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Fatehabad News: भूना में हड्डा रोड़ी में मृत गोवंश के अवशेष मिले, जताया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 17 May 2026 10:58 PM IST
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भूना। हड्डारोड़ी में मृत गोवंश के अवशेष मिलने पर विरोध जताते ग्रामीण। संवाद
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भूना। उकलाना रोड स्थित हैफेड गोदाम के पास बनी हड्डा रोड़ी में मृत गोवंश के अवशेष मिलने पर रविवार को ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यहां मृत गाय, बैलों, सांड़ और बछड़ों को लाकर उनकी खाल उतारी जाती है और अवशेष खुले में डाल दिए जाते हैं।
ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद सहारनपुर निवासी युवक को खरी-खोटी सुनाई और प्रशासन के खिलाफ भी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि हड्डा रोड़ी में रोजाना 30 से 40 मृत गोवंश विभिन्न गोशालाओं और नंदीशालाओं से लाए जाते हैं।
यहां उनके अवशेषों को खुले में डालने और खाल उतारने का कार्य किया जाता है। इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। लोगों ने कहा कि हिंदू समाज में गाय और सांड़ पूजनीय हैं, ऐसे में उनके शवों के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।
किसान ओमप्रकाश ओला, ढाणी गोपाल के पूर्व सरपंच हनुमान सिंह पूनिया, कृष्ण कुमार, ढाणी भोजराज के ओम प्रकाश झाझड़ा, अजय कुमार, हनुमान ओला, बलजीत सिंह, होशियार सिंह, रामनिवास, श्यामलाल, पवन कुमार और संदीप कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले का नेटवर्क उत्तर प्रदेश से जुड़ा हुआ है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि मृत पशुओं को हड्डा रोड़ी में भेजने के बजाय नंदीशाला और गोशाला में दबाने के स्थायी प्रबंध किए जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि यहां मृत गोवंश लाया गया तो आंदोलन होगा।
ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद सहारनपुर निवासी युवक को खरी-खोटी सुनाई और प्रशासन के खिलाफ भी नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि हड्डा रोड़ी में रोजाना 30 से 40 मृत गोवंश विभिन्न गोशालाओं और नंदीशालाओं से लाए जाते हैं।
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यहां उनके अवशेषों को खुले में डालने और खाल उतारने का कार्य किया जाता है। इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। लोगों ने कहा कि हिंदू समाज में गाय और सांड़ पूजनीय हैं, ऐसे में उनके शवों के साथ इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।
किसान ओमप्रकाश ओला, ढाणी गोपाल के पूर्व सरपंच हनुमान सिंह पूनिया, कृष्ण कुमार, ढाणी भोजराज के ओम प्रकाश झाझड़ा, अजय कुमार, हनुमान ओला, बलजीत सिंह, होशियार सिंह, रामनिवास, श्यामलाल, पवन कुमार और संदीप कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले का नेटवर्क उत्तर प्रदेश से जुड़ा हुआ है।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि मृत पशुओं को हड्डा रोड़ी में भेजने के बजाय नंदीशाला और गोशाला में दबाने के स्थायी प्रबंध किए जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि यहां मृत गोवंश लाया गया तो आंदोलन होगा।