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Fatehabad News: पिछले 26 साल से क्षेत्र की सेवा कर रही भारत विकास परिषद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 23 Mar 2026 12:24 AM IST
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ट्राइ साईकिल भेंट करते हुए भारत विकास परिषद के सदस्य। स्त्रोत- प्रवक्ता
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टोहाना। भारत विकास परिषद की टोहाना शाखा पिछले 26 वर्षों से समाजहित में निरंतर कार्य कर रही है। इस सक्रियता के चलते संस्था कई बार सम्मानित भी हो चुकी है। यह संस्था व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण की विचारधारा पर काम करती है। देशभर में तीन हजार से अधिक शाखाओं के माध्यम से सामाजिक सेवा के विविध प्रकल्प संचालित करती है।
अध्यक्ष रघुनाथ कुकरेजा, सचिव अमित डोरा और कोषाध्यक्ष सुधीर गोयल ने बताया कि परिषद का गठन 28 मई 2000 को संपर्क, सहयोग, सेवा, संस्कार और समर्पण के पांच स्तंभों पर आधारित हुआ। शाखा गठन के साथ ही क्षेत्र में संस्कार निर्माण, समाज सेवा और राष्ट्रभावना जागृत करने के अनेक अभियान शुरू किए गए। भाविप के पूर्व प्रांत अध्यक्ष कुश भार्गव ने भी इस दिशा में योगदान की पुष्टि की।
पूर्व अध्यक्ष अनूप कुमार ने बताया कि संस्था राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता, भारत को जानो सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, गुरु वंदन छात्र अभिनंदन और बाल संस्कार शिविर आयोजित कर बच्चों में चरित्र निर्माण और राष्ट्रभावना का विकास कर रही है। जनहितैषी अभियानों में परिषद ने दिव्यांग सेवा के तहत कृत्रिम अंग प्रदान किए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। लगातार 26 वर्षों से पोलियो ऑपरेशन कराए जा रहे हैं। नेत्रदान एवं देहदान को बढ़ावा देते हुए परिषद ने अब तक 250 से अधिक नेत्रदान और चार देहदान कराए हैं। संवाद
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गुमशुदा को मिलवाने, रक्तदान शिविर और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान
रक्तदान मुहिम में परिषद ने 200 से अधिक शिविर आयोजित कर युवाओं को जोड़ा। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में शहर की सड़कों और मुख्य मार्गों पर हरियाली बढ़ाने में परिषद का योगदान उल्लेखनीय है। गुमशुदा लोगों को उनके परिवारों से मिलाने का राष्ट्रीय स्तर पर परिषद का कार्य प्रशंसनीय रहा है। अब तक 125 से अधिक गुमशुदा लोगों को उनके परिवारों से मिलवाया जा चुका है, जिसमें पुलिस प्रशासन का सहयोग लिया जाता है।
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कोविड काल और जरूरतमंदों में जीवन में ला रहे खुशियां
नवीन जीवन रेखा प्रकल्प के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को मेडिकल बेड, सोर वाले गद्दे और ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गत दो वर्षों में 100 से अधिक क्षेत्रवासी इस प्रकल्प से लाभान्वित हुए हैं। कोविड और प्राकृतिक आपदाओं के समय परिषद ने तुरंत राहत कार्य में सक्रिय भागीदारी दिखाई। संस्था की महिला इकाई गरीब, अनाथ और जरूरतमंद बेटियों की शादी कर उनके जीवन में खुशहाली लाने में सक्रिय है। इसके साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीन और अन्य साधन भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
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अध्यक्ष रघुनाथ कुकरेजा, सचिव अमित डोरा और कोषाध्यक्ष सुधीर गोयल ने बताया कि परिषद का गठन 28 मई 2000 को संपर्क, सहयोग, सेवा, संस्कार और समर्पण के पांच स्तंभों पर आधारित हुआ। शाखा गठन के साथ ही क्षेत्र में संस्कार निर्माण, समाज सेवा और राष्ट्रभावना जागृत करने के अनेक अभियान शुरू किए गए। भाविप के पूर्व प्रांत अध्यक्ष कुश भार्गव ने भी इस दिशा में योगदान की पुष्टि की।
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पूर्व अध्यक्ष अनूप कुमार ने बताया कि संस्था राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता, भारत को जानो सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता, गुरु वंदन छात्र अभिनंदन और बाल संस्कार शिविर आयोजित कर बच्चों में चरित्र निर्माण और राष्ट्रभावना का विकास कर रही है। जनहितैषी अभियानों में परिषद ने दिव्यांग सेवा के तहत कृत्रिम अंग प्रदान किए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। लगातार 26 वर्षों से पोलियो ऑपरेशन कराए जा रहे हैं। नेत्रदान एवं देहदान को बढ़ावा देते हुए परिषद ने अब तक 250 से अधिक नेत्रदान और चार देहदान कराए हैं। संवाद
गुमशुदा को मिलवाने, रक्तदान शिविर और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान
रक्तदान मुहिम में परिषद ने 200 से अधिक शिविर आयोजित कर युवाओं को जोड़ा। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में शहर की सड़कों और मुख्य मार्गों पर हरियाली बढ़ाने में परिषद का योगदान उल्लेखनीय है। गुमशुदा लोगों को उनके परिवारों से मिलाने का राष्ट्रीय स्तर पर परिषद का कार्य प्रशंसनीय रहा है। अब तक 125 से अधिक गुमशुदा लोगों को उनके परिवारों से मिलवाया जा चुका है, जिसमें पुलिस प्रशासन का सहयोग लिया जाता है।
कोविड काल और जरूरतमंदों में जीवन में ला रहे खुशियां
नवीन जीवन रेखा प्रकल्प के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को मेडिकल बेड, सोर वाले गद्दे और ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। गत दो वर्षों में 100 से अधिक क्षेत्रवासी इस प्रकल्प से लाभान्वित हुए हैं। कोविड और प्राकृतिक आपदाओं के समय परिषद ने तुरंत राहत कार्य में सक्रिय भागीदारी दिखाई। संस्था की महिला इकाई गरीब, अनाथ और जरूरतमंद बेटियों की शादी कर उनके जीवन में खुशहाली लाने में सक्रिय है। इसके साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई मशीन और अन्य साधन भी उपलब्ध कराए जाते हैं।

ट्राइ साईकिल भेंट करते हुए भारत विकास परिषद के सदस्य। स्त्रोत- प्रवक्ता