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Charkhi Dadri News: आईटीआई कलाली-बलाली में विद्यार्थियों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 13 Jun 2026 01:07 AM IST
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प्रशिक्षण शिविर में योग करते हुए विद्यार्थी व शिक्षक।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) कलाली-बलाली में शुक्रवार को योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। हरियाणा योग आयोग एवं आयुष विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योग के विभिन्न आसनों व प्राणायाम का अभ्यास किया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. राकेश वशिष्ठ और जिला समन्वयक डॉ. प्रमिल फोगाट के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में योगाचार्य मित्रसेन आर्य एवं योग शिक्षिका प्रतिभा सांगवान ने प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए निर्धारित योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया। उन्होंने योग की विभिन्न क्रियाओं, आसनों और प्राणायाम की विधियों के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य संबंधी लाभों की भी विस्तार से जानकारी दी।
योग का बताया महत्व
इस अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. कविता ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को आयुर्वेद के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है बल्कि यह स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने दैनिक जीवन में योग और आयुर्वेद को अपनाने का आह्वान किया।
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योगाचार्य मित्रसेन आर्य ने बताया कि 21 जून 2026 को पूरे विश्व में 12वां अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित थीम स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग है जिसका उद्देश्य प्रत्येक आयु वर्ग के लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि देशभर के ऐतिहासिक स्थलों, सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, ग्राम पंचायतों और अमृत सरोवरों में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यमों से भी बड़ी संख्या में लोग योग अभियान से जुड़ रहे हैं।
योग के बताए फायदे
वक्ताओं ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं लचीलापन बढ़ता है और रक्त संचार बेहतर होता है। योग मानसिक तनाव, चिंता और अनिद्रा जैसी समस्याओं को दूर करने में भी सहायक है। साथ ही मधुमेह, मोटापा, अस्थमा और पीठ दर्द जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के नियंत्रण में भी योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
शिविर के अंत में सभी विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन अपनाने तथा प्रतिदिन योग और प्राणायाम करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में जीआई सुरजीत डाढ़ी, खुशी जांगड़ा, पवन कुमार, राकेश कुमार, राजेंद्र, सर्वण कुमार, यामीन, सतीश कुमार, नरेंद्र, संदीप कुमार, आशीष कुमार, मुकेश कुमार, शारदा देवी, गीता रानी सहित संस्थान के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम का आयोजन जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. राकेश वशिष्ठ और जिला समन्वयक डॉ. प्रमिल फोगाट के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में योगाचार्य मित्रसेन आर्य एवं योग शिक्षिका प्रतिभा सांगवान ने प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए निर्धारित योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया। उन्होंने योग की विभिन्न क्रियाओं, आसनों और प्राणायाम की विधियों के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य संबंधी लाभों की भी विस्तार से जानकारी दी।
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योग का बताया महत्व
इस अवसर पर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. कविता ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को आयुर्वेद के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है बल्कि यह स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है। उन्होंने दैनिक जीवन में योग और आयुर्वेद को अपनाने का आह्वान किया।
योगाचार्य मित्रसेन आर्य ने बताया कि 21 जून 2026 को पूरे विश्व में 12वां अंतराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित थीम स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग है जिसका उद्देश्य प्रत्येक आयु वर्ग के लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि देशभर के ऐतिहासिक स्थलों, सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, ग्राम पंचायतों और अमृत सरोवरों में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यमों से भी बड़ी संख्या में लोग योग अभियान से जुड़ रहे हैं।
योग के बताए फायदे
वक्ताओं ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं लचीलापन बढ़ता है और रक्त संचार बेहतर होता है। योग मानसिक तनाव, चिंता और अनिद्रा जैसी समस्याओं को दूर करने में भी सहायक है। साथ ही मधुमेह, मोटापा, अस्थमा और पीठ दर्द जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के नियंत्रण में भी योग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
शिविर के अंत में सभी विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन अपनाने तथा प्रतिदिन योग और प्राणायाम करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में जीआई सुरजीत डाढ़ी, खुशी जांगड़ा, पवन कुमार, राकेश कुमार, राजेंद्र, सर्वण कुमार, यामीन, सतीश कुमार, नरेंद्र, संदीप कुमार, आशीष कुमार, मुकेश कुमार, शारदा देवी, गीता रानी सहित संस्थान के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।