फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Temperature drops due to cloud cover, yet no relief from the humid heat.

Charkhi Dadri News: बादलों की आवाजाही से तापमान में गिरावट, फिर भी उमसभरी गर्मी से नहीं मिली राहत

Sat, 01 Aug 2026 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 01 Aug 2026 12:43 AM IST
विज्ञापन
Temperature drops due to cloud cover, yet no relief from the humid heat.
गांव बिलावल के पास आसमान में छाए बादलों का दृश्य।  - फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार बादलों की आवाजाही बनी हुई है लेकिन बारिश न होने से लोगों को उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को बादल छाने से अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई लेकिन हवा में नमी अधिक होने से लोगों को गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिली।
विज्ञापन

दिनभर उमस के कारण लोग पसीने से तरबतर रहे। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
विज्ञापन

सुबह के समय आसमान में बादल छाए रहने से लोगों को बारिश की उम्मीद जगी लेकिन दोपहर तक बादल बिना बरसे ही आगे बढ़ गए। इसके बाद धूप और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। बाजारों, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लोग गर्मी से बचने के लिए छांव और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते नजर आए। वहीं बिजली की खपत भी लगातार बढ़ रही है जिससे कई क्षेत्रों में लोड बढ़ने की स्थिति बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बन रहे बारिश के आसार
पिछले सात दिनों से जिले में लगभग रोजाना बादल छा रहे हैं। कई बार तेज हवाओं के साथ मौसम भी बदला लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हो सकी। मौसम में लगातार बदलाव के कारण लोगों को बारिश का इंतजार है जबकि किसान भी अच्छी वर्षा की उम्मीद लगाए बैठे हैं। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
धान, बाजरा और कपास की फसलों पर मंडराने लगा संकट
बारिश की कमी का सबसे अधिक असर खरीफ फसलों पर दिखाई देने लगा है। धान, बाजरा, कपास और अन्य फसलों को इस समय पर्याप्त नमी की आवश्यकता है। खेतों में प्राकृतिक नमी कम होने से फसलों की बढ़वार प्रभावित होने लगी है। कई किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
सिंचाई के सहारे बचा रहे फसलें, बढ़ रहा खर्च
बारिश न होने से किसान ट्यूबवेल और अन्य सिंचाई साधनों के जरिये खेतों में पानी देने को मजबूर हैं। लगातार सिंचाई करने से बिजली की खपत बढ़ रही है और किसानों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है।

जिन क्षेत्रों में भूजल स्तर पहले से नीचे है वहां किसानों को अधिक समय तक मोटर चलानी पड़ रही है, जिससे बिजली बिल और खेती की लागत दोनों बढ़ रहे हैं।
वर्जन:
2 अगस्त से 5 अगस्त के दौरान हरियाणा राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ-एक स्थानों पर तेज बारिश की भी संभावना बन रही है। इस दौरान बीच-बीच में बादलवाही रहने से दिन के तापमान में हल्की गिरावट परंतु रात्रि तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। - डॉ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed