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Fatehabad News: पढ़ाई के दबाव से 10वीं के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, परिजन बोले- तनाव में था बच्चा

Wed, 12 Aug 2026 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Wed, 12 Aug 2026 11:09 PM IST
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Class 10 student hangs himself due to academic pressure; family says he was under stress
सदर थाना प्रभारी साधुराम घटना की जानकारी देते हुए 
टोहाना। उपमंडल के गांव जमालपुर शेखां में पढ़ाई के तनाव से परेशान होकर 10वीं कक्षा के विद्यार्थी ने मंगलवार रात घर में फंदा लगा लिया। घटना की सूचना मंगलवार रात अस्पताल से पुलिस को मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। पुलिस ने नागरिक अस्पताल में बुधवार को परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
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परिजनों के मुताबिक हनी (15) अपने ऊपर के कमरे में अकेला था और पढ़ाई कर रहा था। उसकी माता रसोई में कार्य कर रही थी और पिता खेत में गए हुए थे। मां ने जब हनी को आवाज लगाई तो कोई जवाब नहीं आया। इस पर वह ऊपर कमरे में देखने गई तो हनी ने कमरे की छत से फंदा लगाया हुआ था।
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सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर साधुराम ने बताया कि बच्चे के आत्महत्या की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के पिता कृष्ण के बयान के आधार पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है। सरकारी अस्पताल में बुधवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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सदर थाना प्रभारी साधुराम ने बताया कि मृतक के पिता ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि बेटा पढ़ाई में कमजोर था इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। प्रथम दृष्टया कारण पढ़ाई से जुड़ा तनाव ही सामने आया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इसके बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस के अनुसार मृतक के परिवार में दो भाई हैं। दूसरा भाई 8वीं कक्षा में पढ़ता है।
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भविष्य में आगे बढ़ने के लिए प्रतियोगिताओं के चलते बच्चों पर माता-पिता की तरफ से भी कई बार पढ़ाई के लिए दबाव डाला जाता है। इससे बच्चे तनाव में रहते हैं और गलत कदम उठा लेते हैं। बच्चों के प्रति माता-पिता को सजग रहना चाहिए और समय-समय पर उनकी काउंसिलिंग जरूरी है।

- देवेंद्र सिंह दहिया, सेवानिवृत्त शिक्षक
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बच्चों पर स्कूल और घर पर परिवार की तरफ से पढ़ाई के लिए दबाव रहता है। माता-पिता की बच्चों के प्रति अपेक्षाएं ज्यादा रहती हैं और यही कारण है कि बच्चे तनाव में चले जाते हैं। परिजनों को तनाव के लक्षणों को पहचाना चाहिए। अगर बच्चा गुमसुम है या फिर खाना नहीं खा रहा है, अच्छे से नींद नहीं ले रहा है तो चिकित्सक को दिखाना चाहिए। बच्चों की काउंसिलिंग जरूरी है। बच्चे पर पढ़ाई को लेकर दबाव नहीं डालना चाहिए।
- डॉ. गिरीश, मनोचिकित्सक, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद।
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