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Fatehabad News: आम बजट पर किसानों के नहीं मिले सुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 01 Feb 2026 11:29 PM IST
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गांव चिंदड़ की सेम ग्रस्त कृषि योग्य भूमि। आकाइव
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फतेहाबाद। आम बजट में कृषि क्षेत्र के लिए की गई घोषणा पर किसानों ने मिलीजुली प्रतिक्रियाएं दी हैं। इस मसले पर किसानों के सुर में सुर नहीं मिले। किसी ने बजट को सराहा है तो किसी ने किसान विरोधी बताते हुए आलोचना की है। कई किसानों ने हरियाणा के लिए बजट में झोली खाली होने की बात कही है।
केंद्र सरकार के बजट में कृषि क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से किसानों को लाभ देने का प्रावधान है, जिनकी भूमि सेम की समस्या से बंजर हो चुकी थी। सरकार ने सेमग्रस्त भूमि में सुधार के लिए 6,000 करोड़ रुपये का विशेष बजट आवंटित किया है। इस राशि से जिले की बंजर हो चुकी जमीन को फिर से उपजाऊ बनाने के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और ट्यूबवेल आधारित जल निकासी परियोजनाओं को गति मिलेगी। फतेहाबाद के लगभग 40 गांवों में पिछले कई वर्षों से 50 हजार एकड़ से अधिक भूमि सेम की चपेट में है।
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आम बजट में जलभराव और लवणता से प्रभावित भूमि को सुधारने के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। इससे किसानों में उम्मीद जगी है कि सेमग्रस्त होने से बंजर हो चुकी कृषि योग्य में फिर से फसल लहलहाएगी। अगर यह परियोजना लागू होती है तो इससे किसानों को राहत मिलेगी।
इंद्रराज ऐतरा, किसान गांव चिंदड़।
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आम बजट से उम्मीद थी कि किसानों के लिए यह बजट लाभकारी होगा। हालांकि इस बजट से उन्हें कुछ लाभ नहीं मिला। नारियल ओर ड्राई फ्रूट्स को लेकर जो बजट दिया गया है। इन फलों की खेती प्रदेश में है नहीं।
रायसिंह, किसान भट्टू कलां।
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सरकार को कृषि यंत्रों पर दी जा रही सब्सिडी को बढ़ाना चाहिए था और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त बजट होना चाहिए था। अगर कृषि यंत्रों को बढ़ावा मिलता है किसान नई तकनीकी खेती की ओर अग्रसर होंगे।
रामसिंह, किसान।
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सेम की समस्या लगातार बढ़ रही है। अगर इस पर नियंत्रण किया जाता है तो सेमग्रस्त क्षेत्र के किसानों को राहत मिलेगी। पेश किए बजट में यह एक अच्छी घोषणा है।
राजेंद्र किसान।
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केंद्र सरकार के बजट में कृषि क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से किसानों को लाभ देने का प्रावधान है, जिनकी भूमि सेम की समस्या से बंजर हो चुकी थी। सरकार ने सेमग्रस्त भूमि में सुधार के लिए 6,000 करोड़ रुपये का विशेष बजट आवंटित किया है। इस राशि से जिले की बंजर हो चुकी जमीन को फिर से उपजाऊ बनाने के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और ट्यूबवेल आधारित जल निकासी परियोजनाओं को गति मिलेगी। फतेहाबाद के लगभग 40 गांवों में पिछले कई वर्षों से 50 हजार एकड़ से अधिक भूमि सेम की चपेट में है।
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आम बजट में जलभराव और लवणता से प्रभावित भूमि को सुधारने के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। इससे किसानों में उम्मीद जगी है कि सेमग्रस्त होने से बंजर हो चुकी कृषि योग्य में फिर से फसल लहलहाएगी। अगर यह परियोजना लागू होती है तो इससे किसानों को राहत मिलेगी।
इंद्रराज ऐतरा, किसान गांव चिंदड़।
आम बजट से उम्मीद थी कि किसानों के लिए यह बजट लाभकारी होगा। हालांकि इस बजट से उन्हें कुछ लाभ नहीं मिला। नारियल ओर ड्राई फ्रूट्स को लेकर जो बजट दिया गया है। इन फलों की खेती प्रदेश में है नहीं।
रायसिंह, किसान भट्टू कलां।
सरकार को कृषि यंत्रों पर दी जा रही सब्सिडी को बढ़ाना चाहिए था और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त बजट होना चाहिए था। अगर कृषि यंत्रों को बढ़ावा मिलता है किसान नई तकनीकी खेती की ओर अग्रसर होंगे।
रामसिंह, किसान।
सेम की समस्या लगातार बढ़ रही है। अगर इस पर नियंत्रण किया जाता है तो सेमग्रस्त क्षेत्र के किसानों को राहत मिलेगी। पेश किए बजट में यह एक अच्छी घोषणा है।
राजेंद्र किसान।
