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Charkhi Dadri News: देश को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी देने वाले गांव बलाली में इंडोर स्टेडियम नकारा, 6 साल बाद भी नहीं मिला बिजली कनेक्शन

संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 09 Mar 2026 01:51 AM IST
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The indoor stadium in Balali village, which has produced international players for the country, is a failure and still has no electricity connection after six years.
गांव बलाली में इंडोर खेल स्टेडियम का भवन। 
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चरखी दादरी। देश और प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान देने वाले फोगाट बहनों के गांव बलाली में बना इंडोर स्टेडियम आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में शोपीस बनकर रह गया है। करीब छह साल पहले तैयार हुई स्टेडियम की इमारत को अब तक बिजली कनेक्शन नहीं मिल पाया है, जिसके चलते यहां लगी आधुनिक सुविधाएं बेकार पड़ी हैं और खिलाड़ियों को अभ्यास करने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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सरकार की ओर से गांव में खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से इंडोर स्टेडियम का निर्माण कराया गया था। उस समय प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने डिजिटल माध्यम से इसका उद्घाटन भी किया था। उम्मीद जताई गई थी कि इससे क्षेत्र के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा और गांव से और भी खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। लेकिन उद्घाटन के वर्षों बाद भी स्टेडियम पूरी तरह से चालू नहीं हो सका है।
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स्टेडियम में लगे एसी बने शोपीस
स्टेडियम भवन तैयार होने के बाद से ही यहां बिजली कनेक्शन की समस्या बनी हुई है। भवन में थ्री फेज बिजली व्यवस्था के साथ एसी भी लगाए गए हैं, लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं होने के कारण ये सभी उपकरण केवल सजावट बनकर रह गए हैं। गर्मियों के दिनों में स्टेडियम के अंदर अत्यधिक गर्मी हो जाती है, जिससे खिलाड़ियों के लिए अभ्यास करना काफी मुश्किल हो जाता है।



खुद के खर्च से लाए कुश्ती मैट
खेल सुविधाओं के अभाव के बावजूद गांव के युवा खिलाड़ी लगातार अभ्यास कर रहे हैं। खिलाड़ियों के उत्साह को देखते हुए ग्रामीणों ने भी सहयोग का हाथ बढ़ाया है। ग्रामीणों ने अपनी जेब से खर्च कर खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए कुश्ती मैट की व्यवस्था करवाई है, ताकि युवा खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित न हो। हालांकि उनका कहना है कि यदि स्टेडियम में बिजली और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाएं तो खिलाड़ियों को काफी राहत मिल सकती है।
इस गांव ने दिए अंतरराष्ट्रीय सितारे
यह वही गांव है जिसने देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहलवान बहनें दी हैं और यहां खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। संबंधित विभाग और प्रशासन की अनदेखी के कारण करोड़ों रुपये की लागत से बना स्टेडियम सही तरीके से उपयोग में नहीं आ पा रहा है।


पंचायती राज विभाग की ओर से इस स्टेडियम का निर्माण करवाया गया था, इसमें कई प्रकार की खामियां हैं, जिन्हें पूरा नहीं किया गया है। इसको लेकर कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। सभी खामियां दुरुस्त हो जाएंगी तो खेल विभाग को हैंडओवर होगा।
- विष्णु भगवान, जिला खेल अधिकारी, दादरी।
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