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Fatehabad News: गैस की कमी से बिगड़ा जायका, दाल वाले समोसे बनने बंद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 25 Mar 2026 11:17 PM IST
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रामस्वरूप पकौड़े वाले दुकान पर सिंपल समोसे और अन्य पकौड़े बनाते हुए कारीगर। संवाद
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फतेहाबाद। रसोई गैस की कमी का असर अब शहर के मशहूर खान-पान पर आने लगा है। शहर के कई प्रतिष्ठित दुकानों पर लोगों के मनपसंद जायके नजर नहीं आ रहे हैं। रामस्वरूप पकौड़े वाले के यहां खास दाल वाले समोसे फिलहाल बंद कर दिए गए हैं वहीं अन्य फास्टफूड संचालक भी अब कीमतों में बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं।
दुकान संचालक विजय मिड्ढा ने बताया कि भारी मात्रा में तेल गरम करने और दाल वाले समोसे के पकने में लंबा टाइम लगने के कारण गैस की ज्यादा खपत होती है। गैस की कमी के चलते फिलहाल इसे मैनेज करना मुश्किल हो गया है। मिड्ढा का कहना है कि अगर एलपीजी की किल्लत लंबे समय तक रही तो कई और आइटम भी कुछ समय के लिए बनानी स्थगित करनी पड़ सकती हैं। हालांकि वे विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं। फिलहाल ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बन पा रही है कि वे शहर के जायके को बनाए रख सकें।
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छोले-भटूरों की प्लेट पर भी महंगाई की मार, दाम बढ़ाने की तैयारी
किल्लत का असर सिर्फ उपलब्धता पर ही नहीं, बल्कि जेब पर भी पड़ने वाला है। शहर के अन्य छोले-पूरी और भटूरे बेचने वाले गोपाल दास ने बताया कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो उन्हें छोले-भटूरे और अन्य खाद्य पदार्थ के दाम में 5 से 10 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से बढ़ाने पड़ सकते हैं। दुकानदारों का तर्क है कि जिस तरह से उन्हें गैस सिलिंडर का इंतजाम करना पड़ रहा है इसका खामियाजा उनके साथ आमजन को भी भुगतना पड़ रहा है। गोपाल दास ने बताया कि छोटे भटूरे के दाम बढ़ाने के बारे में दो दिन पहले बैठक हुई थी। इसमें शहर के लगभग सभी छोले भटूरे का काम करने वाले दुकानदार या संचालक पहुंचे थे। जिसमें दाम बढ़ाने के लिए दुकानदारों ने चर्चा की है। दुकानदारों का कहना है कि एक दम दाम बढ़ाने की बजाय पहले दुकान पर सूचना लगाई जाएगी।
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शहर में फिलहाल गैस सिलिंडर की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग करवाने के 7 से 9 दिन बाद तक भी सिलिंडर की डिलीवरी घर नहीं पहुंच रही है। इस देरी से न केवल रसोई में अव्यवस्था बनी है बल्कि उन छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है जिनका काम पूरी तरह एलपीजी की आंच पर निर्भर है। गैस सिलिंडर लेने के लिए एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं। शहर के लोग तो परेशान हैं ही ग्रामीण इलाकों से भी लोग अपना कामकाज छोड़कर निजी वाहनों पर खाली सिलिंडर लादकर शहर की ओर दौड़ रहे हैं ताकि किसी तरह रिफिल मिल सके।
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गैस लेने के लिए लग रही लाइनें
शहर के मॉडल टाउन स्थित एजेंसी में पुलिस की मौजूदगी में काम चल रहा है। वहीं शहर के गीता मंदिर रोड पर गैस सिलिंडर लेने के लिए लंबी लाइन देखने का मिली। ग्रामीण रोहताश, सुनील, राजेंद्र, साहब राम आदि ने बताया कि बुकिंग करवाने के बाद वे खुद गैस सिलिंडर लेने के लिए पहुंचे है। गैस सिलिंडर नहीं होने से रोजमर्रा के काम रुके हुए हैं। महिलाओं को रसोई का काम करने में काफी परेशानी हो रही है। शहरों चूल्हे के लिए लकड़ी लेकर काम चलाना पड़ रहा है।
