। ग्रामीणों को खाद लेने के लिए 25 से 30 किलोमीटर तक दूरी तय करनी पड़ती थी। इससे उन्हें परेशानी होती थी। अब विभाग बारी-बारी से गांवों में ही खाद भेज रहा है। ताकि, किसान को उसके घर के पास ही खाद उपलब्ध हो सके। किसान जरूरत के हिसाब से खाद ले सकता है।गांवों में वितरण के दौरान डीएपी के साथ एक बैग एनपीके खाद भी दी जा रही है। जिले में 16 पैक्स समितियां भी हैं, जिनमें भी खाद का वितरण हो रहा है।
- 16 हजार बैग शहर तो 16 हजार आएंगे गांवों में
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को भिवानी स्थित हेड रैक पर 32 हजार बैग पहुंचने की उम्मीद है, जिनमें से 16 हजार बैग चरखी दादरी आएंगे। इन 16 हजार बैग को अलग-अलग गांवों में भेजा जाएगा। ताकि, वितरण सुचारु रूप से हो सके। गांव में शांतिपूर्वक वितरण कार्य भी हो जाता है। भीड़ नहीं बन पाती है।
- भिवानी है मालगाड़ी का हेड रैक
शहर के रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी का हेड रैक नहीं होने से यहां सीधे तौर पर खाद नहीं उतारी जा सकती है। इस वजह से कभी रेवाड़ी तो कभी भिवानी हेड रैक से खाद मंगवानी पड़ती है। आने वाले सप्ताह में खाद आवक में और तेजी आने की बात अधिकारियों की ओर से कही जा रही है। कारण यह कि गेहूं की बिजाई का समय आ गया है।
वर्सन:
किसानों की सुविधाओं के लिए अब गांवों में ही खाद पहुंचाई जा रही है। शनिवार को करीब 16 हजार बैग जिले में पहुंचने की उम्मीद है। प्राइवेट खाद विक्रेताओं के पास भी खाद आएगी। ऐसे में खाद का संकट नहीं रहने दिया जाएगा।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
फोटो-09
पुरानी अनाज मंडी स्थित खाद वितरण केंद्र। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। किसानों की सुविधाएं देखते हुए सरकारी एजेंसियों ने अब डीएपी खाद गांवों में पहुंचानी शुरू कर दी है। अब लोगों को शहर में आने की जरूरत नहीं है। इतना ही नहीं, अब अधिकृत प्राइवेट विक्रेताओं के पास भी खाद आएगी। वे भी वितरण का कार्य कर सकेंगे। दो नवंबर को जिले के 16 गांवों में 16 हजार बैग पहुंचने की उम्मीद है।
दरअसल, मालगाड़ी का दादरी रेलवे स्टेशन पर हेड रैक नहीं होने की वजह से खाद की ज्यादा दिक्कत बन रही है। इस समय सरसों की बिजाई का कार्य पूरा हो चुका है। अब किसान गेहूं की बिजाई शुरू करेंगे। जिले का कुल कृषि योग्य रकबा 1,22,358 हेक्टेयर क्षेत्र है। अब तक 50 हजार से ज्यादा क्षेत्र में बिजाई हो चुकी है।
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डीएपी खाद की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार ने अब गांवों में ज्यादा मात्रा में खाद भेजनी शुरू कर दी है। ग्रामीणों को खाद लेने के लिए 25 से 30 किलोमीटर तक दूरी तय करनी पड़ती थी। इससे उन्हें परेशानी होती थी। अब विभाग बारी-बारी से गांवों में ही खाद भेज रहा है। ताकि, किसान को उसके घर के पास ही खाद उपलब्ध हो सके। किसान जरूरत के हिसाब से खाद ले सकता है।गांवों में वितरण के दौरान डीएपी के साथ एक बैग एनपीके खाद भी दी जा रही है। जिले में 16 पैक्स समितियां भी हैं, जिनमें भी खाद का वितरण हो रहा है।
- 16 हजार बैग शहर तो 16 हजार आएंगे गांवों में
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को भिवानी स्थित हेड रैक पर 32 हजार बैग पहुंचने की उम्मीद है, जिनमें से 16 हजार बैग चरखी दादरी आएंगे। इन 16 हजार बैग को अलग-अलग गांवों में भेजा जाएगा। ताकि, वितरण सुचारु रूप से हो सके। गांव में शांतिपूर्वक वितरण कार्य भी हो जाता है। भीड़ नहीं बन पाती है।
- भिवानी है मालगाड़ी का हेड रैक
शहर के रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी का हेड रैक नहीं होने से यहां सीधे तौर पर खाद नहीं उतारी जा सकती है। इस वजह से कभी रेवाड़ी तो कभी भिवानी हेड रैक से खाद मंगवानी पड़ती है। आने वाले सप्ताह में खाद आवक में और तेजी आने की बात अधिकारियों की ओर से कही जा रही है। कारण यह कि गेहूं की बिजाई का समय आ गया है।
वर्सन:
किसानों की सुविधाओं के लिए अब गांवों में ही खाद पहुंचाई जा रही है। शनिवार को करीब 16 हजार बैग जिले में पहुंचने की उम्मीद है। प्राइवेट खाद विक्रेताओं के पास भी खाद आएगी। ऐसे में खाद का संकट नहीं रहने दिया जाएगा।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
फोटो-09
पुरानी अनाज मंडी स्थित खाद वितरण केंद्र। संवाद
