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Charkhi Dadri News: शहर में खुले नालों पर लगेंगे स्लैब, नप ने 1200 स्लैब का दिया ऑर्डर
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 20 Jun 2026 11:35 PM IST
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शहर के लोहारू रोड पर खुले नाले पर स्लैब लगाने का काम करते एजेंसी के श्रमिक।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। शहर में हादसों का सबब बने खुले पड़े नालों पर स्लैब लगवाने के लिए नगर परिषद ने कवायद शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों की सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए नगर परिषद सभी खुले नालों को ढकवाने के लिए पहले चरण में 1200 स्लैब का आर्डर किया गया है ताकि बारिश के दौरान होने वाले हादसों से बचा जा सके। वहीं नालों में डाली जाने वाली सिंगल यूज प्लास्टिक और बोतलों से बचाया जा सके। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बरसात के दिनों में होने वाले जलभराव और हादसों को रोकना और शहर को स्वच्छ बनाना है।
मानसून के दौरान सड़कों के किनारे बने नाले पानी से लबालब भर जाते हैं जिससे यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां खत्म हो रही है और नाला कहां है। ऐसे में बाइक सवारों और पैदल चलने वालों के लिए ये खुले नाले किसी बड़े खतरे से कम नहीं होते। इसके अलावा, शहर में जगह-जगह पुरानी स्लैब टूट चुकी थीं जिसके कारण आए दिन बेसहारा पशु उनमें गिरकर घायल हो रहे थे। इन घटनाओं ने न केवल पशु क्रूरता की स्थिति पैदा की थी बल्कि सड़कों पर गंदगी भी फैला दी थी।
एस्टीमेट किया तैयार
नगर परिषद की इस पहल से अब राहगीरों और बेसहारा पशुओं को इन जानलेवा नालों से मुक्ति मिलेगी। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार यह कार्य पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले चरण के लिए परिषद ने 1200 स्लैब लगाने का विस्तृत एस्टीमेट तैयार किया था जिसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है। जिन क्षेत्रों में नाले अधिक गहरे हैं और जहां दुर्घटनाओं की आशंका सबसे ज्यादा रहती है उन स्थानों को प्राथमिकता सूची में रखा गया है।
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उच्च गुणवत्ता के बनेंगे स्लैब
अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता वाली कंक्रीट और सरियों का उपयोग किया जा रहा है ताकि स्लैब लंबे समय तक टिकाऊ रहें और भारी वाहनों के दबाव को भी आसानी से झेल सकें। कार्य की गुणवत्ता पर निगरानी रखने के लिए संबंधित इंजीनियरों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
शहर की बदलेगी सूरत
स्लैब लगाए जाने से शहर की सूरत बदलने के साथ-साथ दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी। वहीं शहर की सौंदर्यता को चार चांद लगेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले खुले रहने से शहर में घूम रहे बेसहारा पशु गिर कर गंभीर रूप से घायल हो जाते थे। उन्होंने शहर के वंचित क्षेत्रों में स्लैब लगवाने की मांग की है।
वर्सन:
नगर परिषद की ओर से खुले पड़े नालों पर स्लैब लगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि मानसून सीजन से पहले शहर के सभी क्षेत्रों में नालों पर स्लैब लगवा दिया जाएगा। - सौहार्द शर्मा, कनिष्ठ अभियंता, नगर परिषद
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मानसून के दौरान सड़कों के किनारे बने नाले पानी से लबालब भर जाते हैं जिससे यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां खत्म हो रही है और नाला कहां है। ऐसे में बाइक सवारों और पैदल चलने वालों के लिए ये खुले नाले किसी बड़े खतरे से कम नहीं होते। इसके अलावा, शहर में जगह-जगह पुरानी स्लैब टूट चुकी थीं जिसके कारण आए दिन बेसहारा पशु उनमें गिरकर घायल हो रहे थे। इन घटनाओं ने न केवल पशु क्रूरता की स्थिति पैदा की थी बल्कि सड़कों पर गंदगी भी फैला दी थी।
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एस्टीमेट किया तैयार
नगर परिषद की इस पहल से अब राहगीरों और बेसहारा पशुओं को इन जानलेवा नालों से मुक्ति मिलेगी। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार यह कार्य पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले चरण के लिए परिषद ने 1200 स्लैब लगाने का विस्तृत एस्टीमेट तैयार किया था जिसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है। जिन क्षेत्रों में नाले अधिक गहरे हैं और जहां दुर्घटनाओं की आशंका सबसे ज्यादा रहती है उन स्थानों को प्राथमिकता सूची में रखा गया है।
उच्च गुणवत्ता के बनेंगे स्लैब
अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता वाली कंक्रीट और सरियों का उपयोग किया जा रहा है ताकि स्लैब लंबे समय तक टिकाऊ रहें और भारी वाहनों के दबाव को भी आसानी से झेल सकें। कार्य की गुणवत्ता पर निगरानी रखने के लिए संबंधित इंजीनियरों को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
शहर की बदलेगी सूरत
स्लैब लगाए जाने से शहर की सूरत बदलने के साथ-साथ दुर्घटनाओं में भारी कमी आएगी। वहीं शहर की सौंदर्यता को चार चांद लगेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले खुले रहने से शहर में घूम रहे बेसहारा पशु गिर कर गंभीर रूप से घायल हो जाते थे। उन्होंने शहर के वंचित क्षेत्रों में स्लैब लगवाने की मांग की है।
वर्सन:
नगर परिषद की ओर से खुले पड़े नालों पर स्लैब लगवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उम्मीद है कि मानसून सीजन से पहले शहर के सभी क्षेत्रों में नालों पर स्लैब लगवा दिया जाएगा। - सौहार्द शर्मा, कनिष्ठ अभियंता, नगर परिषद