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Fatehabad News: 3260 इंतकाल लंबित, प्रो. संपत ने सरकार को घेरा
Sat, 01 Aug 2026 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 01 Aug 2026 10:58 PM IST
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भूना। गांव नहला में आयोजित सभा को संबोधित करते पूर्व मंत्री प्रो. सम्पत सिंह। प्रवक्ता
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फतेहाबाद। जिले में 3,260 भूमि इंतकाल लंबित रहने के मामले पर इनेलो के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह ने सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन राजस्व व्यवस्था के दावों के बावजूद तकनीकी खामियों के कारण हजारों लोग अपने भूमि संबंधी कार्यों के लिए परेशान हैं।
प्रो. संपत सिंह नहला गांव में आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार टोहाना में 810, रतिया में 811, फतेहाबाद में 800, भूना में 600 और कुलां में 250 इंतकाल मामले लंबित हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री के बाद इंतकाल दर्ज होना भूमि स्वामित्व की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इंतकाल लंबित रहने से जमीन की खरीद-बिक्री, बैंक ऋण, विरासत और पारिवारिक बंटवारे जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
प्रो. संपत सिंह ने आरोप लगाया कि कई मामलों में रजिस्टर्ड सेल डीड और पटवारी रिकॉर्ड के बीच तकनीकी असंगति के कारण इंतकाल दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। कुछ स्वीकृत इंतकाल भी जमाबंदी में शामिल नहीं हुए हैं जिससे लोगों को बिना गलती के सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि लंबित सभी इंतकाल का 15 दिनों में विशेष अभियान चलाकर निपटारा किया जाए और तकनीकी खामियों के लिए जिम्मेदारी तय की जाए।
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उन्होंने कार्यकर्ताओं से 10 अगस्त को फतेहाबाद स्थित सेतिया पैलेस में होने वाली इनेलो बैठक में अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। बैठक में इनेलो प्रदेश सचिव बलविंद्र सिंह कैरो, जिला उपाध्यक्ष जगदीश झाझड़ा, शहरी अध्यक्ष यशपाल तनेजा और वरिष्ठ नेता बलविंद्र ग्रेवाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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प्रो. संपत सिंह नहला गांव में आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार टोहाना में 810, रतिया में 811, फतेहाबाद में 800, भूना में 600 और कुलां में 250 इंतकाल मामले लंबित हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री के बाद इंतकाल दर्ज होना भूमि स्वामित्व की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इंतकाल लंबित रहने से जमीन की खरीद-बिक्री, बैंक ऋण, विरासत और पारिवारिक बंटवारे जैसे कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
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प्रो. संपत सिंह ने आरोप लगाया कि कई मामलों में रजिस्टर्ड सेल डीड और पटवारी रिकॉर्ड के बीच तकनीकी असंगति के कारण इंतकाल दर्ज नहीं हो पा रहे हैं। कुछ स्वीकृत इंतकाल भी जमाबंदी में शामिल नहीं हुए हैं जिससे लोगों को बिना गलती के सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि लंबित सभी इंतकाल का 15 दिनों में विशेष अभियान चलाकर निपटारा किया जाए और तकनीकी खामियों के लिए जिम्मेदारी तय की जाए।
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उन्होंने कार्यकर्ताओं से 10 अगस्त को फतेहाबाद स्थित सेतिया पैलेस में होने वाली इनेलो बैठक में अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। बैठक में इनेलो प्रदेश सचिव बलविंद्र सिंह कैरो, जिला उपाध्यक्ष जगदीश झाझड़ा, शहरी अध्यक्ष यशपाल तनेजा और वरिष्ठ नेता बलविंद्र ग्रेवाल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।