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Fatehabad News: रेडक्रॉस सोसायटी को करनी होगी नशा पीड़ितों की पहचान, ड्रग विभाग को छापे मारने के निर्देश
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फतेहाबाद में नशे को लेकर बैठक करते हुए एसपी, मौजूद अधिकारी व सामाजिक संगठन के सदस्य स्त्रोत
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फतेहाबाद। जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रशासन, पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयासों को और तेज करने की दिशा में जिला सचिवालय में एनसीओआरडी (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर) के तहत उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने की।
बैठक का उद्देश्य नशा उन्मूलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर रणनीति को और प्रभावी बनाना रहा। इस दौरान नशा तस्करी पर रोक, तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने, उपचार और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने तथा जागरूकता अभियानों को व्यापक स्तर पर चलाने पर चर्चा हुई।
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि एनसीओआरडी एक मजबूत समन्वय मंच है, जहां विभिन्न विभाग मिलकर नशे के खिलाफ संयुक्त रूप से काम करते हैं। उन्होंने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती है, जिसके समाधान के लिए सभी की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में नशा तस्करी के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर अभियान चलाए जाएं और खुफिया तंत्र को मजबूत कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सप्लाई लाइन को खत्म किया जा सके। ड्रग कंट्रोल विभाग को मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए। रेडक्रॉस सोसायटी को नशा पीड़ितों के उपचार, काउंसिलिंग और पुनर्वास सेवाएं बढ़ाने के लिए कहा गया।
शिक्षा विभाग को स्कूलों और कॉलेजों में एंटी-ड्रग जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने और अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्वयंसेवी संस्थाओं और मीडिया की भूमिका को भी अहम बताते हुए अभियान को गांव और वार्ड स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। बैठक में सीटीएम गौरव गुप्ता, ड्रग कंट्रोल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी, पुलिस अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।
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बैठक का उद्देश्य नशा उन्मूलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर रणनीति को और प्रभावी बनाना रहा। इस दौरान नशा तस्करी पर रोक, तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने, उपचार और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करने तथा जागरूकता अभियानों को व्यापक स्तर पर चलाने पर चर्चा हुई।
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पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि एनसीओआरडी एक मजबूत समन्वय मंच है, जहां विभिन्न विभाग मिलकर नशे के खिलाफ संयुक्त रूप से काम करते हैं। उन्होंने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक चुनौती है, जिसके समाधान के लिए सभी की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में नशा तस्करी के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर अभियान चलाए जाएं और खुफिया तंत्र को मजबूत कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि सप्लाई लाइन को खत्म किया जा सके। ड्रग कंट्रोल विभाग को मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच के निर्देश दिए गए। रेडक्रॉस सोसायटी को नशा पीड़ितों के उपचार, काउंसिलिंग और पुनर्वास सेवाएं बढ़ाने के लिए कहा गया।
शिक्षा विभाग को स्कूलों और कॉलेजों में एंटी-ड्रग जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने और अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्वयंसेवी संस्थाओं और मीडिया की भूमिका को भी अहम बताते हुए अभियान को गांव और वार्ड स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। बैठक में सीटीएम गौरव गुप्ता, ड्रग कंट्रोल, स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी, पुलिस अधिकारी, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।