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Fatehabad News: राइस मिलर्स ने प्रशासन को चाबियां सौंपने की दी चेतावनी
Wed, 12 Aug 2026 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 12 Aug 2026 11:04 PM IST
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फतेहाबाद में डीसी को ज्ञापन सौंपते हुए राइस मिलर्स
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फतेहाबाद/कुलां। खरीफ वर्ष 2025-26 के सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) की डिलीवरी न लिए जाने और बैंक गारंटी व एफडीआर जारी न होने से परेशान जिलेभर के राइस मिलर्स ने बुधवार को उपायुक्त डॉ. विवेक भारती से मुलाकात की। अमन धारसूल की अध्यक्षता में पहुंचे मिलर्स ने डीसी को ज्ञापन सौंपकर जल्द डिलीवरी शुरू करवाने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तैयार चावल की डिलीवरी जल्द नहीं ली गई तो वे प्रशासन को राइस मिलों की चाबियां सौंप देंगे। मिलर्स ने बताया कि उनके पास चावल तैयार पड़ा है और वे सरकारी खरीद एजेंसियों को डिलीवरी देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
उन्होंने मांग की कि खरीद एजेंसियों को तैयार चावल तत्काल अपने गोदामों में उठाने के निर्देश दिए जाएं। डिलीवरी होते ही एफडी और बैंक गारंटी जारी की जाए। जिन मिलर्स का सीएमआर तैयार है उनकी डिलीवरी और भुगतान में देरी न की जाए।
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मिलर्स ने कहा कि गोदामों में जगह की कमी अथवा एजेंसियों की देरी से चावल खराब होता है या शॉर्टेज आती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित खरीद एजेंसी की होनी चाहिए। भविष्य में उन पर होल्डिंग चार्ज भी न लगाया जाए।
उन्होंने कहा कि समय पर सीएमआर की डिलीवरी नहीं होने पर पॉलिसी के अनुसार चावल एफसीआई को देना पड़ेगा, जबकि एफसीआई के पास भी पर्याप्त जगह नहीं है। मिलर्स ने डीसी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान करवाने की मांग की, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। इस दौरान कुलां के प्रधान निर्मल सिंह, शहरी रतिया के प्रधान सुखदीप सिंह, ग्रामीण रतिया के प्रधान जगविंदर सिंह और टोहाना के प्रधान जसपाल बांसल मौजूद रहे।
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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तैयार चावल की डिलीवरी जल्द नहीं ली गई तो वे प्रशासन को राइस मिलों की चाबियां सौंप देंगे। मिलर्स ने बताया कि उनके पास चावल तैयार पड़ा है और वे सरकारी खरीद एजेंसियों को डिलीवरी देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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उन्होंने मांग की कि खरीद एजेंसियों को तैयार चावल तत्काल अपने गोदामों में उठाने के निर्देश दिए जाएं। डिलीवरी होते ही एफडी और बैंक गारंटी जारी की जाए। जिन मिलर्स का सीएमआर तैयार है उनकी डिलीवरी और भुगतान में देरी न की जाए।
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मिलर्स ने कहा कि गोदामों में जगह की कमी अथवा एजेंसियों की देरी से चावल खराब होता है या शॉर्टेज आती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित खरीद एजेंसी की होनी चाहिए। भविष्य में उन पर होल्डिंग चार्ज भी न लगाया जाए।
उन्होंने कहा कि समय पर सीएमआर की डिलीवरी नहीं होने पर पॉलिसी के अनुसार चावल एफसीआई को देना पड़ेगा, जबकि एफसीआई के पास भी पर्याप्त जगह नहीं है। मिलर्स ने डीसी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान करवाने की मांग की, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके। इस दौरान कुलां के प्रधान निर्मल सिंह, शहरी रतिया के प्रधान सुखदीप सिंह, ग्रामीण रतिया के प्रधान जगविंदर सिंह और टोहाना के प्रधान जसपाल बांसल मौजूद रहे।