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Fatehabad News: सूखे नल और खराब फिल्टर...लघु सचिवालय और ई-दिशा केंद्र में प्यास बुझाने को तरसे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 12 Mar 2026 10:56 PM IST
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फतेहाबाद के लघु सचिवालय के तृतीय तल पर बंद पड़ा वाटर कूलर। संवाद
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फतेहाबाद। गर्मी बढ़ते ही जिले के लघु सचिवालय और ई-दिशा केंद्र में पानी की कमी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। प्रशासन भले ही गर्मी से बचाव के दावे कर रहा हो लेकिन सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की सुविधा ठप है।
लघु सचिवालय और ई-दिशा केंद्र में लगे अधिकांश वाटर कूलर खराब पड़े हैं। ई-दिशा केंद्र का वाटर कूलर तो दो साल से सूखा पड़ा है। बुजुर्ग और महिलाएं प्यास बुझाने के लिए निजी दुकानों या दूर स्थित नलों पर निर्भर हैं। लघु सचिवालय परिसर में जिले के सभी प्रशासनिक कार्यालय स्थित हैं। यहां लगाए अधिकांश वाटर कूलर या तो रखरखाव के अभाव में बंद हैं या उनमें पानी का कनेक्शन ही नहीं। कई स्थानों पर फिल्टर मशीनें भी खराब हैं। गर्मियों में लोगों को ठंडा पानी तो दूर, सामान्य पेयजल तक नहीं मिल पा रहा।
कैंपरों पर निर्भर कर्मचारी
पेयजल की समस्या का असर कर्मचारियों पर भी पड़ा है। वे निजी तौर पर कैंपर मंगवाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। वहीं दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोग गर्मी में पानी खरीदने को मजबूर हैं। हालांकि पिछले छह माह में उपायुक्त ने दो बार निरीक्षण किया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
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गर्मी के प्रकोप को देखते हुए ई-दिशा केंद्र और सचिवालय परिसर में खराब पड़े वाटर कूलरों को तुरंत दुरुस्त किया जाए। सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त पेयजल टैंकरों की व्यवस्था की जाए ताकि गर्मी में किसी को परेशानी न हो। मुकेश कुमार।
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यदि प्रशासन की ओर से गर्मी को देखते हुए समय रहते पुख्ता इंतजाम नहीं करता है तो आने वाले दिनों में जब तापमान 40 डिग्री के पार जाएगा, तब स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। पवन कुमार।
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मैं ई-दिशा केंद्र में नकल निकलवाने पहुंचा था। ई-दिशा केंद्र में लगे वाटर कूलर के खराब होने के कारण मुझे परेशानी हुई। यह वाटर पिछले दो सालों से खराब है। इसको जल्द ठीक किया जाना चाहिए। चांदीराम।
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ई-दिशा केंद्र भवन में कई विभागों के कार्यालय बनाए गए है। ऐसे में यहां रोजाना सैकड़ों लोगों को पेयजल के परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन को इस मामले पर जल्द संज्ञान लेना चाहिए। कपिल, पार्षद, नगर परिषद।
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लघु सचिवालय में वाटर कूलरों व पंखों की जांच पड़ताल की जाएगी। यदि कोई तकनीकी खराबी है तो उसे ठीक करवाया जाएगा, ताकि लोगों को गर्मी में परेशानी न झेलनी पड़े। - राजेश कुमार, एसडीएम फतेहाबाद।
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लघु सचिवालय और ई-दिशा केंद्र में लगे अधिकांश वाटर कूलर खराब पड़े हैं। ई-दिशा केंद्र का वाटर कूलर तो दो साल से सूखा पड़ा है। बुजुर्ग और महिलाएं प्यास बुझाने के लिए निजी दुकानों या दूर स्थित नलों पर निर्भर हैं। लघु सचिवालय परिसर में जिले के सभी प्रशासनिक कार्यालय स्थित हैं। यहां लगाए अधिकांश वाटर कूलर या तो रखरखाव के अभाव में बंद हैं या उनमें पानी का कनेक्शन ही नहीं। कई स्थानों पर फिल्टर मशीनें भी खराब हैं। गर्मियों में लोगों को ठंडा पानी तो दूर, सामान्य पेयजल तक नहीं मिल पा रहा।
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कैंपरों पर निर्भर कर्मचारी
पेयजल की समस्या का असर कर्मचारियों पर भी पड़ा है। वे निजी तौर पर कैंपर मंगवाकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं। वहीं दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोग गर्मी में पानी खरीदने को मजबूर हैं। हालांकि पिछले छह माह में उपायुक्त ने दो बार निरीक्षण किया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
गर्मी के प्रकोप को देखते हुए ई-दिशा केंद्र और सचिवालय परिसर में खराब पड़े वाटर कूलरों को तुरंत दुरुस्त किया जाए। सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त पेयजल टैंकरों की व्यवस्था की जाए ताकि गर्मी में किसी को परेशानी न हो। मुकेश कुमार।
यदि प्रशासन की ओर से गर्मी को देखते हुए समय रहते पुख्ता इंतजाम नहीं करता है तो आने वाले दिनों में जब तापमान 40 डिग्री के पार जाएगा, तब स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। पवन कुमार।
मैं ई-दिशा केंद्र में नकल निकलवाने पहुंचा था। ई-दिशा केंद्र में लगे वाटर कूलर के खराब होने के कारण मुझे परेशानी हुई। यह वाटर पिछले दो सालों से खराब है। इसको जल्द ठीक किया जाना चाहिए। चांदीराम।
ई-दिशा केंद्र भवन में कई विभागों के कार्यालय बनाए गए है। ऐसे में यहां रोजाना सैकड़ों लोगों को पेयजल के परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन को इस मामले पर जल्द संज्ञान लेना चाहिए। कपिल, पार्षद, नगर परिषद।
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लघु सचिवालय में वाटर कूलरों व पंखों की जांच पड़ताल की जाएगी। यदि कोई तकनीकी खराबी है तो उसे ठीक करवाया जाएगा, ताकि लोगों को गर्मी में परेशानी न झेलनी पड़े। - राजेश कुमार, एसडीएम फतेहाबाद।