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Charkhi Dadri News: नारी लीड्स स्वच्छता अभियान’ का दायरा बढ़ा, कचरा प्रबंधन में आगे आईं महिलाओं को मिलेगा सम्मान
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 31 Mar 2026 01:25 AM IST
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घर घर जाकर महिलाओं को सम्मानित करती नप टीम।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। नगर परिषद की ओर से स्वच्छता को लेकर चलाई जा रही पहल नारी लीड्स स्वच्छता अभियान को अब और बढ़ा दिया गया है। इस अभियान के तहत कचरे को रि-साइकिल, री-यूज और री ड्यूस फार्मूला पर काम करने वाली महिलाओं की तलाश की जा रही है और उन्हें सम्मानित किया जाएगा। नगर परिषद चेयरमैन बक्शी सैनी और ईओ दीपक गोयल के आदेश अनुसार अभियान को जारी रखा जाएगा। परिषद पहले ही 30 से अधिक महिलाओं को सम्मानित कर चुकी है और अब इस दायरे को और बढ़ाया जा रहा है।
नगर परिषद की इस पहल के तहत शहर की उन महिलाओं की पहचान की जा रही है जो अपने घरों में ही गीले घरेलू कचरे का निस्तारण कर रही हैं। ऐसी महिलाएं न केवल अपने घर को स्वच्छ बनाए रख रही हैं बल्कि गली, मोहल्ले, वार्ड और पूरे शहर की सफाई व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। चयनित महिलाओं के घरों पर ‘मेरा घर मेरी पहचान’ नाम का स्टिकर लगाया जा रहा है और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य घरेलू स्तर पर कचरे के सही प्रबंधन को बढ़ावा देना है। स्वच्छ भारत मिशन की इंचार्ज ज्योति शर्मा ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं घर पर ही जैविक कचरे से खाद तैयार करें जिससे कचरे का बोझ कम हो और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिले। इसके साथ ही महिलाओं को स्वच्छता के क्षेत्र में उनकी भागीदारी के लिए पहचान देना भी इस पहल का अहम हिस्सा है।
इस अभियान से शहर में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और लोग कचरे को अलग-अलग करने के प्रति भी सजग हो रहे हैं। सर्वेक्षण टीम को भी इस पहल से लाभ मिल रहा है, क्योंकि उन्हें स्वच्छता के क्षेत्र में सक्रिय परिवारों की पहचान करने में आसानी हो रही है। नगर परिषद ने आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया है। इस नंबर पर लोग अपनी सफाई संबंधी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं, जिससे समस्याओं का समाधान समय रहते किया जा सके।
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नगर परिषद की इस पहल के तहत शहर की उन महिलाओं की पहचान की जा रही है जो अपने घरों में ही गीले घरेलू कचरे का निस्तारण कर रही हैं। ऐसी महिलाएं न केवल अपने घर को स्वच्छ बनाए रख रही हैं बल्कि गली, मोहल्ले, वार्ड और पूरे शहर की सफाई व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। चयनित महिलाओं के घरों पर ‘मेरा घर मेरी पहचान’ नाम का स्टिकर लगाया जा रहा है और उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जा रहा है।
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इस अभियान का मुख्य उद्देश्य घरेलू स्तर पर कचरे के सही प्रबंधन को बढ़ावा देना है। स्वच्छ भारत मिशन की इंचार्ज ज्योति शर्मा ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं घर पर ही जैविक कचरे से खाद तैयार करें जिससे कचरे का बोझ कम हो और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिले। इसके साथ ही महिलाओं को स्वच्छता के क्षेत्र में उनकी भागीदारी के लिए पहचान देना भी इस पहल का अहम हिस्सा है।
इस अभियान से शहर में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और लोग कचरे को अलग-अलग करने के प्रति भी सजग हो रहे हैं। सर्वेक्षण टीम को भी इस पहल से लाभ मिल रहा है, क्योंकि उन्हें स्वच्छता के क्षेत्र में सक्रिय परिवारों की पहचान करने में आसानी हो रही है। नगर परिषद ने आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया है। इस नंबर पर लोग अपनी सफाई संबंधी शिकायतें दर्ज करवा सकते हैं, जिससे समस्याओं का समाधान समय रहते किया जा सके।