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स्वच्छ सर्वेक्षण : नुक्कड़ नाटक से दिया स्वच्छता का संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:13 PM IST
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फतेहाबाद के जगजीवनपुरा स्थित पार्क में नुक्कड़ नाटक के जरिए जागरूक करते हुए टीम सदस्यस्त्र
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फतेहाबाद। स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत नगर निकाय की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के दूसरे दिन रविवार को भी शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। नगर परिषद की ओर से बुलवाई गई नुक्कड़ नाटक टीम ने जगजीवनपुरा मोहल्ला स्थित पार्क और हंस मार्केट में प्रस्तुति देकर लोगों को स्वच्छता का महत्व समझाया।
कलाकारों ने गीत, संवाद और अभिनय के माध्यम से बताया कि स्वच्छ शहर का निर्माण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही संभव है। नाटक के दौरान लोगों को घरों और बाजारों में कूड़ा इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित डस्टबिन में डालने के लिए प्रेरित किया गया। टीम ने बताया कि कचरे का सही तरीके से पृथक्करण करने से न केवल सफाई व्यवस्था बेहतर होती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।
नाटक में विशेष रूप से चार प्रकार के डस्टबिन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कलाकारों ने बताया कि हरा डस्टबिन गीले कचरे जैसे सब्जियों के छिलके व खाद्य अवशेषों के लिए, नीला डस्टबिन सूखे कचरे जैसे कागज, प्लास्टिक और गत्ते के लिए उपयोग किया जाता है। वहीं काला डस्टबिन घरेलू अपशिष्ट और अन्य गैर-रीसाइकिल कचरे के लिए तथा लाल डस्टबिन सैनिटरी व जैविक रूप से संवेदनशील कचरे के सुरक्षित निस्तारण के लिए निर्धारित है।
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कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में डालने से उसके निस्तारण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया आसान हो जाती है। इस मौके पर स्वच्छ भारत मिशन के सिटी इंचार्ज कुमार सौरभ, रोहताश कुमार, एसआई महेश कुमार ने नागरिकों से स्वच्छ सर्वेक्षण में सक्रिय सहयोग देने, सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने तथा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की गई। लोगों ने भी स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।
कलाकारों ने गीत, संवाद और अभिनय के माध्यम से बताया कि स्वच्छ शहर का निर्माण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही संभव है। नाटक के दौरान लोगों को घरों और बाजारों में कूड़ा इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित डस्टबिन में डालने के लिए प्रेरित किया गया। टीम ने बताया कि कचरे का सही तरीके से पृथक्करण करने से न केवल सफाई व्यवस्था बेहतर होती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।
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नाटक में विशेष रूप से चार प्रकार के डस्टबिन के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कलाकारों ने बताया कि हरा डस्टबिन गीले कचरे जैसे सब्जियों के छिलके व खाद्य अवशेषों के लिए, नीला डस्टबिन सूखे कचरे जैसे कागज, प्लास्टिक और गत्ते के लिए उपयोग किया जाता है। वहीं काला डस्टबिन घरेलू अपशिष्ट और अन्य गैर-रीसाइकिल कचरे के लिए तथा लाल डस्टबिन सैनिटरी व जैविक रूप से संवेदनशील कचरे के सुरक्षित निस्तारण के लिए निर्धारित है।
कचरे को अलग-अलग डस्टबिन में डालने से उसके निस्तारण और पुनर्चक्रण की प्रक्रिया आसान हो जाती है। इस मौके पर स्वच्छ भारत मिशन के सिटी इंचार्ज कुमार सौरभ, रोहताश कुमार, एसआई महेश कुमार ने नागरिकों से स्वच्छ सर्वेक्षण में सक्रिय सहयोग देने, सार्वजनिक स्थलों को साफ रखने तथा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की गई। लोगों ने भी स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।