सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Youth and teenagers are falling prey to smoking addiction, rules are also being ignored in the district

Charkhi Dadri News: धूम्रपान की लत की चपेट में आ रहे युवा व किशोर, जिले में नियमों की भी हो रही अनदेखी

संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Wed, 11 Mar 2026 12:38 AM IST
विज्ञापन
Youth and teenagers are falling prey to smoking addiction, rules are also being ignored in the district
विज्ञापन
चरखी दादरी। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और दिखावे की संस्कृति ने युवाओं को ऐसे दलदल में धकेल दिया है जिससे बाहर निकलना उनके लिए चुनौती बनता जा रहा है। जिले के लोगों में धूम्रपान की लत तेजी से बढ़ रही है। इनमें युवाओं और किशोरों की संख्या काफी अधिक है। बीड़ी, सिगरेट के अलावा काफी संख्या में युवा इन दिनों हुक्के की तरफ भी आकर्षित हो रहे हैं जिसके कारण लोगों में सांस और फेफड़ों से संबंधित रोग तेजी से बढ़ रहे हैं।
Trending Videos

ओपीडी में हर रोज आ रहे सीओपीडी के 60-70 मरीज
धूम्रपान के कारण लोगों में सांस, सीओपीडी, कैंसर, टीबी, फेफड़ों से संबंधित रोग बढ़ रहे हैं जिससे पता चलता है कि धूम्रपान केवल शौक नहीं बल्कि जानलेवा बीमारी का रूप लेता जा रहा है। शहर के नागरिक अस्पताल की ओपीडी में हर रोज 60 से 70 मरीज क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) से ग्रस्त पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि सीओपीडी अधिकांश उन लोगों को होती है, जो लंबे समय से धूम्रपान कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

शरीर के सभी अंगों को प्रभावित करता है धूम्रपान
दादरी के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राहुल अरोड़ा ने बताया कि धूम्रपान शरीर के हर अंग को प्रभावित करता है। इसका सबसे अधिक असर श्वसन प्रणाली पर पड़ता है। धूम्रपान से कैंसर, सीओपीडी, टीबी, फेफड़ों के संक्रमण का खतरा रहता है। धुएं में मौजूद निकोटीन और टार फेफड़ों की कार्यक्षमता को धीरे-धीरे खत्म कर देते हैं जिससे व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होती है।
नियमों की भी हो रही अनदेखी
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि कोटपा अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना कानूनी अपराध है। वहीं शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर भी रोक है। इनके अलावा 18 वर्ष से कम आयु के किशोरों को तंबाकू उत्पाद बेचना दंडनीय अपराध है। हैरानी की बात यह है कि जिले में इन नियमों की पूरी तरह अनदेखी हो रही है। खानापूर्ति के लिए सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान न करने से संबंधित नोटिस तो लगाए गए हैं, लेकिन उसके बावजूद वहां धूम्रपान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती। इसी प्रकार शिक्षण संस्थानों के पास भी तंबाकू उत्पादों की बिक्री धड़ल्ले से होती है।
सामाजिक जागरूकता भी जरूरी : डॉ. राहुल
डॉ. राहुल अरोड़ा का कहना है कि लोगों को धूम्रपान की लत से बचाने के लिए कानून के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता की बेहद जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति धूम्रपान छोड़ना चाहता है तो उसे तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए और अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed