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Fatehabad News: परिवार हर अमावस्या को जाता था मुकाम
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 16 Jun 2026 12:52 AM IST
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गांव मताना के परिवार की घटना के बाद क्षतिग्रस्त कार। सोशल मीडिया
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फतेहाबाद। राजस्थान के श्रीडूंगरगढ़ में हेमासर के पास सोमवार दोपहर को हुए सड़क हादसे ने गांव मताना के ग्रामीणों को हिलाकर रख दिया। गांव मताना निवासी ओमप्रकाश के परिवार के 6 लोगों की मौत की सूचना के बाद गांव में चूल्हा तक नहीं जला। परिवार हर अमावस्या पर मुकाम में माथा टेकने के लिए जाता होता था।
इस बार गर्मियों की छुट्टियां होने के कारण तीन दोहती और एक पोता भी अपने नाना-नानी के साथ मुकाम गए थे। बेटी प्रोमिला भी साथ थी ग्रामीणों के अनुसार परिवार हंसते-खेलते हुए गांव लौट रहा था। ओमप्रकाश के एक बेटा सुरेंद्र और दो बेटियां प्रोमिला और बाला है। ग्रामीणों के मुताबिक ओमप्रकाश हर माह अमावस्या के दिन मुकाम जाते थे।
इसी के चलते शनिवार को पत्नी, बेटी, तीन दोहती और एक पोता को कार में लेकर रवाना हुए। सोमवार को मुकाम से लौट रहे थे और ट्रक से कार की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना के बाद बेटा सुरेंद्र और ग्रामीण घटनास्थल पर रवाना हुए। ओमप्रकाश की भोडिया खेड़ा रोड पर ढाणी बनी हुई है।
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15 दिन पहले हुए थे सेवानिवृत्त, एकत्रित हुआ था परिवार
ग्रामीणों के मुताबिक ओमप्रकाश 31 मई को ही डीडीपीओ कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्त पर घर पर पार्टी रखी गई थी। आयोजित कार्यक्रम में रिश्तेदारों के अलावा ग्रामीण भी एकत्रित हुए थे। ग्रामीणों के मुताबिक ओमप्रकाश के पास गांव में ही जमीन है और बेटा उसे संभाल रहा है।
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फेसबुक पर सक्रिय रहते थे ओमप्रकाश
सड़क दुर्घटना का शिकार हुए ओमप्रकाश सोशल मीडिया पर एक्टिव थे। मुकाम में जाने पर फोटो फेसबुक पर अपलोड करते थे। मार्च माह में जब गए थे तो वहां की फोटो डाली गई थी। हालांकि हाल की फोटो सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड नहीं थी।
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बेटी नहीं गई लेकिन बेटियों को भेजा
ग्रामीणों के मुताबिक ओमप्रकाश के एक बेटा और दो बेटियां है। एक बेटी भूना और एक अग्रोहा में विवाहित है। मुकाम में प्रोमिला गई लेकिन बाला रह गई। बाला की बेटियां अपने नाना के साथ गई थी। इस हादसे में दो दोहती की मौत हो चुकी जबकि एक की हालत नाजुक है। बेटा सुरेंद्र भी साथ नहीं गया था लेकिन बेटा रोबिन था जिसकी मौत हो चुकी है।
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आज पहुंचेगे शव
मृतकों के शव मंगलवार को दोपहर बाद तक पहुंच सकते हैं। गांव के सरपंच दलबीर वर्मा ने बताया कि ओमप्रकाश सुथार 31 मई को ही फतेहाबाद के डीडीपीओ कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए थे। घटना की सूचना के बाद ओमप्रकाश के बेटे और ग्रामीण रवाना हुए हैं।
इस बार गर्मियों की छुट्टियां होने के कारण तीन दोहती और एक पोता भी अपने नाना-नानी के साथ मुकाम गए थे। बेटी प्रोमिला भी साथ थी ग्रामीणों के अनुसार परिवार हंसते-खेलते हुए गांव लौट रहा था। ओमप्रकाश के एक बेटा सुरेंद्र और दो बेटियां प्रोमिला और बाला है। ग्रामीणों के मुताबिक ओमप्रकाश हर माह अमावस्या के दिन मुकाम जाते थे।
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इसी के चलते शनिवार को पत्नी, बेटी, तीन दोहती और एक पोता को कार में लेकर रवाना हुए। सोमवार को मुकाम से लौट रहे थे और ट्रक से कार की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना के बाद बेटा सुरेंद्र और ग्रामीण घटनास्थल पर रवाना हुए। ओमप्रकाश की भोडिया खेड़ा रोड पर ढाणी बनी हुई है।
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15 दिन पहले हुए थे सेवानिवृत्त, एकत्रित हुआ था परिवार
ग्रामीणों के मुताबिक ओमप्रकाश 31 मई को ही डीडीपीओ कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्त पर घर पर पार्टी रखी गई थी। आयोजित कार्यक्रम में रिश्तेदारों के अलावा ग्रामीण भी एकत्रित हुए थे। ग्रामीणों के मुताबिक ओमप्रकाश के पास गांव में ही जमीन है और बेटा उसे संभाल रहा है।
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फेसबुक पर सक्रिय रहते थे ओमप्रकाश
सड़क दुर्घटना का शिकार हुए ओमप्रकाश सोशल मीडिया पर एक्टिव थे। मुकाम में जाने पर फोटो फेसबुक पर अपलोड करते थे। मार्च माह में जब गए थे तो वहां की फोटो डाली गई थी। हालांकि हाल की फोटो सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड नहीं थी।
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बेटी नहीं गई लेकिन बेटियों को भेजा
ग्रामीणों के मुताबिक ओमप्रकाश के एक बेटा और दो बेटियां है। एक बेटी भूना और एक अग्रोहा में विवाहित है। मुकाम में प्रोमिला गई लेकिन बाला रह गई। बाला की बेटियां अपने नाना के साथ गई थी। इस हादसे में दो दोहती की मौत हो चुकी जबकि एक की हालत नाजुक है। बेटा सुरेंद्र भी साथ नहीं गया था लेकिन बेटा रोबिन था जिसकी मौत हो चुकी है।
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आज पहुंचेगे शव
मृतकों के शव मंगलवार को दोपहर बाद तक पहुंच सकते हैं। गांव के सरपंच दलबीर वर्मा ने बताया कि ओमप्रकाश सुथार 31 मई को ही फतेहाबाद के डीडीपीओ कार्यालय से सेवानिवृत्त हुए थे। घटना की सूचना के बाद ओमप्रकाश के बेटे और ग्रामीण रवाना हुए हैं।