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विभाग की ओर से गठित टीमें गैस एजेंसी का निरीक्षण कर रही हैं। एजेंसी संचालकों को जल्द से जल्द गैस वितरण को लेकर निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को परेशानी न हो। जिले में गैस का पूरा स्टॉक है।
- कुशल पाल बुरा, डीएफएससी फतेहाबाद।
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दुकान संचालक विजय मिड्ढा ने बताया कि भारी मात्रा में तेल गरम करने और दाल वाले समोसे के पकने में लंबा टाइम लगने के कारण गैस की ज्यादा खपत होती है। गैस की कमी के चलते फिलहाल इसे मैनेज करना मुश्किल हो गया है। मिड्ढा का कहना है कि अगर एलपीजी की किल्लत लंबे समय तक रही तो कई और आइटम भी कुछ समय के लिए बनानी स्थगित करनी पड़ सकती हैं। हालांकि वे विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं। फिलहाल ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बन पा रही है कि वे शहर के जायके को बनाए रख सकें।
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छोले-भटूरों की प्लेट पर भी महंगाई की मार, दाम बढ़ाने की तैयारी
किल्लत का असर सिर्फ उपलब्धता पर ही नहीं, बल्कि जेब पर भी पड़ने वाला है। शहर के अन्य छोले-पूरी और भटूरे बेचने वाले गोपाल दास ने बताया कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो उन्हें छोले-भटूरे और अन्य खाद्य पदार्थ के दाम में 5 से 10 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से बढ़ाने पड़ सकते हैं। दुकानदारों का तर्क है कि जिस तरह से उन्हें गैस सिलिंडर का इंतजाम करना पड़ रहा है इसका खामियाजा उनके साथ आमजन को भी भुगतना पड़ रहा है। गोपाल दास ने बताया कि छोटे भटूरे के दाम बढ़ाने के बारे में दो दिन पहले बैठक हुई थी। इसमें शहर के लगभग सभी छोले भटूरे का काम करने वाले दुकानदार या संचालक पहुंचे थे। जिसमें दाम बढ़ाने के लिए दुकानदारों ने चर्चा की है। दुकानदारों का कहना है कि एक दम दाम बढ़ाने की बजाय पहले दुकान पर सूचना लगाई जाएगी।
शहर में फिलहाल गैस सिलिंडर की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग करवाने के 7 से 9 दिन बाद तक भी सिलिंडर की डिलीवरी घर नहीं पहुंच रही है। इस देरी से न केवल रसोई में अव्यवस्था बनी है बल्कि उन छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है जिनका काम पूरी तरह एलपीजी की आंच पर निर्भर है। गैस सिलिंडर लेने के लिए एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं। शहर के लोग तो परेशान हैं ही ग्रामीण इलाकों से भी लोग अपना कामकाज छोड़कर निजी वाहनों पर खाली सिलिंडर लादकर शहर की ओर दौड़ रहे हैं ताकि किसी तरह रिफिल मिल सके।
गैस लेने के लिए लग रही लाइनें
शहर के मॉडल टाउन स्थित एजेंसी में पुलिस की मौजूदगी में काम चल रहा है। वहीं शहर के गीता मंदिर रोड पर गैस सिलिंडर लेने के लिए लंबी लाइन देखने का मिली। ग्रामीण रोहताश, सुनील, राजेंद्र, साहब राम आदि ने बताया कि बुकिंग करवाने के बाद वे खुद गैस सिलिंडर लेने के लिए पहुंचे है। गैस सिलिंडर नहीं होने से रोजमर्रा के काम रुके हुए हैं। महिलाओं को रसोई का काम करने में काफी परेशानी हो रही है। शहरों चूल्हे के लिए लकड़ी लेकर काम चलाना पड़ रहा है।
विभाग की ओर से गठित टीमें गैस एजेंसी का निरीक्षण कर रही हैं। एजेंसी संचालकों को जल्द से जल्द गैस वितरण को लेकर निर्देश दिए हैं ताकि लोगों को परेशानी न हो। जिले में गैस का पूरा स्टॉक है।
- कुशल पाल बुरा, डीएफएससी फतेहाबाद।