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Fatehabad News: विकास की आस में धान कॉलोनी, वैध होने का इंतजार कर रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 01 Mar 2026 11:27 PM IST
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फतेहाबाद की धान कॉलोनी में कच्ची गलियां। संवाद
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फतेहाबाद। शहर की सीमाओं का विस्तार तो हो रहा है, लेकिन शहर की बाहरी कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। शहर की बाहरी कॉलोनी में शामिल धान कॉलोनी की नगर परिषद की ओर से अनदेखी की जा रही है। इस कॉलोनी में करीब 70 से 80 घर बने हुए हैं। कॉलोनी को वैध करने की फाइल लंबे समय से सरकारी दफ्तरों की धूल फांक रही है, जिसका खामियाजा यहां के लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
धान कॉलोनी की गलियां पूरी तरह कच्ची हैं। उबड़-खाबड़ रास्तों के कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिर रहे हैं। हल्की सी बारिश होते ही पूरी कॉलोनी में जलभराव हो जाता है। कीचड़ और जलभराव के कारण पैदल चलना भी दूभर हो जाता है जिससे स्कूली बच्चों व बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर कई बार-अधिकारियों को शिकायत दी गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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सीवरेज व्यवस्था का अभाव
धान कॉलोनी में सीवरेज व्यवस्था नहीं है। इससे जलनिकासी का कोई पुख्ता इंतजाम न होने के कारण घरों का गंदा पानी खाली प्लॉटों या गलियों में जमा रहता है। ठहरे हुए पानी से उठने वाली दुर्गंध और पनपते मच्छरों के कारण इलाके में संक्रामक बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है।
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70 परिवारों की एक ही मांग, कॉलोनी को वैध करो
वर्तमान में धान कॉलोनी में 70 से अधिक पक्के मकान बने हुए हैं। स्थानीय निवासी रामफल, सुमेर सिंह और संतोष देवी ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से कॉलोनी को वैध घोषित करने की मांग कर रहे हैं। चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते हैं और बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीत के बाद कोई मुड़कर नहीं देखता। जब भी हम विकास कार्यों की मांग करते हैं, तो प्रशासन अवैध कॉलोनी होने का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेता है।
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मैं पिछले 10 वर्षों से इस कॉलोनी का स्थायी निवासी हूं। कॉलोनी के अवैध होने से विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इससे मोहल्ला में जमीनों की कीमत नहीं है।
-राजेंद्र, मोहल्लावासी।
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कॉलोनी को वैध करवाने के लिए पिछले तीन सालों से प्रयास जारी है। कॉलाेनी के वैध होने की सभी शर्तें पूरी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
-लीलूराम, मोहल्लावासी।
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जब तक किसी कॉलोनी को वैध घोषित नहीं किया जाता, तब तक वहां सरकारी निधि से पक्की सड़कें, सीवरेज या स्ट्रीट लाइट जैसे कार्य नहीं किए जा सकते। ऐसे में प्रशासन से अपील है कि कॉलोनी को वैध किया जाए।
-निरखान सिंह, मोहल्लावासी।
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धान कॉलोनी को वैध करवाने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को मांग पत्र सौंपे हैं, लेकिन अभी तक आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ है।
-हरीचंद, मोहल्लावासी।
:: सरकारी राशि खर्च करने के लिए कॉलोनी का वैध होना जरूरी है। जब तक कॉलोनी वैध नहीं होगी, नगर परिषद की ओर से इसके लिए बजट जारी नहीं किया जाएगा। कॉलोनी को वैध करवाने के लिए प्रयास जारी है।
-अनिल गर्ग, पार्षद, नगर परिषद वार्ड-24, फतेहाबाद।
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धान कॉलोनी की गलियां पूरी तरह कच्ची हैं। उबड़-खाबड़ रास्तों के कारण आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिर रहे हैं। हल्की सी बारिश होते ही पूरी कॉलोनी में जलभराव हो जाता है। कीचड़ और जलभराव के कारण पैदल चलना भी दूभर हो जाता है जिससे स्कूली बच्चों व बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर कई बार-अधिकारियों को शिकायत दी गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
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सीवरेज व्यवस्था का अभाव
धान कॉलोनी में सीवरेज व्यवस्था नहीं है। इससे जलनिकासी का कोई पुख्ता इंतजाम न होने के कारण घरों का गंदा पानी खाली प्लॉटों या गलियों में जमा रहता है। ठहरे हुए पानी से उठने वाली दुर्गंध और पनपते मच्छरों के कारण इलाके में संक्रामक बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है।
70 परिवारों की एक ही मांग, कॉलोनी को वैध करो
वर्तमान में धान कॉलोनी में 70 से अधिक पक्के मकान बने हुए हैं। स्थानीय निवासी रामफल, सुमेर सिंह और संतोष देवी ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से कॉलोनी को वैध घोषित करने की मांग कर रहे हैं। चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते हैं और बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीत के बाद कोई मुड़कर नहीं देखता। जब भी हम विकास कार्यों की मांग करते हैं, तो प्रशासन अवैध कॉलोनी होने का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेता है।
मैं पिछले 10 वर्षों से इस कॉलोनी का स्थायी निवासी हूं। कॉलोनी के अवैध होने से विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इससे मोहल्ला में जमीनों की कीमत नहीं है।
-राजेंद्र, मोहल्लावासी।
कॉलोनी को वैध करवाने के लिए पिछले तीन सालों से प्रयास जारी है। कॉलाेनी के वैध होने की सभी शर्तें पूरी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
-लीलूराम, मोहल्लावासी।
जब तक किसी कॉलोनी को वैध घोषित नहीं किया जाता, तब तक वहां सरकारी निधि से पक्की सड़कें, सीवरेज या स्ट्रीट लाइट जैसे कार्य नहीं किए जा सकते। ऐसे में प्रशासन से अपील है कि कॉलोनी को वैध किया जाए।
-निरखान सिंह, मोहल्लावासी।
धान कॉलोनी को वैध करवाने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों और जन प्रतिनिधियों को मांग पत्र सौंपे हैं, लेकिन अभी तक आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ है।
-हरीचंद, मोहल्लावासी।
:: सरकारी राशि खर्च करने के लिए कॉलोनी का वैध होना जरूरी है। जब तक कॉलोनी वैध नहीं होगी, नगर परिषद की ओर से इसके लिए बजट जारी नहीं किया जाएगा। कॉलोनी को वैध करवाने के लिए प्रयास जारी है।
-अनिल गर्ग, पार्षद, नगर परिषद वार्ड-24, फतेहाबाद।