{"_id":"697f958667daece90809aa65","slug":"preparations-for-a-nationwide-strike-opposition-to-the-labor-code-and-privatization-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-147926-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: देशव्यापी हड़ताल की तैयारी, लेबर कोड और निजीकरण का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: देशव्यापी हड़ताल की तैयारी, लेबर कोड और निजीकरण का विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 01 Feb 2026 11:33 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद। हड़ताल की तैयारियों में जुटे सर्व कर्मचारी संघ के पदाधिकारीस्त्रोत संघ
विज्ञापन
फतेहाबाद। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर 12 फरवरी को होने वाली देशव्यापी हड़ताल की तैयारियों के लिए बिजली बोर्ड स्थित यूनियन कार्यालय में जन संगठनों की बैठक हुई। इसमें सर्व कर्मचारी संघ, सीटू, एटक, इंटक, रिटायर्ड कर्मचारी संघ और आईसीटीयू सहित विभिन्न परियोजनाओं के वर्कर्स ने हिस्सा लिया।
बैठक में मांग की गई कि 29 श्रम कानूनों को खत्म कर लागू किए गए चार लेबर कोड्स को तुरंत रद्द किया जाए। न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये लागू हो। आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील, वन मजदूर व ग्रामीण सफाईकर्मियों समेत सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। पुरानी पेंशन योजना की बहाली हो और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगे। इसके अलावा एमएसपी की कानूनी गारंटी हो, बिजली बिल, बीज विधेयक और वीबी-जी राम जी योजना को रद्द किया जाए।
बैठक को संबोधित करते हुए राजेश चौबारा, मुंशीराम कंबोज, सुभाष चंद्र चौहान, बेगराज और अन्य नेताओं ने कहा कि 21 नवंबर 2025 से लागू किए गए लेबर कोड मजदूरों को कॉरपोरेट का गुलाम बनाने की दिशा में एक कदम हैं। 8 घंटे काम के अधिकार को हरियाणा सरकार ने बदलकर 10 घंटे कर दिया है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि यूनियन बनाने और हड़ताल करने जैसे मौलिक अधिकारों को भी छीना जा रहा है। नेताओं ने आह्वान किया कि 12 फरवरी को हजारों की संख्या में मजदूर और किसान सड़कों पर उतरकर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष प्रदर्शन करेंगे। बैठक में भूप सिंह भडोलावाली, गगनदीप कौर, हरपाल सिंह, मदन सिंह, रामनिवास शर्मा, राजपाल मिताथल, सुनीता आदि शामिल रहे।
Trending Videos
बैठक में मांग की गई कि 29 श्रम कानूनों को खत्म कर लागू किए गए चार लेबर कोड्स को तुरंत रद्द किया जाए। न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये लागू हो। आंगनबाड़ी, आशा, मिड-डे मील, वन मजदूर व ग्रामीण सफाईकर्मियों समेत सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। पुरानी पेंशन योजना की बहाली हो और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगे। इसके अलावा एमएसपी की कानूनी गारंटी हो, बिजली बिल, बीज विधेयक और वीबी-जी राम जी योजना को रद्द किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
बैठक को संबोधित करते हुए राजेश चौबारा, मुंशीराम कंबोज, सुभाष चंद्र चौहान, बेगराज और अन्य नेताओं ने कहा कि 21 नवंबर 2025 से लागू किए गए लेबर कोड मजदूरों को कॉरपोरेट का गुलाम बनाने की दिशा में एक कदम हैं। 8 घंटे काम के अधिकार को हरियाणा सरकार ने बदलकर 10 घंटे कर दिया है।
नेताओं ने आरोप लगाया कि यूनियन बनाने और हड़ताल करने जैसे मौलिक अधिकारों को भी छीना जा रहा है। नेताओं ने आह्वान किया कि 12 फरवरी को हजारों की संख्या में मजदूर और किसान सड़कों पर उतरकर सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष प्रदर्शन करेंगे। बैठक में भूप सिंह भडोलावाली, गगनदीप कौर, हरपाल सिंह, मदन सिंह, रामनिवास शर्मा, राजपाल मिताथल, सुनीता आदि शामिल रहे।
