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Fatehabad News: 33 करोड़ के ड्रेनेज प्रोजेक्ट पर विवाद, लोगों ने काम रुकवाया
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:13 PM IST
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भूना। विरोध के बाद ठेकेदार ने पाइपलाइन बिछाने का कार्य रोकने का लोगों को आश्वासन देतेस्त्रोत
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भूना। शहर में बारिश से होने वाले जलभराव की समस्या के समाधान के लिए बनाई गई करीब 33 करोड़ रुपये की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना को लेकर रविवार को विवाद हो गया। लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने मूल साइट प्लान से हटकर पाइपलाइन बिछाने का प्रयास किया जिससे योजना की तकनीकी उपयोगिता प्रभावित हो सकती है। विरोध के बाद ठेकेदार को काम रोकना पड़ा।
ड्रेनेज पाइपलाइन को शहीद भगत सिंह पार्क से सीधे जोहड़ तक ले जाने का प्रस्ताव था। आरोप है कि कुछ कब्जाधारियों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से पाइपलाइन का रूट बदल दिया गया और इसे बस स्टैंड से पुलिस स्टेशन के सामने वाली गली के रास्ते जोहड़ तक ले जाने की तैयारी की गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बदले गए मार्ग में दो स्थानों पर 90 डिग्री के तीखे मोड़ बनाए जा रहे थे जिससे पानी की निकासी प्रभावित होने की आशंका है। रिटायर्ड उप मंडल अधिकारी रणजीत सिंह ने कहा कि स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज लाइन में 90 डिग्री के तीखे मोड़ तकनीकी दृष्टि से उचित नहीं हैं। इससे पानी के प्रवाह की गति कम हो सकती है और पूरी व्यवस्था की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
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शहरवासियों सरदार अमरीक सिंह, सरदार विक्रमजीत सिंह, कृष्ण कुमार, राजेंद्र सिंह, रमेश चंद्र, बलवीर सिंह और समरजीत सिंह ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते इंजीनियरों के मूल मास्टर प्लान के विपरीत कार्य किया जा रहा है। उनका कहना है कि लोक निर्माण विभाग को सड़क संबंधी राशि जमा कराई जा चुकी है इसके बावजूद नगर पालिका की मुख्य सड़क को बिना अनुमति तोड़ने का प्रयास किया गया।
लोगों के विरोध के बाद ठेकेदार ने पाइपलाइन बिछाने का कार्य रोक दिया। नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि साइट प्लान के अनुसार कार्य नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं नगर पालिका सचिव दीपक कुमार ने बताया कि संबंधित सड़क पर खुदाई के लिए विभाग से कोई एनओसी नहीं ली गई है। उन्होंने कहा कि सड़क कुछ वर्ष पहले ही करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई थी। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
ड्रेनेज पाइपलाइन को शहीद भगत सिंह पार्क से सीधे जोहड़ तक ले जाने का प्रस्ताव था। आरोप है कि कुछ कब्जाधारियों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से पाइपलाइन का रूट बदल दिया गया और इसे बस स्टैंड से पुलिस स्टेशन के सामने वाली गली के रास्ते जोहड़ तक ले जाने की तैयारी की गई।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि बदले गए मार्ग में दो स्थानों पर 90 डिग्री के तीखे मोड़ बनाए जा रहे थे जिससे पानी की निकासी प्रभावित होने की आशंका है। रिटायर्ड उप मंडल अधिकारी रणजीत सिंह ने कहा कि स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज लाइन में 90 डिग्री के तीखे मोड़ तकनीकी दृष्टि से उचित नहीं हैं। इससे पानी के प्रवाह की गति कम हो सकती है और पूरी व्यवस्था की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
शहरवासियों सरदार अमरीक सिंह, सरदार विक्रमजीत सिंह, कृष्ण कुमार, राजेंद्र सिंह, रमेश चंद्र, बलवीर सिंह और समरजीत सिंह ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के चलते इंजीनियरों के मूल मास्टर प्लान के विपरीत कार्य किया जा रहा है। उनका कहना है कि लोक निर्माण विभाग को सड़क संबंधी राशि जमा कराई जा चुकी है इसके बावजूद नगर पालिका की मुख्य सड़क को बिना अनुमति तोड़ने का प्रयास किया गया।
लोगों के विरोध के बाद ठेकेदार ने पाइपलाइन बिछाने का कार्य रोक दिया। नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि साइट प्लान के अनुसार कार्य नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं नगर पालिका सचिव दीपक कुमार ने बताया कि संबंधित सड़क पर खुदाई के लिए विभाग से कोई एनओसी नहीं ली गई है। उन्होंने कहा कि सड़क कुछ वर्ष पहले ही करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई थी। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।