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Fatehabad News: जिले में 47% निजी स्कूलों ने दी खाली सीटों की जानकारी, आज अंतिम अवसर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 19 Mar 2026 11:00 PM IST
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फतेहाबाद में प्राइमरी स्कूल संवाद
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फतेहाबाद। आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के तहत दाखिले की प्रक्रिया अटकती नजर आ रही है क्योंकि जिले के 47 फीसदी निजी स्कूलों ने ही अब तक खाली सीटों की जानकारी शिक्षा विभाग को नहीं दी है। इस स्थिति को देखते हुए विभाग ने स्कूलों को 20 मार्च तक का अंतिम अवसर दिया है।
जिले में कुल 253 निजी स्कूल संचालित हैं जिनमें से बड़ी संख्या अब तक आवश्यक जानकारी देने से पीछे हैं। पहले विभाग ने 17 मार्च तक का समय दिया था लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर समय सीमा बढ़ाई गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के भीतर जानकारी नहीं देने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
निर्देशों के अनुसार, स्कूलों को केवल एंट्री लेवल कक्षा की सीटों का ही विवरण देना होगा। यदि एंट्री लेवल कक्षा नर्सरी है तो केवल नर्सरी सीटों का विवरण, एलकेजी होने पर एलकेजी और यूकेजी होने पर यूकेजी की सीटों की संख्या घोषित करनी होगी। इसी प्रकार यदि एंट्री लेवल कक्षा पहली है तो केवल पहली कक्षा की सीटों की संख्या दर्ज करनी होगी।
इसके साथ ही, स्कूलों को मान्यता प्रमाण पत्र की वैध प्रति भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि गलत, एक्सपायर या फर्जी प्रमाण पत्र अपलोड करने पर कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसी स्थिति में एमआईएस पोर्टल की एक्सेस निलंबित की जा सकती है और स्कूल की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
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कुल सीटों का 25 प्रतिशत करना होगा दाखिला
आरटीई के तहत आरक्षित सीटों के रूप में प्रदर्शित करेगा। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग में आने वाले को स्टेटस का प्रमाणपत्र भी अपलोड करना होगा। यदि कोई स्कूल किसी भी एंट्री लेवल कक्षा में सीट घोषित करता है तो उनमें से 25 प्रतिशत सीटें लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित की जाएंगी। इसके अलावा जिन स्कूलों में प्राथमिक कक्षाएं (पहली से पांचवीं) नहीं हैं, उन्हें भी पोर्टल पर इसकी स्पष्ट जानकारी देनी होगी।
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ऐसे रहेगी दाखिले की प्रक्रिया
11 से 20 मार्च तक स्कूलों को पोर्टल पर देनी होगी खाली सीटों की जानकारी
18 से 24 मार्च तक दस्तावेजों की जांच
25 से 30 मार्च तक सीटों और दस्तावेजों का सत्यापन
31 मार्च से 7 अप्रैल तक दाखिले के लिए आवेदन
9 अप्रैल को ड्रॉ
10 से 23 अप्रैल तक चयनित विद्यार्थियों का दाखिला
30 अप्रैल से 4 मई तक प्रतीक्षा सूची में शामिल विद्यार्थियों का दाखिला
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आरटीई के तहत निजी स्कूलों से खाली सीटों की सूची मांगी गई है। विभाग ने अब संचालकों को 20 मार्च तक का मौका दिया है। अगर स्कूल जानकारी नहीं देंगे तो उन पर कार्रवाई तय है।
-अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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जिले में कुल 253 निजी स्कूल संचालित हैं जिनमें से बड़ी संख्या अब तक आवश्यक जानकारी देने से पीछे हैं। पहले विभाग ने 17 मार्च तक का समय दिया था लेकिन अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर समय सीमा बढ़ाई गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के भीतर जानकारी नहीं देने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी।
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निर्देशों के अनुसार, स्कूलों को केवल एंट्री लेवल कक्षा की सीटों का ही विवरण देना होगा। यदि एंट्री लेवल कक्षा नर्सरी है तो केवल नर्सरी सीटों का विवरण, एलकेजी होने पर एलकेजी और यूकेजी होने पर यूकेजी की सीटों की संख्या घोषित करनी होगी। इसी प्रकार यदि एंट्री लेवल कक्षा पहली है तो केवल पहली कक्षा की सीटों की संख्या दर्ज करनी होगी।
इसके साथ ही, स्कूलों को मान्यता प्रमाण पत्र की वैध प्रति भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि गलत, एक्सपायर या फर्जी प्रमाण पत्र अपलोड करने पर कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसी स्थिति में एमआईएस पोर्टल की एक्सेस निलंबित की जा सकती है और स्कूल की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।
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कुल सीटों का 25 प्रतिशत करना होगा दाखिला
आरटीई के तहत आरक्षित सीटों के रूप में प्रदर्शित करेगा। आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग में आने वाले को स्टेटस का प्रमाणपत्र भी अपलोड करना होगा। यदि कोई स्कूल किसी भी एंट्री लेवल कक्षा में सीट घोषित करता है तो उनमें से 25 प्रतिशत सीटें लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित की जाएंगी। इसके अलावा जिन स्कूलों में प्राथमिक कक्षाएं (पहली से पांचवीं) नहीं हैं, उन्हें भी पोर्टल पर इसकी स्पष्ट जानकारी देनी होगी।
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ऐसे रहेगी दाखिले की प्रक्रिया
11 से 20 मार्च तक स्कूलों को पोर्टल पर देनी होगी खाली सीटों की जानकारी
18 से 24 मार्च तक दस्तावेजों की जांच
25 से 30 मार्च तक सीटों और दस्तावेजों का सत्यापन
31 मार्च से 7 अप्रैल तक दाखिले के लिए आवेदन
9 अप्रैल को ड्रॉ
10 से 23 अप्रैल तक चयनित विद्यार्थियों का दाखिला
30 अप्रैल से 4 मई तक प्रतीक्षा सूची में शामिल विद्यार्थियों का दाखिला
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आरटीई के तहत निजी स्कूलों से खाली सीटों की सूची मांगी गई है। विभाग ने अब संचालकों को 20 मार्च तक का मौका दिया है। अगर स्कूल जानकारी नहीं देंगे तो उन पर कार्रवाई तय है।
-अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी