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Charkhi Dadri News: 4 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में दो आरोपी और काबू
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:18 AM IST
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चरखी दादरी। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने फर्जी विज्ञापन दिखाकर और नकली पुलिस अधिकारी बनकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली के नजफगढ़ स्थित न्यू गोपाल नगर निवासी दिशांत, लक्ष्य उर्फ लक्की और राजेश मीना है। पुलिस ने दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि एक को रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी है।
पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार के अनुसार, गांव नौसवा निवासी आनंद कुमार ने 31 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उसने बताया कि 15 अक्तूबर 2025 को वह फेसबुक चला रहा था, तभी उसे आईफोन खरीदने का एक आकर्षक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में दावा किया गया था कि लिंक पर क्लिक करने पर उत्पाद सीधे घर तक डिलिवर किया जाएगा। पीड़ित ने जैसे ही विज्ञापन पर क्लिक किया, उसके व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से संदेश आया।
ठग ने पहले 2000 रुपये जमा कराने को कहा और 1900 रुपये रिफंड का झांसा दिया। भरोसा करके पीड़ित ने फोनपे के माध्यम से राशि भेज दी। इसके बाद आरोपियों ने जीएसटी के नाम पर 7110 रुपये और फिर अलग-अलग बहानों से लगातार पैसे ऐंठने शुरू कर दिए। 18 अक्तूबर को पीड़ित के पास एक कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को ‘विक्रम राठौड़, क्राइम ब्रांच दिल्ली’ बताया। आरोपी ने कहा कि एक कंपनी ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है और भुगतान न करने के कारण उसका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया है।
मामला सुलझाने के नाम पर आरोपी ने पहले 37 हजार रुपये और बाद में अलग-अलग किस्तों में कुल 3.27 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद उसे अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने पहले दिशांत और लक्ष्य उर्फ लक्की को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों ने कमीशन के लालच में बैंक खाता राजेश मीना को उपलब्ध कराया था।
इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर राजेश मीना को भी गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को दिशांत और लक्ष्य को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि राजेश मीना को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
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पुलिस प्रवक्ता योगेश कुमार के अनुसार, गांव नौसवा निवासी आनंद कुमार ने 31 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उसने बताया कि 15 अक्तूबर 2025 को वह फेसबुक चला रहा था, तभी उसे आईफोन खरीदने का एक आकर्षक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में दावा किया गया था कि लिंक पर क्लिक करने पर उत्पाद सीधे घर तक डिलिवर किया जाएगा। पीड़ित ने जैसे ही विज्ञापन पर क्लिक किया, उसके व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से संदेश आया।
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ठग ने पहले 2000 रुपये जमा कराने को कहा और 1900 रुपये रिफंड का झांसा दिया। भरोसा करके पीड़ित ने फोनपे के माध्यम से राशि भेज दी। इसके बाद आरोपियों ने जीएसटी के नाम पर 7110 रुपये और फिर अलग-अलग बहानों से लगातार पैसे ऐंठने शुरू कर दिए। 18 अक्तूबर को पीड़ित के पास एक कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को ‘विक्रम राठौड़, क्राइम ब्रांच दिल्ली’ बताया। आरोपी ने कहा कि एक कंपनी ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है और भुगतान न करने के कारण उसका बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया है।
मामला सुलझाने के नाम पर आरोपी ने पहले 37 हजार रुपये और बाद में अलग-अलग किस्तों में कुल 3.27 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद उसे अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने पहले दिशांत और लक्ष्य उर्फ लक्की को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि दोनों ने कमीशन के लालच में बैंक खाता राजेश मीना को उपलब्ध कराया था।
इसके बाद पुलिस ने दबिश देकर राजेश मीना को भी गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को दिशांत और लक्ष्य को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि राजेश मीना को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।