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Charkhi Dadri News: 97 लाख का स्वर्ण जयंती पार्क बदहाल देखरेख के अभाव में उजड़ गई रौनक
Thu, 30 Jul 2026 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 30 Jul 2026 12:44 AM IST
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पार्क में लगे कसरत उपकरण के पास भरा बारिश का पानी।
- फोटो : 1
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शहर के पार्कों के जीर्णोद्धार के लिए भले ही नगर परिषद लाख दावे कर रहा हो लेकिन धरातल पर स्थिति इन दावों की की पोल खोलने के लिए काफी है। शहर के वार्ड नंबर-17 स्थित स्वर्ण जयंती पार्क बदहाली के आंसू बहा रहा है।
नगर परिषद की ओर से लगभग पांच साल पहले बड़े उत्साह के साथ इस पार्क का निर्माण कराया गया था ताकि स्थानीय नागरिकों, बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम टहलने व मनोरंजन के लिए एक बेहतर स्थान मिल सके लेकिन आज रख-रखाव के अभाव और प्रशासनिक अनदेखी के चलते यह पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
आज से पांच साल पहले स्थानीय लोगों के लिए वार्ड-17 में स्वर्ण जयंती पार्क का निर्माण करवाया गया था। उस दौरान पार्क के निमार्ण व उपकरणों पर नगर परिषद ने लगभग 97 लाख रुपये की राशि खर्च की गई थी।
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ताकि यहां नागरिकों को सुबह-शाम सैर आदि के लिए बेहतर विकल्प मिल सके लेकिन देख रेख के अभाव में पार्क में बना ओपन जिम पूरी तरह से जर्जर हो चुका है।
जिम में लगाए गए कसरत के अधिकांश उपकरण या तो टूट चुके हैं या फिर जंग लगने के कारण पूरी तरह से बेकार हो चुके हैं। इसके चलते सुबह सैर करने आने वाले युवाओं और बुजुर्गों को भारी निराशा हाथ लगती है।
प्रशासन से लगाई गुहार : वार्ड-17 के स्थानीय निवासियों में नगर परिषद की इस उदासीनता के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया लेकिन हर बार केवल आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
पार्क के निर्माण पर जनता के खून-पसीने की कमाई का लाखों रुपया खर्च किया गया था लेकिन आज देखरेख के अभाव में वह पैसा बर्बाद होता नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्वर्ण जयंती पार्क की सुध ली जाए, ओपन जिम को दुरुस्त कराया जाए व साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था हो और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए पार्क में सुरक्षा गार्ड की तैनाती की जाए।
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चरखी दादरी। शहर के पार्कों के जीर्णोद्धार के लिए भले ही नगर परिषद लाख दावे कर रहा हो लेकिन धरातल पर स्थिति इन दावों की की पोल खोलने के लिए काफी है। शहर के वार्ड नंबर-17 स्थित स्वर्ण जयंती पार्क बदहाली के आंसू बहा रहा है।
नगर परिषद की ओर से लगभग पांच साल पहले बड़े उत्साह के साथ इस पार्क का निर्माण कराया गया था ताकि स्थानीय नागरिकों, बुजुर्गों और बच्चों को सुबह-शाम टहलने व मनोरंजन के लिए एक बेहतर स्थान मिल सके लेकिन आज रख-रखाव के अभाव और प्रशासनिक अनदेखी के चलते यह पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
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आज से पांच साल पहले स्थानीय लोगों के लिए वार्ड-17 में स्वर्ण जयंती पार्क का निर्माण करवाया गया था। उस दौरान पार्क के निमार्ण व उपकरणों पर नगर परिषद ने लगभग 97 लाख रुपये की राशि खर्च की गई थी।
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ताकि यहां नागरिकों को सुबह-शाम सैर आदि के लिए बेहतर विकल्प मिल सके लेकिन देख रेख के अभाव में पार्क में बना ओपन जिम पूरी तरह से जर्जर हो चुका है।
जिम में लगाए गए कसरत के अधिकांश उपकरण या तो टूट चुके हैं या फिर जंग लगने के कारण पूरी तरह से बेकार हो चुके हैं। इसके चलते सुबह सैर करने आने वाले युवाओं और बुजुर्गों को भारी निराशा हाथ लगती है।
प्रशासन से लगाई गुहार : वार्ड-17 के स्थानीय निवासियों में नगर परिषद की इस उदासीनता के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया लेकिन हर बार केवल आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
पार्क के निर्माण पर जनता के खून-पसीने की कमाई का लाखों रुपया खर्च किया गया था लेकिन आज देखरेख के अभाव में वह पैसा बर्बाद होता नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि स्वर्ण जयंती पार्क की सुध ली जाए, ओपन जिम को दुरुस्त कराया जाए व साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था हो और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए पार्क में सुरक्षा गार्ड की तैनाती की जाए।