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हरियाणा में रिश्वत लेते क्लर्क गिरफ्तार: बिल पास करवाने की एवज में मांग रहा था घूस, एसीबी ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 11 Mar 2026 06:03 PM IST
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सार
रिश्वत की मांग से परेशान होकर सुनील बिश्नोई ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने ट्रेजरी विभाग के एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
रिश्वत की मांग में गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
लघु सचिवालय की ट्रेजरी में बुधवार दोपहर को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने छापेमार कार्रवाई कर क्लर्क को तीन हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क पर बिल पास करने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। आरोप है कि 39 हजार रुपये का बिल पास करने के लिए वीएलडीए से रिश्वत मांगी गई थी।
एसीबी को दी शिकायत में पशुपालन विभाग में वीएलडीए के पद पर तैनात सुनील बिश्नोई ने आरोप लगाया कि 39 हजार रुपये की दवाइयों की खरीद की थी। नियमानुसार इन दवाइयों के बिल ट्रेजरी विभाग में पास होने के लिए भेजे गए थे। आरोप है कि ट्रेजरी में तैनात क्लर्क बिल पास करने की बजाय उन्हें लगातार अटकाता रहा। जब वीएलडीए सुनील बिश्नोई ने क्लर्क हीरालाल से बात की तो उसने बिल पास करने के बदले तीन हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर दी।
रिश्वत की मांग से परेशान होकर सुनील बिश्नोई ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने ट्रेजरी विभाग के एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। डीएसपी जुगल किशोर ने बताया कि टीम ने ट्रेजरी में तैनात क्लर्क को तीन हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू की गई है।
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एसीबी को दी शिकायत में पशुपालन विभाग में वीएलडीए के पद पर तैनात सुनील बिश्नोई ने आरोप लगाया कि 39 हजार रुपये की दवाइयों की खरीद की थी। नियमानुसार इन दवाइयों के बिल ट्रेजरी विभाग में पास होने के लिए भेजे गए थे। आरोप है कि ट्रेजरी में तैनात क्लर्क बिल पास करने की बजाय उन्हें लगातार अटकाता रहा। जब वीएलडीए सुनील बिश्नोई ने क्लर्क हीरालाल से बात की तो उसने बिल पास करने के बदले तीन हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर दी।
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रिश्वत की मांग से परेशान होकर सुनील बिश्नोई ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने ट्रेजरी विभाग के एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। डीएसपी जुगल किशोर ने बताया कि टीम ने ट्रेजरी में तैनात क्लर्क को तीन हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू की गई है।